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बाढ़: सरयू नदी के जलस्तर ने तोड़ा रिकार्ड, लाल निशान से 57 सेमी ऊपर पहुंचा
Sun, 24 Oct 2021 10:52 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 24 Oct 2021 10:52 AM IST
सार
सरयू में अचानक आई बाढ़ ने एक बार फिर कई गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई सड़कों पर फिर पानी चढ़ गया है। नदी कई स्थानों पर कटान कर रही है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सरयू के जलस्तर ने शनिवार को इस वर्ष का नया रिकॉर्ड बना दिया। अयोध्या में नदी शनिवार शाम को खतरे के निशान से 57 सेमी ऊपर पहुंच गई। इसी वर्ष पिछली बार आई बाढ़ के दौरान सरयू खतरे के निशान से अधिकतम 53 सेमी ऊपर गई थी। हालांकि राहत यह है कि जलस्तर बढ़ने की रफ्तार धीमी हो गई है।
सरयू में अचानक आई बाढ़ ने एक बार फिर कई गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई सड़कों पर फिर पानी चढ़ गया है। नदी कई स्थानों पर कटान कर रही है। गोला तसील मे रेग्यूलेटर से रिसाव होने लगा था। सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने रिसाव को बंद कराया। विभाग के अभियंताओं का अनुमान है कि नदी का जलस्तर कल से नीचे आने लगेगा। इसके बाद जलस्तर तेजी से कम होगा। क्योंकि सरयू गंगा में जाकर मिलती है। गंगा नदी का जलस्तर कम है इस कारण सरयू का जलस्तर तेजी से घट जाएगा।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता केके राय ने बताया कि एक स्थान पर रेग्यूलेटर में रिसाव हो रहा था उसे बंद कराया गया है। सभी तटबंध सुरक्षित हैं। लगातार निगरानी की जा रही है। खतरे की कोई बात नही है।
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सरयू में डूबे मुक्तिपथ पर बने 35 शवदाह प्लेटफार्म
सरयू बैराज से पानी छोड़ने का असर बड़हलगंज क्षेत्र के सरयू और राप्ती नदी पर खासा दिखाई पड़ रहा हैं। हालात यह है कि एक बार फिर तराई क्षेत्रों में नदी का पानी घुसने लगा हैं। सरयू नदी में बाढ़ के चलते मुक्तिपथ पर शवदाह के लिए बनाए गए 40 प्लेटफार्मो में से 35 नदी में डूब गए हैं। ऊपर बने पांच प्लेटफार्मों पर ही शवदाह हो रहा हैं। इससे शव जलाने वालों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा हैं।
सरयू व राप्ती नदी की उफान से तटवर्ती गांवों के ग्रामीण सहमे हैं। कई संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी आ चुका हैं जिससे आवागमन में परेशानी हो रही हैं। मोहनपौहरिया के विजयी नेता ने बताया कि सरकार यदि बाढ़ से बचाव के लिए गंभीर रहती तो बाढ़ से किसानों की फसल व गांव दोनों को सुरक्षित किया जा सकता हैं।
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सरयू में अचानक आई बाढ़ ने एक बार फिर कई गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई सड़कों पर फिर पानी चढ़ गया है। नदी कई स्थानों पर कटान कर रही है। गोला तसील मे रेग्यूलेटर से रिसाव होने लगा था। सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने रिसाव को बंद कराया। विभाग के अभियंताओं का अनुमान है कि नदी का जलस्तर कल से नीचे आने लगेगा। इसके बाद जलस्तर तेजी से कम होगा। क्योंकि सरयू गंगा में जाकर मिलती है। गंगा नदी का जलस्तर कम है इस कारण सरयू का जलस्तर तेजी से घट जाएगा।
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सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता केके राय ने बताया कि एक स्थान पर रेग्यूलेटर में रिसाव हो रहा था उसे बंद कराया गया है। सभी तटबंध सुरक्षित हैं। लगातार निगरानी की जा रही है। खतरे की कोई बात नही है।
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सरयू में डूबे मुक्तिपथ पर बने 35 शवदाह प्लेटफार्म
सरयू बैराज से पानी छोड़ने का असर बड़हलगंज क्षेत्र के सरयू और राप्ती नदी पर खासा दिखाई पड़ रहा हैं। हालात यह है कि एक बार फिर तराई क्षेत्रों में नदी का पानी घुसने लगा हैं। सरयू नदी में बाढ़ के चलते मुक्तिपथ पर शवदाह के लिए बनाए गए 40 प्लेटफार्मो में से 35 नदी में डूब गए हैं। ऊपर बने पांच प्लेटफार्मों पर ही शवदाह हो रहा हैं। इससे शव जलाने वालों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा हैं।
सरयू व राप्ती नदी की उफान से तटवर्ती गांवों के ग्रामीण सहमे हैं। कई संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी आ चुका हैं जिससे आवागमन में परेशानी हो रही हैं। मोहनपौहरिया के विजयी नेता ने बताया कि सरकार यदि बाढ़ से बचाव के लिए गंभीर रहती तो बाढ़ से किसानों की फसल व गांव दोनों को सुरक्षित किया जा सकता हैं।