UP News: गोरखपुर में हिस्ट्रीशीट खोली तो जेल गए बदमाश, 14 गैंगस्टरों की संपत्तियां जब्त
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि गंभीर अपराध करने के अभियुक्त और पेशेवर बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। बदमाशों पर गैंगस्टर का केस दर्ज किया गया, ताकि वह जमानत न पा सकें। गैंगस्टर के आरोपियों की संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की गई। अपराध में लिप्त बदमाशों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी। कोशिश यही है कि पेशेवर बदमाश जेल में ही बंद रहें।
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माफिया पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुधीर सिंह हो या फिर सपा नेता हिस्ट्रीशीटर अखिलेश उर्फ भोला यादव, इनकी संपत्ति जब्त हुई या फिर बुलडोजर चला। डीआईजी बंगला के पास नर्सिंग होम पर फायरिंग करने वालों सहित 37 बदमाशों पर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई कर उनकी जमानत की राह को कठिन कर दिया। साथ ही इनकी संपत्तियों को जब्त कर लिया गया। कइयों की संपत्तियों का ब्योरा अभी पुलिस जुटा भी रही। अलग-अलग मामलों में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटरों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा।
पुलिस की मंशा है कि बदमाश जेल में ही रहें। जेल से बाहर आने पर फिर अपराध करेंगे। इसी वजह से पुलिस ने बदमाशों की गर्दन दबोच कर उन्हें जेल के सलाखों के पीछे धकेल दिया। पुलिस के मुताबिक, गैंगस्टर की कार्रवाई व हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद जमानत की राह कठिन हो जाती है।
जानकारी के मुताबिक, पिछले साल 2021 में छह महीने (फरवरी से जुलाई) में 22 पेशेवर बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। वहीं, इस साल महज ढाई महीने में 23 बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोलकर निगरानी शुरू कर दी। कोर्ट से जमानत पाकर हिस्ट्रीशीटर बाहर न आने पाएं, इसके लिए पुलिस साक्ष्यों के साथ पैरवी भी कर रही है।
यह कार्रवाई एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के आदेश पर की जा रही है। इसी तरह पिछले साल 18 गैंग पंजीकृत थे, जबकि इस ढाई महीने में 11 गैंग पंजीकृत कर 37 बदमाशों का नाम शामिल किया गया। पुलिस ने इस अवधि में ही सात मामलों में 14 बदमाशों की तीन करोड़ 71 लाख 982 रुपये की संपत्तियां जब्त की। ..
इनकी खोली गई हिस्ट्रीशीट
राजघाट के चकरा अव्वल निवासी किशुन कुमारी उर्फ पंडिताइन, अमरूद मंडी निवासी श्याम सोनकर, श्रीचन्द, राजघाट के मुजम्मिल शेख, मियां बाजार के हेमंत कुमार उर्फ हुटरू, बड़गो के अभिषेक धर दुबे, असुरन के मनोज सोनकर, झंगहा के सोनू प्रजापति, बांसगांव के भिउरा निवासी राजेश मौर्या, सुरेंद्र मौर्या, सहजनवां इलाके के बनकटिया निवासी शशिकपूर साहनी, रामगढ़ताल के बड़गो निवासी इरफान अली, सिकरीगंज के मलांव निवासी जयकिशुन, हरपुर बुदहट इलाके के रघुनाथपुर निवासी राजेश उर्फ पप्पू शुक्ला, रामगढ़ताल इलाके के कजाकपुर निवासी कपिलमुनि यादव, कांशीराम कॉलोनी निवासी विनय उर्फ प्रिंस दुबे, शाहपुर के घोषीपुरवा निवासी अजय कुमार गुप्ता, खोराबार के जंगल केवटलिया निवासी वीर बहादुर निषाद और खोराबार के जंगल केवटलिया निवासी मोनू कुमार निषाद की हिस्ट्रीशीट खोली गई।
140 हिस्ट्रीशीटर जेल में, सर्वाधिक चौरीचौरा में
जिले में कुल 1505 हिस्ट्रीशीटर हैं। इनमें से 135 निष्क्रिय हैं। कुछ उम्र के उस पड़ाव पर हैं कि वे अपराध नहीं कर सकते तो कइयों ने अपराध से तौबा कर ली है। पुलिस के मुताबिक 1370 हिस्ट्रीशीटर अब भी सक्रिय हैं, इनमें से 140 को पुलिस जेल भेज चुकी है। गोरखपुर जिले के पुराने रिकॉर्ड में चौरीचौरा थाने में सर्वाधिक 102 हिस्ट्रीशीटर हैं। इनमें से 12 निष्क्रिय हैं।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि गंभीर अपराध करने के अभियुक्त और पेशेवर बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। बदमाशों पर गैंगस्टर का केस दर्ज किया गया, ताकि वह जमानत न पा सकें। गैंगस्टर के आरोपियों की संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की गई। अपराध में लिप्त बदमाशों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी। कोशिश यही है कि पेशेवर बदमाश जेल में ही बंद रहें।
केस एक
13 सितंबर को माफिया सुधीर सिंह के बेलीपार में स्थित 2,150 करोड़ की संपत्ति को जब्त कर लिया गया। इसके साथ ही पुलिस ने उसके खाते को सीज किया, जिसमें 10.20 लाख रुपये मौजूद थे। इसके पहले भी पुलिस ने सुधीर सिंह पर 31 मई और 20 दिसंबर को संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की थी।
केस दो
31 अगस्त को गोरखपुर में स्मैक के धंधे की शुरुआत करने वाली किशुन कुमारी उर्फ पंडिताइन समेत 9 बदमाशों की पुलिस ने हिस्ट्रीशीट खोली। इसमें मारपीट, बलवा के आरोपी मियां बाजार के हेमंत कुमार को भी पुलिस ने शामिल किया। पंडिताइन के भी संपत्ति का ब्योरा पुलिस ने जुटा लिया है।
केस तीन
दस अगस्त को पीपीगंज में हिस्ट्रीशीटर व सपा नेता अखिलेश उर्फ भोला यादव के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला। यह कार्रवाई भी पुलिस की रिपोर्ट के बाद हुई थी। दराअसल, हिस्ट्रीशीटर मारपीट किया था, जिसके बाद उसके अवैध संपत्ति को लेकर पुलिस ने रेलवे को पत्र लिखा और कार्रवाई हुई।