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गोरखपुर: नर्सिंग होम में नवजात की मौत पर हंगामा, तोड़फोड़

Fri, 01 Jul 2022 04:24 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 01 Jul 2022 04:24 PM IST
सार

बुधवार शाम चार बजे ऑपरेशन से उनको एक लड़का पैदा हुआ। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बच्चे की हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज ले जाने की बात कही थी। जबकि, परिजनों का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं बताया गया।

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Uproar over death of a newborn in a nursing home
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

गोरखपुर जिले के पीपीगंज इलाके के किरण चिल्ड्रेन सर्जिकल एवं आई हॉस्पिटल में बृहस्पतिवार सुबह दस बजे नवजात की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। डॉक्टर व स्टॉप पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नर्सिंग होम में तोड़फोड़ शुरू कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौत की वजह जानने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात डॉक्टर सहित तीन लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, खजनी थाना क्षेत्र के कटैचा निवासी संतोष पांडेय की कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के महावनखोर के कंचनपुर में ससुराल है। उनकी पत्नी सरिता गर्भवती थीं और मायके में रहकर इलाज करा रहा रही थी।
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बुधवार को दोपहर में प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने पीपीगंज स्थित किरण चिल्ड्रेन सर्जिकल व आई हॉस्पिटल में भर्ती कराया। बुधवार शाम चार बजे ऑपरेशन से उनको एक लड़का पैदा हुआ। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बच्चे की हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज ले जाने की बात कही थी।
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जबकि, परिजनों का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं बताया गया। इसलिए हम लोगों ने डॉक्टरों की सलाह पर इसी अस्पताल के आईसीयू में उसे भर्ती करा दिया। बुधवार सुबह करीब 10 बजे अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि बच्चे की मौत हो चुकी है, जिसके बाद नवजात के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। अस्पताल संचालक की ओर से इस बात की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया।


बच्चा जब पैदा हुआ, तभी उसका ब्रेन सिर से बाहर निकला हुआ था। इस कंडीशन में बच्चों के बचने की क्षमता बहुत ही कम होती है। जिसके बारे में परिजनों को अवगत कराया गया था। लेकिन, परिजनों ने यहीं इलाज करने की सहमति दी। बच्चे का इलाज किया जा रहा था, लेकिन सुबह 10 बजे उसकी मौत हो गई। - डॉ. श्याम बाबू गुप्ता, चिकित्सक, किरण चिल्ड्रेन सर्जिकल एवं आई हॉस्पिटल



 
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