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गोरखपुर में बवाल: जवान का पार्थिव शरीर पहुंचते हुए जुटने लगे थे ग्रामीण, जानिए क्या थीं इनकी मांगें
Sat, 26 Mar 2022 10:14 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 26 Mar 2022 10:14 AM IST
सार
ग्रामीण शहीद का दर्जा और परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। बहन को सरकारी नौकरी और धनंजय का शहीद स्मारक बनाने की भी मांग थी।
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गोरखपुर में बवाल: जवान का शव ले जाते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
जवान धनंजय यादव का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। वे सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि धनंजय को शहीद का दर्जा दिया जाए। बहन को सरकारी नौकरी और परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। धनंजय के नाम से शहीद स्मारक बनाया जाए।
इस संबंध में डीएम से बातचीत हो रही थी। इसी बीच कुछ अराजकतत्वों ने तोड़फोड़ और पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस के वाहन तोड़ने और पलटने के अलावा एक बाइक फूंक दी। झंगहा थाने की जीप समेत सात गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। जवाब में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। हल्का बल प्रयोग करके भीड़ को खदेड़ना पड़ा। फिलहाल, गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, झंगहा इलाके के राघोपट्टी पड़री निवासी रामनाथ यादव के इकलौते पुत्र धनंजय यादव (30) 2014 में सेना में भर्ती हुए थे। अभी उनकी तैनाती सिक्किम में थी। 22 मार्च की रात परिजनों को जानकारी मिली कि उनकी मौत हो गई है। यह सुनते ही परिवार के लोग सिक्किम चले गए थे।
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इसे भी पढ़ें: शहीद का दर्जा दिलाने को लेकर बवाल: सात घंटे तक मचा कोहराम, उग्र भीड़ पर दागे गए आंसू गैस के गोले
शुक्रवार को पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंचे। इसकी खबर फैलते ही आसपास के गांवों के लोग जुट गए। देखते ही देखते लोग सड़क पर उतर गए। पुलिस के अधिकारियों के समझाने का उन पर कोई असर नहीं हुआ। गुस्साए लोगों ने चौरीचौरा स्टेशन पहुंचकर रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया। शाम चार बजे से पांच बजे तक लोगों ने ट्रैक पर प्रदर्शन किया। इस बीच एक ट्रेन का संचालन बाधित रहा।
ट्रैक पर प्रदर्शन की सूचना पर चौरीचौरा के अलावा झंगहा पुलिस भी पहुंच गई और भीड़ को हटाया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए, लेकिन डीएम को बुलाने की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचे डीएम से वार्ता के बाद परिजन शांत हो गए और शव लेकर जाने को तैयार हो गए। इसी दौरान कुछ लोग उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
गोरखपुर जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने कहा कि पत्थरबाजी करके सरकारी वाहनों को तोड़फोड़ दिया। जान-माल का कोई नुकसान नहीं है। सारी घटना वीडियो में कैद है। उत्पात मचाने वाले एक-एक व्यक्ति की पहचान की जाएगी। उत्तर दायित्व तय करके आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस व प्रशासनिक अफसर कैंप कर रहे हैं। सैन्य अफसरों के आते ही सम्मानजनक तरीके से अंत्येष्टि कराई जाएगी।
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इस संबंध में डीएम से बातचीत हो रही थी। इसी बीच कुछ अराजकतत्वों ने तोड़फोड़ और पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस के वाहन तोड़ने और पलटने के अलावा एक बाइक फूंक दी। झंगहा थाने की जीप समेत सात गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। जवाब में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। हल्का बल प्रयोग करके भीड़ को खदेड़ना पड़ा। फिलहाल, गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है।
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जानकारी के अनुसार, झंगहा इलाके के राघोपट्टी पड़री निवासी रामनाथ यादव के इकलौते पुत्र धनंजय यादव (30) 2014 में सेना में भर्ती हुए थे। अभी उनकी तैनाती सिक्किम में थी। 22 मार्च की रात परिजनों को जानकारी मिली कि उनकी मौत हो गई है। यह सुनते ही परिवार के लोग सिक्किम चले गए थे।
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शुक्रवार को पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंचे। इसकी खबर फैलते ही आसपास के गांवों के लोग जुट गए। देखते ही देखते लोग सड़क पर उतर गए। पुलिस के अधिकारियों के समझाने का उन पर कोई असर नहीं हुआ। गुस्साए लोगों ने चौरीचौरा स्टेशन पहुंचकर रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया। शाम चार बजे से पांच बजे तक लोगों ने ट्रैक पर प्रदर्शन किया। इस बीच एक ट्रेन का संचालन बाधित रहा।
ट्रैक पर प्रदर्शन की सूचना पर चौरीचौरा के अलावा झंगहा पुलिस भी पहुंच गई और भीड़ को हटाया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए, लेकिन डीएम को बुलाने की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचे डीएम से वार्ता के बाद परिजन शांत हो गए और शव लेकर जाने को तैयार हो गए। इसी दौरान कुछ लोग उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
गोरखपुर जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने कहा कि पत्थरबाजी करके सरकारी वाहनों को तोड़फोड़ दिया। जान-माल का कोई नुकसान नहीं है। सारी घटना वीडियो में कैद है। उत्पात मचाने वाले एक-एक व्यक्ति की पहचान की जाएगी। उत्तर दायित्व तय करके आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस व प्रशासनिक अफसर कैंप कर रहे हैं। सैन्य अफसरों के आते ही सम्मानजनक तरीके से अंत्येष्टि कराई जाएगी।