Ukraine Russia War: दहशत में जी रहे विद्यार्थी, खाने के पड़े लाले तो छात्रों ने छोड़ा खारकीव शहर
गोरखपुर शहर के मनुशरण और संदीप सिंह आज पहुंच जाएंगे। बमबारी से कर्फ्यू जैसा माहौल, नहीं मिल रहे खाने-पीने के सामान।
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यूक्रेन के खारकीव शहर में बमबारी से छात्रों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बुधवार को ज्यादातर छात्र लवीब शहर पहुंच चुके हैं। विद्यार्थियों के सामने खाने के लाले पड़ गए हैं। छात्र बस से पोलैंड, हंगरी या रोमानिया बार्डर जाएंगे, जहां से उन्हें फ्लाइट मिलेगी। बुधवार शाम गोरखपुर के मनशुरण श्रीवास्तव फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके दोस्त संदीप सिंह मुंबई पहुंच चुके हैं। बृहस्पतिवार को दोनों शहर आ सकते हैं।
यूक्रेन में फंसे गोरखपुर के आकाश सिंह ने बताया कि छात्रों की संख्या बहुत ज्यादा है। बस नहीं मिल रही है। खारकीव शहर में भारी बमबारी की वजह से छात्र बंकरों में छिपे हैं। बाजार में खाने-पीने का सामान नहीं मिल मिल रहा है। इस कारण छात्रों ने शहर छोड़ने का निर्णय लिया है। दूतावास का भी निर्देश मिला है। बांसी के सुशांत पांडेय व गोरखपुर की अनुष्का चौधरी को एक-दो दिन में फ्लाइट मिलने की आशा है। बिछिया के अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार शाम साढ़े छह बजे बेटे मनुशरण की फ्लाइट ने उड़ान भरी है। वे देर रात दो से तीन बजे तक दिल्ली पहुंच जाएंगे। बेटे ने जब फ्लाइट में पहुंचकर सूचना दी तो घर में खुशी का माहौल हो गया।
घर पहुंचीं चांदनी तो छाईं खुशियां
यूक्रेन से घर पहुंचीं बिछिया की चांदनी के परिवार में खुशियां छा गईं। चांदनी ने बताया कि यूक्रेन में स्थितियां बहुत खराब हैं। रोमानिया बार्डर पार करने में बहुत समय लग रहा है। भारत सरकार व दूतावास से सहयोग मिला। बार्डर पर रहने-खाने का इंतजाम किया गया है।
यूक्रेन में फंसा शहर का एक परिवार
इंदिरानगर मोहल्ले के विजयसेन मल्ल के पुत्र अखिलेंद्र बहादुर मल्ल, उनकी पत्नी मधुलिका व दो साल का बच्चा रुखान यूक्रेेन के प्रोकोफीवा में फंसे हैं। विजय ने बताया कि अखिलेंद्र फार्मेसी कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी है।