इस एक गलती की वजह से चार दिन तक सदमे में रहा पूरा परिवार, सामने आई ये बड़ी बात
- चार दिन पहले पॉजिटिव, अब निगेटिव आई महिला की रिपोर्ट
- हॉटस्पॉट बनाए गए एरिया को फिर से किया जा रहा है सामान्य
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कोरोना जांच में बड़ी लापरवाही सामने आई है। करीमनगर की जिस महिला को स्वास्थ्य विभाग ने चार दिन पहले कोरोना पॉजीटिव बताया था अब उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। रिपोर्ट आने के बाद घरवालों ने राहत की सांस ली लेकिन इस गलती की वजह से चार दिन तक पूरा परिवार सदमे में रहा।
उधर, उस इलाके को हॉटस्पॉट बना दिया गया था जिसे अब सामान्य किया जा रहा है। इस लापरवाही पर महिला के बेटे ने कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही कहा कि मां 2012 के बाद दिल्ली नहीं गई हैं, फिर भी ट्रैवल हिस्ट्री दिखाकर कोरोना का मरीज बता दिया गया। इससे पूरा परिवार व कारोबार प्रभावित हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, करीमनगर की एक महिला की चार दिन पहले तबीयत खराब हुई थी। घरवाले उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मेडिसिन वार्ड में भर्ती कराया। संदेह होने पर उसका नमूना कोरोना जांच के लिए भेजा गया। तीन दिन पहले प्रशासन को इस बात की सूचना मिली कि महिला संक्रमित है।
बीआरडी प्रशासन ने इसे शासन के पोर्टल पर अपलोड कर दिया। इसके बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने पुलिस की मदद से महिला के घर के आसपास के एरिया को सील कर दिया। वहां बैरिकेडिंग कर पुलिस तैनात कर दी।
उधर सोमवार को बीआरडी प्रशासन को चूक का पता चला। बीआरडी प्रशासन ने महिला के कोरोना निगेटिव होने की रिपोर्ट जारी की। इतना ही नहीं शासन के पोर्टल पर भी उसे सुधार दिया। महिला की निगेटिव रिपोर्ट जारी होने के बाद हड़कंप मच गया। आनन-फानन में प्रशासन ने हॉटस्पॉट एरिया के सामान्य एरिया में तब्दील करने की कवायद शुरू कर दी।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने पॉजिटिव रिपोर्ट दी थी। अब उन्होंने निगेटिव दे दी है। मैंने जिला प्रशासन को महिला के घर के आसपास कंटेनमेंट जोन खत्म करने के लिए जानकारी दे दी है।