{"_id":"60bb571dc2a6b160263798b6","slug":"world-environment-day-2021-67-lakh-saplings-in-36-nurseries-to-revive-environment-in-gorakhpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"World Environment Day 2021: पर्यावरण को संजीवनी देने के लिए 67 लाख पौधे 36 नर्सरियों में, पीपल और बरगद के पौधों की मांग अधिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
World Environment Day 2021: पर्यावरण को संजीवनी देने के लिए 67 लाख पौधे 36 नर्सरियों में, पीपल और बरगद के पौधों की मांग अधिक
Sat, 05 Jun 2021 04:21 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 05 Jun 2021 04:21 PM IST
सार
36 नर्सरियों में पौधों को संरक्षित रखने की जिम्मेदारी वन विभाग के पास। नर्सरियों में ऑक्सीजन देने वाले बरगद, पीपल व पाकड़ के पौधे अधिक।
विज्ञापन
विश्व पर्यावरण दिवस 2021।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पर्यावरण को हरा-भरा रखने के लिए इस बार गोरखपुर में 67 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य है। वन विभाग के रेंजर, फारेस्टर और माली कर्मियों ने मिलकर कोरोना काल में जिले की 36 नर्सरियों में लाखों पौधे उगा डाले हैं। नर्सरियों में अधिक ऑक्सीजन देने वाले पाकड़, बरगद और पीपल के पौधों को अधिक तैयार किया गया है।
डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि पौधों को लगाने की प्रक्रिया एक या दो दिनों की नहीं होती। पिछले वर्ष से नर्सरियों में पौधों के बीज लाकर पॉलिथीन समेत जमीन में लगा दिए गए थे। लॉकडाउन के दौरान वन विभाग के स्टाफ ने काम किया। इस समय सभी नर्सरियों में 67 लाख पौधे तैयार हो चुके हैं। इनमें इस वर्ष के तैयार किए 44 लाख पौधे शामिल हैं। पिछले वर्ष के बचे 22 लाख पौधे भी हैं। पौधरोपण के संबंध में शासनादेश के बाद पौधों को देना शुरू किया जाएगा।
पीपल और बरगद के पौधों की मांग अधिक
पौधरोपण के लिए पीपल, पाकड़ और बरगद के पौधों की मांग अन्य तरह के पौधों की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक है। कोरोना संक्रमण की वजह से लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है। लोग ऐसे पौधों की मांग कर रहे हैं जो अधिक मात्रा में ऑक्सीजन उत्सर्जित करते हैं। डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि वन विभाग के पास 34 नर्सरी हैं, जिनमें करीब 67 लाख पौधे तैयार हैं। जिसे भी पौधे लगाने हैं वह विनोद वन के पीछे रामगढ़ नर्सरी से पौधे ले सकता है। कुमार बताते हैं कि इस बार काफी संख्या में लोग ज्यादा ऑक्सीजन उत्सर्जित करने वाले पौधों की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि पौधों को लगाने की प्रक्रिया एक या दो दिनों की नहीं होती। पिछले वर्ष से नर्सरियों में पौधों के बीज लाकर पॉलिथीन समेत जमीन में लगा दिए गए थे। लॉकडाउन के दौरान वन विभाग के स्टाफ ने काम किया। इस समय सभी नर्सरियों में 67 लाख पौधे तैयार हो चुके हैं। इनमें इस वर्ष के तैयार किए 44 लाख पौधे शामिल हैं। पिछले वर्ष के बचे 22 लाख पौधे भी हैं। पौधरोपण के संबंध में शासनादेश के बाद पौधों को देना शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
पीपल और बरगद के पौधों की मांग अधिक
पौधरोपण के लिए पीपल, पाकड़ और बरगद के पौधों की मांग अन्य तरह के पौधों की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक है। कोरोना संक्रमण की वजह से लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है। लोग ऐसे पौधों की मांग कर रहे हैं जो अधिक मात्रा में ऑक्सीजन उत्सर्जित करते हैं। डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि वन विभाग के पास 34 नर्सरी हैं, जिनमें करीब 67 लाख पौधे तैयार हैं। जिसे भी पौधे लगाने हैं वह विनोद वन के पीछे रामगढ़ नर्सरी से पौधे ले सकता है। कुमार बताते हैं कि इस बार काफी संख्या में लोग ज्यादा ऑक्सीजन उत्सर्जित करने वाले पौधों की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन