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Gorakhpur News: महिला अस्पताल में अब रात में भी ऑपरेशन से प्रसव की सुविधा
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- एनेस्थेस्टिट के न होने से महिलाओं को करना पड़ रहा था मेडिकल कॉलेज रेफर
- अस्पताल में एक एनेस्थेस्टिट को संविदा पर किया गया तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। एनेस्थेटिस्ट की कमी पूरी होते ही जिला महिला अस्पताल में रात में भी ऑपरेशन से प्रसव (सिजेरियन) होने लगा है। इससे गर्भवती महिलाओं को राहत मिल गई है। इससे पहले शाम के बाद अस्पताल पहुंचने वाली गंभीर गर्भवती को तत्काल बीआरडी मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया जाता था। केवल दिन में ही सिजेरियन हो पाते थे।
पहले एक दिन में सात-आठ ऑपरेशन ही हो पाते थे। अब प्रतिदिन लगभग 20 ऑपरेशन किए जा रहे हैं। पिछले दो माह से अस्पताल में हर माह चार सौ से अधिक प्रसव ऑपरेशन से कराए गए। जबकि इसके पहले इनकी संख्या लगभग 100 होती थी। जिला महिला अस्पताल में कोई स्थायी एनेस्थेटिस्ट तैनात नहीं है।
सीएमओ ने दो एनेस्थेटिस्ट को जिला महिला अस्पताल से अटैच किया था। वे दिन में आते थे, इसलिए दिन में ही ऑपरेशन हो पाते थे। दिन में दो बजे के बाद सुबह आठ बजे तक ऑपरेशन बंद हो जाते थे। अब एक और एनेस्थेस्टिट को संविदा पर तैनात किया गया है। इससे सुबह आठ से रात 10 बजे तक ऑपरेशन से प्रसव संभव हो पा रहे हैं।
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एनेस्थेटिस्ट की पर्याप्त व्यवस्था हो गई है। प्रतिदिन 20 से अधिक सिजेरियन किए जा रहे हैं। सामान्य प्रसव की संख्या भी बढ़ी है। रात 10 बजे के बाद यदि गर्भवती गंभीर अवस्था में आती है तो उसे बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया जाता है, अन्यथा भर्ती कर लिया जाता है। दूसरे दिन ऑपरेशन किया जाता है।
- डॉ. जय कुमार, प्रमुख अधीक्षक, जिला महिला अस्पताल
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- अस्पताल में एक एनेस्थेस्टिट को संविदा पर किया गया तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। एनेस्थेटिस्ट की कमी पूरी होते ही जिला महिला अस्पताल में रात में भी ऑपरेशन से प्रसव (सिजेरियन) होने लगा है। इससे गर्भवती महिलाओं को राहत मिल गई है। इससे पहले शाम के बाद अस्पताल पहुंचने वाली गंभीर गर्भवती को तत्काल बीआरडी मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया जाता था। केवल दिन में ही सिजेरियन हो पाते थे।
पहले एक दिन में सात-आठ ऑपरेशन ही हो पाते थे। अब प्रतिदिन लगभग 20 ऑपरेशन किए जा रहे हैं। पिछले दो माह से अस्पताल में हर माह चार सौ से अधिक प्रसव ऑपरेशन से कराए गए। जबकि इसके पहले इनकी संख्या लगभग 100 होती थी। जिला महिला अस्पताल में कोई स्थायी एनेस्थेटिस्ट तैनात नहीं है।
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सीएमओ ने दो एनेस्थेटिस्ट को जिला महिला अस्पताल से अटैच किया था। वे दिन में आते थे, इसलिए दिन में ही ऑपरेशन हो पाते थे। दिन में दो बजे के बाद सुबह आठ बजे तक ऑपरेशन बंद हो जाते थे। अब एक और एनेस्थेस्टिट को संविदा पर तैनात किया गया है। इससे सुबह आठ से रात 10 बजे तक ऑपरेशन से प्रसव संभव हो पा रहे हैं।
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एनेस्थेटिस्ट की पर्याप्त व्यवस्था हो गई है। प्रतिदिन 20 से अधिक सिजेरियन किए जा रहे हैं। सामान्य प्रसव की संख्या भी बढ़ी है। रात 10 बजे के बाद यदि गर्भवती गंभीर अवस्था में आती है तो उसे बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया जाता है, अन्यथा भर्ती कर लिया जाता है। दूसरे दिन ऑपरेशन किया जाता है।
- डॉ. जय कुमार, प्रमुख अधीक्षक, जिला महिला अस्पताल