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जामा मस्जिद रसूलपुर में मनाया गया उर्स-ए-पाक, उलेमा-ए-किराम ने किया नई दाइमी जंत्री का विमोचन

Sat, 16 Jan 2021 01:23 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jan 2021 01:23 AM IST
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Urs-e-Pak celebrated in Jama Masjid Rasulpur, Ulema-e-Kiram inaugurated new Daimy Jantri
जामा मस्जिद रसूलपुर में मनाया गया उर्स-ए-पाक, उलेमा-ए-किराम ने किया नई दाइमी जंत्री का विमोचन
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गोरखपुर। जामा मस्जिद रसूलपुर में शुक्रवार को अरबी यूनिवर्सिटी अलजामियतुल अशरफिया मुबारकपुर के संस्थापक हाफिजे मिल्लत हजरत शाह अब्दुल अजीज अलैहिर्रहमां का उर्स-ए-पाक अकीदत व एहतराम के साथ मनाया गया। कुरआन ख्वानी की गई। तहरीक पासबाने अहले सुन्नत रसूलपुर की ओर से नात ख्वानी हुई। तहरीक द्वारा तैयार नई दाइमी जंत्री का विमोचन उलेमा-ए-किराम ने किया।
सरपरस्ती करते हुए मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी (मुफ्ती-ए-शहर) ने कहा कि हाफिजे मिल्लत बीसवीं सदी की अजीम शख्सियत थे। उन्होंने तालीम व तरबीयत के मैदान में बड़ा कारनामा अंजाम दिया। उनका पैगाम था कि ‘जमीन के ऊपर काम, जमीन के नीचे आराम’ यानी जब तक इंसान जिंदा रहे दीन-ए-इस्लाम, मुल्क व इंसानियत की सेवा कर नेक अमल करता रहे ताकि मौत के बाद कब्र में चैन व सुकून हासिल हो सके।
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मुख्य अतिथि मौलाना मो. साजिद अली मिस्बाही ने कहा कि हाफिजे मिल्लत ने कौम की दीनी और दुनियावी रहनुमाई की। मदरसा मिस्बाहुल उलूम को अरबी यूनिवर्सिटी अलजामियतुल अशरफिया का रूप दिया। विशिष्ट अतिथि मुफ्ती मो. अजहर शम्सी (नायब काजी) ने कहा कि नई दाइमी जंत्री के जरिए मुसलमानों को नमाज व रोजा का सही समय पता चल सकेगा।
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नई जंत्री में महीना व दिन का विवरण मिलेगा। नई जंत्री में गोरखपुर-बस्ती मंडल के गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, बस्ती, संतकबीरनगर व सिद्धार्थनगर जिले का ख्याल रखा गया है। अंत में कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। दरूदो सलाम पढ़कर अमनो सलामती की दुआ मांगी गई। शीरीनी तकसीम हुई। उर्स में मौलाना नूरुज्जमा मिस्बाही, मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी, मौलाना रजीउल्लाह मिस्बाही, मो. शाकिब खान, सगीर अहमद अजीजी, इमदाद अहमद अशरफी, मौलाना मो. शादाब शम्सी, सबील गोरखपुरी, हसमत अली निजामी आदि मौजूद रहे।
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