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Gorakhpur News: नदी और तटबंध के बीच बसे आधा दर्जन गांवों पर मंडराने लगा बाढ़ का खतरा
Wed, 09 Aug 2023 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 09 Aug 2023 12:45 AM IST
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दुबौलिया क्षेत्र के सुविका बाबू गांव के चारो तरफ फैला बाढ का पानी ।
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दुबौलिया/ बस्ती। सरयू नदी का प्रवाह लाल निशान के करीब पहुंच गया है। नदी लाल निशान से महज दस सेंटीमीटर नीचे बह रही है, जिससे नदी और तटबंध के बीच बसे आधा दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार मंगलवार की शाम जलस्तर 92.630 मीटर स्थिर बताया गया। यह खतरे के निशान 92.730 मीटर से महज दस सेंटीमीटर नीचे है।
चौबीस घंटे में 25 सेंटीमीटर जलस्तर में बढ़त दर्ज की गई है। उधर तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है। पानी लगातार माझा के निचले इलाकों में फैल रहा है। सुविका बाबू गांव को जोड़ने वाले पगडंडी रास्ते पर जगह-जगह घुटने तक पानी भर गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है। देर रात तक सुविका बाबू गांव के बाढ़ के पानी से घिर जाने की आंशका है। वहीं अशोकपुर ग्राम पंचायत के कुछ पुरवे भुवरिया, टेढवा, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, बरदियालोहार ग्राम पंचायत के सरवरपुर, पूरेमोतीराम, आदि पुरवों के सिवान में बाढ़ का पानी फैलने लगा है।
अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर के कटरिया गांव के सामने बने ठोकर पर नदी का दबाव और बढ़ गया है। यहां बाढ़ खंड ने निगरानी बढ़ा दिया है। इस ठोकर के पूरब की तरफ बैकरोल से कटान भी शुरू हो गई है। इसी तटबंध पर खजांचीपुर गांव के सामने से लेकर खलवा गांव तक पानी का तेज दबाव बना हुआ है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर भी टकटकवा से लेकर दलपतपुर गांव तक तटबंध पर नदी का दबाव बरकरार है। माझा देवारागंगबरार की दूसरी सोती में मंगलवार को भी मध्यम गति से कटान शुरू हो गई है। किशुनपुर- मोजपुर रिंगबाध की तरफ भी नदी का पानी बढ़ रहा है। बाढ़ खंड की कटरिया-चांदपुर तटबंध की खलवा चौकी वा गौरा-सैफाबाद तटबंध की पारा बाढ़ चौकी सक्रिय है। यहां अवर अभियंता लगातार कैंप कर रहे हैं। अधिशाषी अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि जलस्तर बढ़ रहा है। बाढ़ चौकियां सक्रिय है। तटबंध पर लगातार निगरानी की जा रही है।
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बारिश बंद से मिली राहत
सोमवार से बारिश बंद है। जिससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में काफी राहत महसूस की जा रही है। क्योंकि नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के साथ लगातार बारिश होने से तटवर्ती गांवों में जलभराव का संकट और गहरा जाता है। इससे अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। फिलहाल अभी सिर्फ नदी का पानी ही फैल रहा है, जिससे भगदड़ और पलायन की स्थिति नहीं है। ग्रामीण नदी के जलस्तर पर टकटकी लगाए हुए हैं।
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चौबीस घंटे में 25 सेंटीमीटर जलस्तर में बढ़त दर्ज की गई है। उधर तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है। पानी लगातार माझा के निचले इलाकों में फैल रहा है। सुविका बाबू गांव को जोड़ने वाले पगडंडी रास्ते पर जगह-जगह घुटने तक पानी भर गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है। देर रात तक सुविका बाबू गांव के बाढ़ के पानी से घिर जाने की आंशका है। वहीं अशोकपुर ग्राम पंचायत के कुछ पुरवे भुवरिया, टेढवा, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, बरदियालोहार ग्राम पंचायत के सरवरपुर, पूरेमोतीराम, आदि पुरवों के सिवान में बाढ़ का पानी फैलने लगा है।
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अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर के कटरिया गांव के सामने बने ठोकर पर नदी का दबाव और बढ़ गया है। यहां बाढ़ खंड ने निगरानी बढ़ा दिया है। इस ठोकर के पूरब की तरफ बैकरोल से कटान भी शुरू हो गई है। इसी तटबंध पर खजांचीपुर गांव के सामने से लेकर खलवा गांव तक पानी का तेज दबाव बना हुआ है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर भी टकटकवा से लेकर दलपतपुर गांव तक तटबंध पर नदी का दबाव बरकरार है। माझा देवारागंगबरार की दूसरी सोती में मंगलवार को भी मध्यम गति से कटान शुरू हो गई है। किशुनपुर- मोजपुर रिंगबाध की तरफ भी नदी का पानी बढ़ रहा है। बाढ़ खंड की कटरिया-चांदपुर तटबंध की खलवा चौकी वा गौरा-सैफाबाद तटबंध की पारा बाढ़ चौकी सक्रिय है। यहां अवर अभियंता लगातार कैंप कर रहे हैं। अधिशाषी अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि जलस्तर बढ़ रहा है। बाढ़ चौकियां सक्रिय है। तटबंध पर लगातार निगरानी की जा रही है।
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बारिश बंद से मिली राहत
सोमवार से बारिश बंद है। जिससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में काफी राहत महसूस की जा रही है। क्योंकि नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के साथ लगातार बारिश होने से तटवर्ती गांवों में जलभराव का संकट और गहरा जाता है। इससे अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। फिलहाल अभी सिर्फ नदी का पानी ही फैल रहा है, जिससे भगदड़ और पलायन की स्थिति नहीं है। ग्रामीण नदी के जलस्तर पर टकटकी लगाए हुए हैं।