गोरखपुर: तालाब में डूबे युवक का शव मिलने पर हंगामा, सड़क जाम की कोशिश
मुआवजा, तालाब की ज्यादा खुदाई पर केस दर्ज करने की मांग कर रहे थे ग्रामीण, इंस्पेक्टर बांसगांव ने समझा कर शांत कराया, बोले- रास्ता जाम की कोशिश करने वालों पर होगी कार्रवाई।
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गोरखपुर जिले के बांसगांव इलाके के कैथवलिया गांव में बबलू निषाद (35) की तलाब में शव मिलने के बाद सोमवार को परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। गांव के पास ही दस लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर घरवाले ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए। सूचना पर बांसगांव इंस्पेक्टर राणा देवेंद्र प्रताप सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। बाद में तहसीलदार प्रदुमन ने तीस हजार रुपये आर्थिक सहायता का भरोसा दिया, इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, पुलिस धरने को उकसाने वालों को चिन्हित कर रही है। पुलिस का कहना है कि माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, बबलू निषाद रविवार को शौच करने के लिए गया था। इस दौरान उसका पैर फिसल गया और तलाब में डूबने से उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे हरनही चौकी इंचार्ज मनीष यादव ने रविवार को ही गोताखोर की मदद से शव को बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी। सोमवार को शव बरामद होने के बाद घरवाले हंगामा करने लगे। उनकी दो मांग थी, पहला दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और दूसरा यह कि मानक से अधिक तलाक की खुदाई कराने वालों पर केस दर्ज कर किया जाएगा। इसी मांग को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठ गए।
धरने की सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और सरकारी सहायता का भरोसा दिलाकर मामले को शांत कराया। इंस्पेक्टर राणा देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि डूबे युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जिन लोगों ने परिवार को उकसा कर जाम लगाने की कोशिश की उन्हें चिन्हित किया जा रहा है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मृतक बबलू निषाद पुत्र रामनरेश निषाद उम्र 35 वर्ष व ग्राम प्रधान ऋषिकेश निषाद द्वारा तहसीलदार प्रदुमन खजनी से मांग की गई मृतक के परिजनों को दस लाख रुपए व पोखरी का सुंदरीकरण तथा सिक्स लेन मैं मानक से अधिक माटी खनन करने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दिया गया था।
घटनास्थल से थाना 25 किलोमीटर दूर होने के कारण बांसगांव कोतवाल राणा देवेंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को समझाया कोतवाल के समझाने से पीड़ित परिवार धरना को समाप्त किया। राजनीति करने वाले लोगों से कोतवाल ने सख्ती से पेश आए। चौकी इंचार्ज मनीष यादव, एसआई छोटेलाल व बांसगांव थाने के फोर्स मौजूद थे।