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अलकनंदा हॉस्टल : खाने में मिला कीड़ा, छात्राओं की शिकायत पर हटा कैटरर
Mon, 24 Aug 2026 02:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 24 Aug 2026 02:41 AM IST
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गोरखपुर। अलकनंदा महिला छात्रावास में भोजन की थाली में कीड़ा मिलने की शिकायत के बाद दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौजूदा कैटरर को हटा दिया है। सोमवार से छात्रावास की मेस व्यवस्था नए कैटरर के जिम्मे होगी। मेस के लिए नए सिरे से टेंडर की प्रक्रिया भी चल रही है।
छात्राओं की मांग पर मेनू में बैंगन की कलौजी शामिल की गई थी। करीब 120 छात्राओं और कर्मचारियों के लिए लगभग 250 कलौजियां तैयार हुई थीं। भोजन के दौरान एक छात्रा की थाली में रखी कलौजी में कीड़ा मिलने की शिकायत की गई। जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बची कलौजियों की जांच कराई। हालांकि किसी अन्य कलौजी में कीड़ा नहीं मिला और न ही किसी दूसरी छात्रा ने ऐसी शिकायत की।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कैटरर को हटाने का फैसला किया। प्रशासन का कहना है कि बरसात के मौसम में सब्जियों की सफाई और निरीक्षण के बाद ही भोजन तैयार कराया जाता है। छात्राओं की समिति भी भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और व्यवस्था की नियमित निगरानी करती है।
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कोट--
भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मेस व्यवस्था की निगरानी और कड़ी की जाएगी। साेमवार से नए कैटरर को मेस की जिम्मेदारी दी जाएगी। - प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, गोरखपुर विश्वविद्यालय
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छात्राओं की मांग पर मेनू में बैंगन की कलौजी शामिल की गई थी। करीब 120 छात्राओं और कर्मचारियों के लिए लगभग 250 कलौजियां तैयार हुई थीं। भोजन के दौरान एक छात्रा की थाली में रखी कलौजी में कीड़ा मिलने की शिकायत की गई। जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बची कलौजियों की जांच कराई। हालांकि किसी अन्य कलौजी में कीड़ा नहीं मिला और न ही किसी दूसरी छात्रा ने ऐसी शिकायत की।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कैटरर को हटाने का फैसला किया। प्रशासन का कहना है कि बरसात के मौसम में सब्जियों की सफाई और निरीक्षण के बाद ही भोजन तैयार कराया जाता है। छात्राओं की समिति भी भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और व्यवस्था की नियमित निगरानी करती है।
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भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मेस व्यवस्था की निगरानी और कड़ी की जाएगी। साेमवार से नए कैटरर को मेस की जिम्मेदारी दी जाएगी। - प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, गोरखपुर विश्वविद्यालय