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कोरोना का डर: आठ महीने पहले उखड़ा था कंधा, नहीं कराया इलाज, गल गई हड्डी
Fri, 28 May 2021 08:41 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 28 May 2021 08:41 PM IST
सार
बीआरडी के डॉ अमित मिश्रा ने किया ऑपरेशन, जंगल कौड़िया की रहने वाली है महिला
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ऑपरेशन। (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर में कोरोना महामारी का खौफ लोगों में इस कदर है कि वह इलाज के लिए जिला अस्पताल तक नहीं जा रहे हैं। ऐसा ही मामला जिले के जंगल कौड़िया में सामने आया है। यहां की रहने वाली एक महिला कोरोना के डर से उखड़े कंधे का आठ महीने तक इलाज ही नहीं कराई। इसकी वजह से उसके कंधे की मांसपेशी फट गई। एक तरफ की हड्डी भी गल गई। अब ऑपरेशन कर कंधे को सेट किया गया है।
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जानकारी के मुताबिक, जंगल कौड़िया की रहने वाली पूनम सिंह का बाएं तरफ का कंधा आठ महीने पहले उखड़ गया था। उस समय कोरोना के मरीज मिल रहे थे। पहली लहर की वजह से लोग डरे हुए भी थे। इस बीच पूनम को दर्द हो रहा था। लेकिन वह दर्द की दवा से काम चलाकर कोरोना की वजह से किसी अस्पताल में इलाज कराने नहीं गई। इस बीच घर के पास के युवक ने उखड़े कंधे के आसपास पट्टी बांध दी। इससे दर्द से राहत तो मिली मगर कंधा सेट नहीं हुआ।
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इस बीच पट्टी बांधने से कंधा तो लॉक हो ही गया। लेकिन पूनम की परेशानी और बढ़ गई। बाए हाथ की ताकत खत्म होने लगी। बाएं हाथ से कोई काम नहीं कर पा रही थी। बायां हाथ काम करना बंद हुआ तो पूनम के परिजन परेशान हुए। उन्होंने पूनम को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमित मिश्रा से संपर्क किया। उन्होंने कंधे की एमआरआई कराई। एमआरआई में पता चला कि कंधा सेट नहीं है। कंधे की आसपास की मांसपेशियां फट गई हैं। कंधे की हड्डी का कुछ हिस्सा गल गया है।
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कंधे में जोड़नी पड़ी नई हड्डी
डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि ऑपरेशन किया गया। इस दौरान गली हुई हड्डी की जगह पर कंधे के एक हिस्से से हड्डी काटकर जोड़ा गया। उसके बाद फटी मांसपेशियों की मरम्मत की गई। अंत में कंधे को सेट किया गया। इस प्रक्रिया को लेटर जेट प्रोसीजर कहते हैं। ऑपरेशन के बाद मरीज के कंधे का दर्द कम हो गया है। मरीज के हाथ में ताकत लौटने लगी है। मरीज को सामान्य कंधे की चाल को प्राप्त करने में दो से तीन महीने का समय लगेगा। इसके बाद वह पूरी तरह से ठीक हो जाएगी।