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कोरोना की जंग में महिलाएं आई सामने, समूह बनाकर ऐसे कर रही हैं देश की सेवा
Mon, 06 Apr 2020 12:53 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 06 Apr 2020 12:53 PM IST
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हाथ से बनाए जा रहे हैं मास्क।
- फोटो : अमर उजाला
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विश्व स्वास्थ्य संगठन से लेकर दुनिया के तमाम देशों द्वारा कोरोना वायरस से बचाव में मॉस्क को कारगर हथियार बताने के बाद जिले में भी इसकी पर्याप्त उपलब्धता को लेकर प्रयास शुरू हो गए हैं। इसी क्रम में महिला समूहों में काम करने वाले 118 महिलाओं को खादी के 64 हजार मास्क बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
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इसके लिए उन्हें 8000 मीटर खादी का कपड़ा उपलब्ध कराया गया है। इससे पहले बांसगांव, पाली, पिपराइच और ब्रहमपुर ब्लाक की महिला स्वयं सहायता समूह 10 हजार मॉस्क बना चुकी हैं, जिसे विभिन्न विभागों में इस्तेमाल के लिए देने के साथ ही बाजार में भी भेजा गया है।
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उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े 8 ब्लाक बांसगांव, पिपराइच, सहजनवा, भटहट, पाली, खजनी, ब्रह्मपुर, सरदारनगर के 24 स्वयं सहायता समूह को 14 अप्रैल तक 64 हजार मॉस्क और तैयार करने को कहा गया है।
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जिला मिशन प्रबंधक सचिन कुमार ने बताया कि समूह की महिला टीम लीडर को 31 मार्च को भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय से जारी ‘कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए मास्क का उपयोग’ की गाइड लाइन के मुताबिक मास्क तैयार करने के लिए प्रशिक्षण भी दिला दिया गया है।
वहीं उपायुक्त स्वत: रोजगार अवधेश राम ने बताया कि महिलाओं को कितना मेहनताना मिलेगा, यह अभी तय होना है। लेकिन इस पहल से समूह की महिलाओं को लॉकडाउन की अवधि में न केवल रोजगार मिलेगा, उन्हें आमदनी भी होगी।