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Gorakhpur News: डोमिनगढ़-डोहरिया मार्ग बंद करने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन, चार घंटे लगाया जाम
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- 20 गांवों के लोगाें के आवागमन का प्रमुख रास्ता बंद होने से ग्रामीणों में नाराजगी
- धरना-प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने खोदाई रुकवाई, प्रशासन ने रेल अधिकारियों से वार्ता कर रास्ता खुलवाया
गोरखपुर। डोमिनगढ़-डोहरिया मार्ग को रेलवे की ओर बंद किए जाने के विरोध में शनिवार सुबह ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। करीब चार घंटे तक प्रदर्शन के चलते आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह ने रेलवे के गड़े पिलर को हटवा दिया और तत्काल खोदाई का कार्य रुकवा दिया। रेलवे अधिकारियों से वार्ता करके वैकल्पिक व्यवस्था होने तक मार्ग को बंद नहीं होने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों का प्रदर्शन समाप्त हुआ। धरना-प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने खोदाई कार्य को रुकवाया और बाद में ग्रामीणों ने स्वयं गड्ढे को मिट्टी से भर दिया, ताकि आवागमन सुचारु बना रहे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह डोमिनगढ़ और जगतबेला रेलवे स्टेशन के बीच स्थित रेलवे पुल संख्या-153 के नीचे से गुजरने वाले मार्ग 20 गांवों के हजारों लोगों के लिए शहर तक पहुंचने का सबसे नजदीकी और प्रमुख रास्ता है। इस मार्ग को बंद कर दिया गया तो उन लोगों को शहर आने-जाने के लिए लगभग सात किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जबकि वर्तमान में शहर की दूरी महज 500 मीटर है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में क्षेत्र के अन्य अंडरपास पानी से भर जाते हैं, जिससे उनका उपयोग करना मुश्किल हो जाता है।
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वहीं, आईओडब्ल्यू हीरामन प्रसाद भी आरपीएफ जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। रेलवे अधिकारियों का कहना था कि यदि कोई बड़ा वाहन पुल के नीचे से गुजरते समय रेलवे पुल के गार्डर से टकरा जाता है तो बड़ा हादसा हो सकता है।
वहीं, ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक फतेह बहादुर सिंह से मुलाकात कर समस्याएं बताईं। विधायक ने डीएम से वार्ता कर समाधान का आग्रह किया। डीएम के निर्देश पर उपजिलाधिकारी सदर ज्ञान प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार भागीरथी सिंह और एसओ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणाें की बात कर उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वस्त किया कि जब तक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं होती है मार्ग को बंद नहीं होने दिया जाएगा।
ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद रेलवे अधिकारियों से वार्ता की गई। उनसे कहा गया कि इलाका बाढ़ग्रस्त है और अचानक एक बड़ी आबादी का रास्ता बंद नहीं किया जा सकता है। पिलर हटवाकर मार्ग पर आवागमन शुरू कर दिया गया है।
- ज्ञान प्रताप सिंह, एसडीएम, सदर
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- धरना-प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने खोदाई रुकवाई, प्रशासन ने रेल अधिकारियों से वार्ता कर रास्ता खुलवाया
गोरखपुर। डोमिनगढ़-डोहरिया मार्ग को रेलवे की ओर बंद किए जाने के विरोध में शनिवार सुबह ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। करीब चार घंटे तक प्रदर्शन के चलते आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह ने रेलवे के गड़े पिलर को हटवा दिया और तत्काल खोदाई का कार्य रुकवा दिया। रेलवे अधिकारियों से वार्ता करके वैकल्पिक व्यवस्था होने तक मार्ग को बंद नहीं होने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों का प्रदर्शन समाप्त हुआ। धरना-प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने खोदाई कार्य को रुकवाया और बाद में ग्रामीणों ने स्वयं गड्ढे को मिट्टी से भर दिया, ताकि आवागमन सुचारु बना रहे।
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प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह डोमिनगढ़ और जगतबेला रेलवे स्टेशन के बीच स्थित रेलवे पुल संख्या-153 के नीचे से गुजरने वाले मार्ग 20 गांवों के हजारों लोगों के लिए शहर तक पहुंचने का सबसे नजदीकी और प्रमुख रास्ता है। इस मार्ग को बंद कर दिया गया तो उन लोगों को शहर आने-जाने के लिए लगभग सात किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जबकि वर्तमान में शहर की दूरी महज 500 मीटर है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में क्षेत्र के अन्य अंडरपास पानी से भर जाते हैं, जिससे उनका उपयोग करना मुश्किल हो जाता है।
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वहीं, आईओडब्ल्यू हीरामन प्रसाद भी आरपीएफ जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। रेलवे अधिकारियों का कहना था कि यदि कोई बड़ा वाहन पुल के नीचे से गुजरते समय रेलवे पुल के गार्डर से टकरा जाता है तो बड़ा हादसा हो सकता है।
वहीं, ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक फतेह बहादुर सिंह से मुलाकात कर समस्याएं बताईं। विधायक ने डीएम से वार्ता कर समाधान का आग्रह किया। डीएम के निर्देश पर उपजिलाधिकारी सदर ज्ञान प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार भागीरथी सिंह और एसओ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणाें की बात कर उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वस्त किया कि जब तक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं होती है मार्ग को बंद नहीं होने दिया जाएगा।
ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद रेलवे अधिकारियों से वार्ता की गई। उनसे कहा गया कि इलाका बाढ़ग्रस्त है और अचानक एक बड़ी आबादी का रास्ता बंद नहीं किया जा सकता है। पिलर हटवाकर मार्ग पर आवागमन शुरू कर दिया गया है।
- ज्ञान प्रताप सिंह, एसडीएम, सदर