चौरीचौरा विधानसभा: जितना वोट भाजपा को मिला, उतना सपा-कांग्रेस व बसपा मिलकर नहीं पा सके
2017 के चुनाव में ज्यादातर राजनीतिक दलों ने ओबीसी संवर्ग के प्रत्याशियों पर दांव लगाया। भाजपा ने संगीता यादव को टिकट दिया था। सपा ने मनुरोजन यादव और बसपा ने जयप्रकाश निषाद को चुनाव मैदान में उतारा था। बसपा के जयप्रकाश निषाद ही इस सीट से सीटिंग विधायक थे।
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विस्तार
गोरखपुर जिले में पिछले दो विधानसभा चुनाव के नतीजों के मुताबिक चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र की लड़ाई दिलचस्प रही है। जो भाजपा 2012 के चुनाव में 13.27 फीसदी वोट ही हासिल कर सकी थी, वही 2017 के चुनाव में 45.61 फीसदी वोट पाकर विजेता बन गई। वोट बैंक में जबरदस्त उछाल रिकार्ड किया गया। आंकड़ों के मुताबिक, जितना वोट भाजपा को मिला था, उतना सपा, कांग्रेस व बसपा मिलकर नहीं पा सकी थीं। पिछला चुनाव सपा-कांग्रेस ने मिलकर साथ लड़ा था।
चौरीचौरा में अति पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मतदाताओं की संख्या अच्छी है। लिहाजा, 2017 के चुनाव में ज्यादातर राजनीतिक दलों ने ओबीसी संवर्ग के प्रत्याशियों पर दांव लगाया। भाजपा ने संगीता यादव को टिकट दिया था। सपा ने मनुरोजन यादव और बसपा ने जयप्रकाश निषाद को चुनाव मैदान में उतारा था। बसपा के जयप्रकाश निषाद ही इस सीट से सीटिंग विधायक थे।
नतीजे आए तो भाजपा प्रत्याशी को 45 हजार से ज्यादा के अंतर से जीत मिली थी। शहर विधानसभा क्षेत्र के बाद चौरीचौरा से ही भाजपा को सबसे बड़ी जीत मिली थी। फिलहाल, बसपा ने प्रत्याशी के नाम का एलान किया है। भाजपा, सपा व कांग्रेस ने अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं। प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बाद ही मतदाता अपने पत्ते खोलेंगे और चुनावी समीकरण का कुछ पता चल सकेगा।
एक नजर में चौरीचौरा विधानसभा
- 2022 के विधानसभा चुनाव में मतदाता
- कुल मतदाता : 3,51,944
- पुरुष : 1,89,998
- महिला : 1,61,904
- थर्ड जेंडर : 42
2017 के विधानसभा चुनाव में कुल मतदान 57 फीसदी हुआ था।
पार्टी कुल मिले मत फीसदी
भाजपा 87,863 45.63
सपा-कांग्रेस (संयुक्त प्रत्याशी) 42,203 21.92
बसपा 37,478 19.46
निषाद पार्टी 13,048 6.78
1,150 मतदाताओं ने दबाया था नोटा का बटन
क्षेत्र के 1,150 मतदाताओं ने नन ऑफ द एबव (नोटा) का बटन दबाया था, जो कुल मतदान का 0.6 फीसदी होता है। चुनाव में 20 प्रत्याशी थे। भाजपा, सपा-कांग्रेस (संयुक्त प्रत्याशी) व बसपा को छोड़ दें तो ज्यादातर की जमानत जब्त हो गई थी।
45,660 वोटों के अंतर से जीती थी भाजपा
चुनाव में 3,39,854 मतदाताओं को वोट डालना था। इनमें से 1,93,724 ने वोट डाले। भाजपा से चुनाव मैदान में उतरीं संगीता यादव को 45,660 वोटों के अंतर से जीत मिली थी। सपा प्रत्याशी मनुरोजन यादव दूसरे स्थान पर थे।
2012 के विधानसभा चुनाव में कुल मतदान 53.56 फीसदी हुआ था
पार्टी कुल मिले मत फीसदी
बसपा 49,687 29.28
सपा 29,086 17.14
भाजपा 22,515 13.27
सुभासपा 10,620 6.26
ज्यादातर की जमानत हुई थी जब्त
इस चुनाव में 3,16,839 मतदाताओं को वोट डालना था, लेकिन 1,69,696 मतदाता ही बूथों तक पहुंच सके। बसपा को 20,601 वोटों के अंतर से जीत मिली थी। पीस पार्टी व निर्दलीय ईश्वरचन्द जायसवाल को भी नौ हजार से ज्यादा वोट मिले थे। 22 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। इनमें से आठ प्रत्याशी ऐसे थे, जिन्हें एक हजार वोट भी नहीं मिल सका था। ज्यादातर प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
नेताओं ने क्या कहा
भाजपा का बूथ, सेक्टर व मंडल स्तरीय संगठन मजबूती से काम कर रहा है। एक-एक मतदाता से संपर्क करके केंद्र-राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाई जा रही हैं। चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र में बहुत विकास कार्य हुए हैं। इस बार भी जनता जनार्दन का आशीर्वाद मिलेगा। 2017 से भी बड़ी जीत मिलने की उम्मीद है। भाजपा सरकार के कामकाज से जनता खुश है।- केएम मझवार, जिला मीडिया प्रभारी, भाजपासपा की चुनावी तैयारी पूरी है। एक-एक मतदाता से संपर्क किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने जो वादे किए हैं, उसकी जानकारी दी जा रही है। मतदाता बदलाव का मन बना चुका है। पार्टी का मुख्य एजेंडा विकास है। भाजपा सरकार ने कोई काम नहीं किया है। यह जनता बखूबी जानती है। - अवधेश यादव, जिलाध्यक्ष, सपा
न्याय पंचायत व ग्राम पंचायत स्तर का संगठन अपना काम कर रहा है। कांग्रेस की नीतियों से जन-जन को अवगत कराया जा रहा है। कांग्रेस ने जो वादे किए हैं, उसका सकारात्मक संदेश है। चौरीचौरा की जनता बदलाव का मन बना चुकी है। इस बार के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में होंगे।- निर्मला पासवान, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
2012 का चुनाव बसपा ने ही जीता था। पार्टी पुराना प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ा जा रहा है। संगठन अपना काम पूरी मजबूती से कर रहा है। कैडर वोटर एकजुट हैं। जनता भाजपा से नाराज है। सपा के ज्यादातर दावे खोखले हैं। इसे जनता भी समझती है।- संतोष कुमार जिज्ञासु, जिलाध्यक्ष, बसपा।