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प्रमुख सचिव बनकर 20 ग्राम प्रधानों से करने वाला था ठगी, फोन पर बोला- 'लड़की की शादी है'
Tue, 20 Oct 2020 01:27 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, देवरिया।
अमर उजाला ब्यूरो, देवरिया।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 20 Oct 2020 01:27 PM IST
सार
- पीडी और बीडीओ की नादानी से ठगी का शिकार होने से बचे ग्राम प्रधान
- प्रधानों ने डीएम, सीडीओ से की शिकायत, दर्ज होगा केस
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां प्रमुख सचिव बनकर एक शख्स ने करीब 20 ग्राम प्रधानों से रुपये मांगे। गनीतम कहिए कि उन्होंने रुपये देने से पहले डीएम और सीडीओ से बात कर ली।
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ये है पूरा मामला
विकास विभाग के अधिकारियों की नादानी के चलते भागलपुर विकास खंड के 20 से अधिक ग्राम प्रधान धोखाधड़ी का शिकार होने से बच गए। डीआरडीए के पीडी और खंड विकास अधिकारी पर विश्वास कर ग्राम प्रधानों ने जब फोन किया तो उसने अपने को प्रमुख सचिव वन बताते हुए पैसे मांगे।
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कहा कि एक गरीब लड़की की शादी करानी है। आप लोग राजेश राम के खाते में पैसा डाल दें। उसने गांव के लिए चार आवास देने का प्रलोभन दिया। उधर, डीएम अमित किशोर का कहना है कि मामले में जांच बैठा दी गई है। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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सोमवार को दोपहर में परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास विभाग के पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि कमिश्नर गोरखपुर के यहां से बोल रहा हूं। बीडीओ भागलपुर से कहिए कि लखनऊ से सचिव आएं हैं, उनसे बात करें। पीडी ने बिना किसी जांच पड़ताल के खंड विकास अधिकारी भागलपुर मीना सिंह को फोन कर दिया।
आवास का दिया प्रलोभन
उन्होंने कहा कि उक्त नंबर पर सभी प्रधानों से बोलिए बात करें। खंड विकास अधिकारी ने बिना उच्चाधिकारियों को संज्ञान में मामला लाए बगैर अपने लिपिक को लगा दिया। लिपिक ने ग्राम प्रधानों से कहा कि आप लोग सीधे प्रमुख सचिव वन से बात करें। ग्राम प्रधान गोड़वली, पिपरा बांध सहित कई ग्राम प्रधानों ने कथित सचिव को फोन नंबर 9651109900 पर फोन किया।
सभी से बताया कि लखनऊ से सचिव बोल रहा हूं। एक गरीब की लड़की की शादी मंगलवार को है। पहले तो उसने पूछा कि आप लोग कितना कर सकते हो तो किसी ने 1100 कहा, तो उसने कहा कि हम समझे की आप प्रधान है दस से 15 हजार देना चाहिए।
प्रधान ने कहा कि आप कह रहे हैं तो पांच हजार रुपये दे दूंगा तो उसने राजेश राम के खाता नंबर 35898266334 में रुपये भेजने को कहा। साथ ही गांव के लिए चार आवास देने की बात कहीं। इस पर कई प्रधान को शक हुआ तो उन्होंने डीएम और सीडीओ से बात की। अधिकारियों ने मना किया तो 20 से अधिक ग्राम प्रधान ठगी का शिकार होने से बच गए।
भागलपुर के बीडीओ मीना सिंह का कहना है कि पीडी साहब का फोन आया। वही सचिव का फोन नंबर दिए और प्रधानों से बात कराने की बात बोले। उधर पीडी डीआरडीए का कहना है कि उनके पास फोन करने वाले ने कहा कि कमिश्नर के यहां से बोल रहा हूं। यहां एक सचिव आएं है। उनका नंबर यह है। भागलपुर के प्रधानों से बोलिए उनके नंबर पर बात करें।
डीएम अमित किशोर ने कहा कि पूरे मामले की जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी गई है। फोन करने वाले का विवरण निकाल लिया गया है। इस मामले में केस दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।
सभी से बताया कि लखनऊ से सचिव बोल रहा हूं। एक गरीब की लड़की की शादी मंगलवार को है। पहले तो उसने पूछा कि आप लोग कितना कर सकते हो तो किसी ने 1100 कहा, तो उसने कहा कि हम समझे की आप प्रधान है दस से 15 हजार देना चाहिए।
प्रधान ने कहा कि आप कह रहे हैं तो पांच हजार रुपये दे दूंगा तो उसने राजेश राम के खाता नंबर 35898266334 में रुपये भेजने को कहा। साथ ही गांव के लिए चार आवास देने की बात कहीं। इस पर कई प्रधान को शक हुआ तो उन्होंने डीएम और सीडीओ से बात की। अधिकारियों ने मना किया तो 20 से अधिक ग्राम प्रधान ठगी का शिकार होने से बच गए।
भागलपुर के बीडीओ मीना सिंह का कहना है कि पीडी साहब का फोन आया। वही सचिव का फोन नंबर दिए और प्रधानों से बात कराने की बात बोले। उधर पीडी डीआरडीए का कहना है कि उनके पास फोन करने वाले ने कहा कि कमिश्नर के यहां से बोल रहा हूं। यहां एक सचिव आएं है। उनका नंबर यह है। भागलपुर के प्रधानों से बोलिए उनके नंबर पर बात करें।
डीएम अमित किशोर ने कहा कि पूरे मामले की जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी गई है। फोन करने वाले का विवरण निकाल लिया गया है। इस मामले में केस दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।