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बाढ़ अपडेट: बारिश से गोरखपुर में बह रहीं नदियों का बढ़ा जलस्तर, इन्होंने बढ़ाई चिंता
Wed, 21 Jul 2021 07:05 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 21 Jul 2021 07:05 PM IST
सार
घाघरा नदी खतरे के निशान से 34 व राप्ती 41 सेंटीमीटर नीचे, गोपलापुर में हो रहे कटान को विभाग ने पायलिंग कर रोका।
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गोरखपुर राप्ती नदी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर में दो दिनों से लगातार हो रही बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर दिखने लगा है। सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है पर सभी खतरे के निशान से नीचे हैं। हालांकि जलस्तर बढ़ने की यही रफ्तार रही तो कल तक अधिकतर नदियां खतरे के लाल निशन को पार कर जाएंगी। बढ़ते जलस्तर के कारण कई स्थानों पर नदी कटान भी कर रही है, जिसको लेकर विभाग सजग है।
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नेपाल की पहाड़ी से मैदानी इलाकों तक दो दिनों से लगातार हो रही बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर भी पड़ने लगा है। जनपद में बहने वाली सभी प्रमुख नदियां तेजी से बढ़ रही हैं। अयोध्या में घाघरा नदी खतरे के निशान से महज 34 सेंटीमीटर नीचे बह रही हैं।
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राप्ती नदी गोरखपुर में खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर नीचे बह रही हैं। इसके भी बढ़ने का क्रम जारी है। कई बार खतरे का निशान पार कर चुकी रोहिन नदी एक बार लाल निशान के करीब पहुंच गई है। वह खतरे के निशान से मात्र 22 सेंटीमीटर नीचे हैं। गोर्रा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है पर पिड़रा घाट में खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही हैं।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रूपेश कुमार खरे ने बताया कि नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। विभाग पूरी तरह से सतर्क है। बंधों पर सतत निगरानी जारी है। चौरीचौरा में गोपलापुर के पास राप्ती नदी पर कटान हो रहा था, वहां पर बल्ली की पायलिंग कर कटान को रोका गया है। बांध पूरी तरह से सुरक्षित हैं।