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घर वापसी: युगांडा के नागरिक को भेजा गया दिल्ली दूतावास, इस गलती की वजह से जेल में था बंद
Fri, 09 Apr 2021 07:01 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज।
अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 09 Apr 2021 07:01 PM IST
सार
- अवसाद से ग्रसित रहा विदेशी नागरिक
- जेल प्रशासन ने वाराणसी मानसिक चिकित्सालय भेज कर कराया इलाज
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युगांडा के नागरिक सेवन्या बेन को भेजा गया दिल्ली।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिला कारागार में सजा काट चुके विदेशी कैदी को उसके घर पहुंचाने की दिशा में जेल प्रशासन की मेहनत रंग लाई। अवसाद से पीड़ित विदेशी कैदी का इलाज कराने के बाद उसे स्वस्थ होने पर शुक्रवार को पुलिस की सुरक्षा में दिल्ली दूतावास में भेजा गया।
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यहां से उसको घर जाने की व्यवस्था होगी। जेल प्रशासन ने युगांडा के कैदी को अवसाद से मुक्त करने के लिए काफी प्रयास किया, जिसका नतीजा रहा कि वह स्वस्थ हुआ।
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जेलर अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि युगांडा के नागरिक सेवन्या बेन को सोनौली बार्डर से पासपोर्ट में गड़बडी के आरोप में नेपाल जाते समय 16 नवंबर 2018 को पकड़कर जेल भेजा गया था। उसके खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था। जेल में आने के बाद उसकी भाषा समझने में थोड़ी परेशानी हुई। लेकिन जेल प्रशासन की सूझबूझ से बंदी को कोई समस्या नहीं हुई।
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जेल में आने के बाद वह मानसिक रूप से बहुत परेशान रहता था। इसके बाद उसे 28 मार्च 2019 एवं 27 मई 2019 को वाराणसी मानसिक चिकित्सालय भेज कर इलाज कराया गया। कोरोना काल में 18 जून 2020 को अस्पताल में भर्ती किया गया। इसके बाद 22 अक्तूबर 2020 को पूरी तरह ठीक होकर वापस लौटा।
3750 रुपये हुई थी आमदनी
उन्होंने बताया कि उसको 24 घंटे अच्छे कैदियों के बीच रखकर अवसाद दूर करने का भी प्रयास किया गया। इसकी बेहतर ढंग से देखभाल का परिणाम रहा की वह जल्दी से स्वस्थ हुआ। स्थानीय पुलिस के साथ युगांडा का नागरिक सेवन्या बेन दिल्ली दूतावास के लिए रवाना हुआ। वहां से इसको युगांडा भेजा जाएगा।
युगांडा का नागरिक सेवन्या बेन ने जेल अंदर परिश्रम करके 3750 रुपये पारिश्रमिक प्राप्त किया था। जिसमें 3000 रुपये उसने अर्थदंड भर कर अपनी खुद रिहाई करवाई। क्योंकी इसके घर वालों ने कोई सुधि नहीं ली। जेल प्रशासन ने निरीक्षण करने आए अधिकारियों से इसके अच्छे व्यवहार और इसके मानसिक स्थिति के बारे में समय-समय पर अवगत कराया।
युगांडा का नागरिक सेवन्या बेन ने जेल अंदर परिश्रम करके 3750 रुपये पारिश्रमिक प्राप्त किया था। जिसमें 3000 रुपये उसने अर्थदंड भर कर अपनी खुद रिहाई करवाई। क्योंकी इसके घर वालों ने कोई सुधि नहीं ली। जेल प्रशासन ने निरीक्षण करने आए अधिकारियों से इसके अच्छे व्यवहार और इसके मानसिक स्थिति के बारे में समय-समय पर अवगत कराया।