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Vaishno Devi Stampede: वैष्णो देवी हादसे में गोरखपुर के डॉक्टर ने गंवाई जान, एक महीने पहले हुई थी शादी
Sat, 01 Jan 2022 02:32 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 01 Jan 2022 02:32 PM IST
सार
मृतक डॉक्टर अरुण सिंह रामपुर बुजुर्ग के पूर्व प्रधान सत्यप्रकाश के एकलौते पुत्र थे। उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है।
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मृतक डॉक्टर अरुण सिंह। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
वैष्णो देवी मंदिर में हुए हादसे में चौरीचौरा इलाके के रामपुर बुजुर्ग गांव के पूर्व प्रधान सत्यप्रकाश सिंह के एकलौते बेटे डॉ. अरुण प्रताप सिंह (31) की भी मौत हो गई। जेल बाईपास रोड स्थित हिंद हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अरुण अपनी पत्नी डॉ. अर्चना और दोस्तों के परिवार के साथ, देवी दर्शन करने गए थे। एक महीने पहले ही एक दिसंबर को उनकी शादी हुई थी।
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जिस घर में बीते एक दिसंबर को शादी की खुशियां मनाई गईं थीं, वहीं एक जनवरी को मातम पसरा रहा। डॉक्टर की मौत की खबर आते ही घर ही नहीं, पूरे गांव के लोग गमगीन हो गए। परिजनों का रो-रोकर हाल खराब है। डॉक्टर का शव एयर एंबुलेंस से गोरखपुर लाया जा रहा है। इस घटना में डॉ. अरुण की पत्नी डॉ. अर्चना भी घायल हुईं हैं।
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जानकारी के मुताबिक, रामपुर बुजुर्ग गांव के डॉक्टर अरुण प्रताप सिंह बीएएमएस करने के बाद शहर के जेल बाईपास रोड पर निजी हॉस्पिटल चला रहे थे। कुशीनगर के पड़रौना की रहने वाली डॉ. अर्चना से उनकी शादी गत एक दिसंबर को हुई थी। इसमें शहर के तमाम डॉक्टरों ने शिरकत की थी।
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हादसे के शिकार अरुण के परिजनों के मुताबिक, शादी के एक माह पूरे होने के उपलक्ष्य में ही डॉक्टर दंपती वैष्णो देवी के दर्शन के लिए 29 दिसंबर को कार से जम्मू के लिए निकले थे। उनके साथ शहर के अजय, मुन्ना भी परिवार के सदस्यों के साथ गए हैं। 31 दिसंबर की शाम को डॉक्टर अरुण ने अपने पिता और माता से बात की थी।
कहा था कि माता रानी के दर्शन करके जल्द ही घर आएंगे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वो नहीं, अब उनकी लाश आएगी। यही कहकर, डॉक्टर के पिता सुरेंद्र सिंह फफककर रो पड़े और कहा कि अब कौन सहारा देगा? अरुण की मां भी बिलखकर रोने लगीं। आसपास के लोगों ने ढांढस बंधाया। परिजन कई बार गश खाकर गिर पड़े।