कोविड की जंग में विशेषज्ञ चिकित्सक बनेंगे सहारा, बदले में मिलेगी ये खास सौगात
- 15 दिनों के सेवा के लिए मिलेंगे 75000 रुपये मानदेय
- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत बीमा योजना का भी लाभ
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कोविड महामारी के खिलाफ जंग में अब प्रदेश सरकार हर जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद लेने की पहल शुरू की है। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों को शासन की ओर से मानदेय भी दिया जाएगा। इच्छुक विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 18 अगस्त से पंजीकरण शुरू कर दिया है। जल्दी ही इनकी सूची हर जिले को मिल जाएगी, जिससे की जरूरत पड़ने पर कोरोना के खिलाफ जंग में इन विशेषज्ञों की मदद ली जा सके।
यह जानकारी सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने दी है। उन्होंने बताया कि शासन की इस योजना से जुड़ने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को 15 दिनों के सेवा के लिए 75000 रुपये का मानदेय दिया जाएगा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत बीमा योजना का लाभ भी दिया जाएगा।
सीएमओ ने बताया कि ड्यूटी के दौरान चिकित्सक को पीपीई किट और अन्य जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराएं जाएंगे। एक्टिव क्वारंटीन में रहने और भोजन की व्यवस्था भी स्वास्थ्य विभाग करेगा। इसके अलावा सेवा के सम्मान में प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
हर कमी होगी दूर
विशेषज्ञ चिकित्सकों की श्रेणी में एनेस्थेटिस्ट, कार्डियोलाजिस्ट, नेफ्रोलाजिस्ट, चेस्ट फिजिशियन, गायनीकोलाजिस्ट और पीडियाट्रिसियन से ही आवेदन मांगे गए हैं। योजना के बारे में अधिक जानकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा योजना से जुड़ने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक अपने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के ई-मेल आईडी पर भी आवेदन कर सकते हैं ।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए एहतियात के तौर पर यह योजना लाई गई है। जिससे की आपात स्थिति में स्वास्थ्य विभाग को विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का सामना न करना पड़े। इसका लाभ उन जिलों को भी निश्चित रूप से मिलेगा जहां पर कोरोना के इलाज में विशेषज्ञ चिकित्सकों की किसी तरह की कमी का सामना करना पड़ रहा है।