खुशखबर: गोरखपुर डीएम की खास पहल, गांव में इलाज के साथ ही अब जमीन के विवाद भी सुलझाए जाएंगे
- डीएम ने 50 मेडिकल टीमें बनाईं, रोजाना दो गांवों में ओपीडी लगाएगी प्रत्येक टीम
- मेडिकल टीम के साथ ही राजस्व टीम भी होगी, गांव के जमीन से जुड़े मामले सुलझाएगी
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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने अनूठी पहल की है। अब गांव में एक ही समय पर बीमारों के इलाज के साथ ही राजस्व संबंधी विवाद भी सुलझाए जाएंगे।
इसके लिए 50 मेडिकल टीमें बनाई गईं हैं। जो रोजाना दो-दो गांवों में ओपीडी लगाकर बीमार लोगों को इलाज मुहैया कराएंगी। प्रत्येक टीम के साथ राजस्व टीम भी संबंधित गांव में जाएगी।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन का कहना है कि 15 दिन के भीतर स्वास्थ्य और राजस्व की टीमें सभी 1352 ग्राम पंचायतों में कैंप लगाने का अभियान पूरा कर लेंगी। जल्द ही ये टीमें गांवों में दस्तक देना शुरू कर देंगी। डीएम का कहना है कि छूट मिलने के साथ ही लोगों की आवाजाही भी बढ़ गई है। इलाज के लिए लोग अस्पतालों में भीड़ न लगाएं, इसलिए गांवों में ही ओपीडी लगाने का निर्णय किया गया है।
इससे गंभीर बीमारियों को छोड़ बाकी सभी बीमारियों का ग्रामीणों को उनके घर पर ही इलाज मिल जाएगा। इसी तरह बड़ी संख्या में लोग बाहर से अपने गांव पहुंचे हैं, जिससे जमीन संबंधी विवाद बढ़ गए हैं। इनके निस्तारण के लिए लोगों को तहसील और कलेक्ट्रेट का चक्कर न लगाने पड़े, इसलिए मेडिकल टीम के साथ ही राजस्व टीम को भी सभी गांवों में भेजने का निर्णय किया गया है।
तैयार हो रहा रोस्टर, दो दिन पहले होगी मुनादी
मेडिकल और राजस्व टीम के गांव पहुंचने को लेकर रोस्टर तैयार किया जा रहा है। ओपीडी लगने वाले गांवों में दो दिन पहले से ही मुनादी आदि के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण इस व्यवस्था का लाभ उठा सकें। मेडिकल टीम में सीएचसी-पीएचसी, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक शामिल हैं। इसमें एम्स के भी चिकित्सकों को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
छोटी जांच भी करा सकेंगे, दवाएं भी मिलेंगी
डीएम ने बताया कि ओपीडी के साथ ही ब्लड-शुगर समेत छोटी-मोटी जांच की भी सुविधा रहेगी। अगर कोई गंभीर मरीज मिला तो उसे समय देकर जिला अस्पताल बुलाया जाएगा। जहां उसकी जांच कराई जाएगी। ओपीडी में मरीजों को परामर्श के साथ ही नि:शुल्क दवाएं भी दी जाएंगी।