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जल निगम ने मानी अपनी गलती, सीवर लाइन का हुआ घटिया निर्माण, 30 अभियंताओं पर कार्रवाई शुरू

Wed, 18 Mar 2020 10:07 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 18 Mar 2020 10:07 AM IST
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Water corporation Take action against 30 engineers for poor construction in gorakhpur
नगर विधायक डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल। (file) - फोटो : अमर उजाला
पेयजल की पाइप लाइन बिछाने में घटिया पाइप लगाने और सीवर लाइन बिछाने में गड़बड़ी मिलने पर जल निगम ने गोरखपुर के 30 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इनमें से दो के खिलाफ चार्जशीट जारी कर दी गई।
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अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिशासी अभियंता से लेकर अवर अभियंता स्तर के कुल 30 इंजीनियरों में से नौ सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। जल निगम के प्रबंध निदेशक ने जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई संबंधी निर्देश जारी कर दिया है।
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वहीं जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर जल निगम के एमडी ने देवरिया रोड पर बन रहे नाले की गलत डिजाइन के आरोप को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए वाराणसी के जलनिगम के मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में एक जांच टीम भी गठित कर दी है।
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जांच दल के निर्णय को अंतिम माना जाएगा। इसके अलावा एमडी ने गोरखपुर के मुख्य अभियंता को गोरखपुर में जमीन में डाली गई सारी भूमिगत पाइपलाइनों की प्रेशर तकनीकी से जांच करके मुख्यालय को रिपोर्ट भेजने का भी निर्देश दिया है।

मानक के अनुरूप गुणवत्ता नहीं मिलने पर ठेकेदारों का भुगतान रोकने और खराब पाइप को बदलवाने का भी निर्देश दिया है। जल निगम के एमडी ने फोन करके नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल को कार्रवाई संबंधी जानकारी दी।
 

घटिया पाइप लाइन डालने के मामले में इन इंजीनियरों पर हुई कार्रवाई

आजाद नगर पंचपेड़वा में घटिया स्तर की फ टी हुई अधोमानक पाईप डालने का नगर विधायक का आरोप शासन स्तर पर सही पाया गया है। इस आधार पर कार्यरत अधिशासी अभियंता विक्रम सिंह, सहायक अभियंता आदर्श वर्मा, सुदेश कुमार, राजेश विश्वकर्मा, आनंद मिश्र, इंद्रसेन, एनके श्रीवास्तव, एएमएन मौर्या तथा श्रीराम गुप्ता तथा अवर अभियंता डीएन यादव, अभिषेक चौबे, उपहार गुप्ता, एसके चौधरी, एनडी सिंह, जगवंदन नंदू प्रसाद तथा मेराज अली प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं।

इसके अलावा अंडरग्राउंड पाइप डालने के मामले में दोषी पाए गए अधिशासी अभियंता सूरज लाल एवं एसपी द्विवेदी, सहायक अभियंता मो. रफी खान, दर्शन प्रसाद, परमजीत सिंह, एके सिंह तथा सुभाष चंद्र पांडेय एवं जूनियर इंजीनियर आरएन त्रिपाठी सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

सीवरलाइन बिछाने में लापरवाही और खराब सुपरवीजन का माना गया दोषी
वहीं नंदा नगर, दरगहिया, झरना टोला से लेकर मालवीयनगर होते हुए महादेवपुरम तक सीवर लाइन डालने के काम में लापरवाही, गलत नियोजन तथा खराब सुपरवीजन का आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर परियोजना प्रबंधक रतनसेन सिंह, सहायक अभियंता एनके श्रीवास्तव तथा पंकज एवं अवर अभियंता सुजीत चौरसिया के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की जा रही है।

देवरिया रोड पर बन रहे नाले की डिजाइन गलत, जांच के लिए टीम गठित

देवरिया रोड पर बन रहे नाले की डिजाइन शायद गलत हो सकती है। नाले की डिजाइनिंग करते समय इस तथ्य को ध्यान में रखना चाहिए था कि राप्ती नदी और तुर्रा नाले में 1998 तथा 2001 की बाढ़ दोबारा आ सकती है। इसलिए नाले का लेवल ऊंचा होना चाहिए।

साथ ही नाला शुरू होने की जगह से गुरुंग तिराहे का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की दूरी सिर्फ  एक किमी थी और तीन करोड़ में नाला बन सकता था तो क्यों 16 करोड़ की लागत से छह किमी लंबे नाले की डिजाइन बनाई गई। इसकी जांच के लिए वाराणसी जल निगम के मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में एक जांच टीम गठित की दी गई है जिसमें आईआईटी के एक प्रोफेसर को विशेषज्ञ राय के लिए रखा गया है।

जल निगम प्रबंध निदेशक विकास गोठनवाल ने कहा कि पानी की पाइपलाइन और सीवर लाइन डालने के मामले में हुई जांच में प्रथम दृष्टया जल निगम गोरखपुर के 30 अभियंताओं को दोषी पाया गया है। अधिशासी अभियंता विक्रम सिंह और रतनसेन सिंह को चार्जशीट जारी कर दी गई है। अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

तीन साल की लंबी लड़ाई के बाद मिली जीत: नगर विधायक
नगर विधायक डा. राधा मोहन दास अग्रवाल ने अपने बयान में कहा कि सत्य परेशान होता है लेकिन कभी पराजित नहीं होता है। अंतिम जीत सत्य की ही होती है। तीन साल लंबी लड़ाई को उन्होंने बहुत धैर्य के साथ दलीय अनुशासन की सीमा में रहते हुए लड़ने का काम किया है।

सत्ताधारी हर विधायक का मूल दायित्व है कि वह यह सुनिश्चित करे कि सरकार उसके क्षेत्र के विकास के लिए जितना धन भेज रही है, उसका पूरी इमानदारी के साथ और भ्रष्टाचार रहित तरीके से इस्तेमाल हो और वे उसी दायित्व को निभाते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। समय ने सिद्ध किया है कि वे ही सही हैं और उनके आलोचक गलत थे। यह उनकी अपनी नहीं बल्कि नागरिकों के हृदय में उनके प्रति विश्वास की जीत है।
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