खैरियत: मैदान पर गिरीं फुटबॉलर उबरीं...गोल मारकर टीम को बनाया अजेय
प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों की फिटनेस की देखरेख कर रहे डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव की वजह से खिलाड़ियों को सांस लेने में दिक्कत आई थी। श्रुति मैदान पर ठीक हो गई, लेकिन शैवी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
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हाल ही में बैडमिंटन खिलाड़ी के समेत दो युवाओं की दिल का दौरा पड़ने से मौत और कई युवाओं की गंभीर बीमारी की खबरों से लोग डरे हुए हैं। यही वजह रही कि सोमवार को रीजनल स्टेडियम में राज्य स्तरीय सीनियर महिला फुटबाल प्रतियोगिता चल रही थी।
चौथे दिन के मैच के दौरान आगरा टीम की दो खिलाड़ियों की तबीयत बिगड़ गई। शैवी को सांस लेने में दिक्कत हुई और वह ग्राउंड पर बेहोश होकर गिर गई। स्टेडियम में हडकंप मच गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात तबीयत ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया गया।
वहीं, दूसरी खिलाड़ी श्रुति को ग्राउंड पर ही प्राथमिक उपचार से राहत मिल गई थी। अस्पताल से लौटी बहादुर बिटिया शैवी ने मंगलवार को न सिर्फ मैच खेला, बल्कि अंतिम क्षणों में निर्णायक गोल दागकर अपनी टीम को जीत दिला दी। श्रुति भी पूरे दमखम के साथ मैदान पर उतरी और कई बार अपनी टीम के लिए गोल बचाया।
सोमवार को मैदान पर खेलते समय दो खिलाड़ियों के अचानक बीमार पड़ने दूसरी टीमों के खिलाड़ी और स्टाफ दहशत में थे। मंगलवार को आगरा बनाम लखनऊ का मैच रोमांचक तरीके से चल रहा था, लेकिन पहले हाफ में कोई गोल नहीं हुआ। दूसरे हाफ में भी कई मौके बने, लेकिन गोल में तब्दील नहीं हो पाए। रात में अस्पताल से लौटी शैवी ने समय पूरा होने से दो मिनट पहले गोल दागकर टीम को बढ़त दिला दी। इसके बाद लखनऊ के खिलाड़ियों ने काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। अंतत: आगरा ने लखनऊ को 1-0 से पराजित कर दिया।
प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों की फिटनेस की देखरेख कर रहे डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव की वजह से खिलाड़ियों को सांस लेने में दिक्कत आई थी। श्रुति मैदान पर ठीक हो गई, लेकिन शैवी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कुछ देर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहने के बाद उसकी हालत सुधर गई। डॉक्टरों ने चेकअप करके उसे देर रात डिस्चार्ज कर दिया। दोनों खिलाड़ियों ने अपनी टीम के लिए मैच में प्रतिभाग किया।