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बीत गया दो साल: फाइलों में ही है सुमेर सागर ताल, अभी पूरी नहीं होगी पर्यटन की आस

Tue, 13 Jun 2023 11:54 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 13 Jun 2023 11:54 AM IST
सार

सुमेर सागर ताल के सुंदरीकरण के लिए जीडीए की ओर से तीसरी बार टेंडर निकालने की तैयारी है। अधिकारियों के मुताबिक, पूर्व में जो टेंडर हुए, उसके  लिए सिर्फ एक या दो ही आवेदन आए। इस वजह से यह प्रक्रिया अधूरी है। निकाय चुनाव के कारण इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

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Two years have passed Sumer Sagar Tal is only in files at Gorakhpur
विकसित होने के बाद ऐसा दिखेगा सुमेर सागर ताल। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर शहर के भीतर अतिक्रमण मुक्त हुए सुमेर सागर ताल के सुंदरीकरण की योजना दो साल से फाइलों में अटकी है। त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत ताल के लिए तैयार 27 करोड़ रुपये की योजना की निविदा भी पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में कम से कम एक साल तक सुमेर सागर ताल को रामगढ़ताल की तरह से पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना के परवान चढ़ने की संभावना नहीं दिख रही है।

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धर्मशाला बाजार और विजय चौराहा के बीच सुमेर सागर ताल करीब साढ़े 18 एकड़ में फैला हुआ है। इस ताल पर चारों तरफ से अतिक्रमण कर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा था। लोगों ने मकान बनाए तो दुकानदारों के गोदाम बन गए थे। प्रशासन ने जब इसकी सुधि ली तो करीब दो साल पूर्व अभियान चलाकर ताल को खाली कराया गया।
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इसके बाद से ही पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना दौड़ने लगी। इसे रामगढ़ताल के बाद दूसरे पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित करने की कवायद हुई, जो फाइलों में ही अटक कर रह गई।
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पूरी नहीं हो सकी टेंडर प्रक्रिया, प्रयास में जीडीए अधिकारी
सुमेर सागर ताल के सुंदरीकरण के लिए जीडीए की ओर से तीसरी बार टेंडर निकालने की तैयारी है। अधिकारियों के मुताबिक, पूर्व में जो टेंडर हुए, उसके  लिए सिर्फ एक या दो ही आवेदन आए। इस वजह से यह प्रक्रिया अधूरी है। निकाय चुनाव के कारण इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसलिए अब तीसरी बार टेंडर निकालने की योजना बन रही है। अधिकारियों का कहना है कि बिना टेंडर के कोई काम नहीं कराया जा सकता है।
 
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जीडीए ने तैयार किया है यह प्रस्ताव

  • ताल की गहराई बढ़ाकर इसे प्राकृतिक स्वरूप दिया जाएगा।
  • मोहल्लों का का गंदा पानी ताल में न जाए। इसके लिए किनारे पर पक्का नाला बनेगा।
  • मोहल्लों से आने वाले पानी को साफ करके ताल में भेजा जाएगा।
  • धर्मशाला बाजार और विजय चौक से आने वाले नालों को इससे जोड़ा जाएगा, लेकिन प्लांट लगाकर पानी साफ किया जाएगा।
  • ताल के चारों ओर टहलने के लिए ट्रैक बनाया जाएगा। फूड कोर्ट और पार्किंग की व्यवस्था होगी।
  • ताल में रोशनी के लिए आकर्षक लाइट लगेगी। म्यूजिकल फाउंटेन का निर्माण कराया जाएगा।


लोगों ने क्या कहा
काफी दिनों से सुन रहे हैं कि यहां पर पार्क बनने वाला है। अभी तक कोई काम नहीं हुआ है। नाले नालियां गंदगी से पटे हैं। बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हैं। - मोहम्मद आलम, धर्मशाला।

प्रशासन ने बड़े ही जोरशोर से इस जगह को खाली कराया था। दो साल से यह प्रक्रिया चल रही है। करीब तीन माह पूर्व प्रशासन के अधिकारी आए थे। उन लोगों ने यहां पर टहलने की व्यवस्था सहित अन्य इंतजाम करने की बात कही थी।- आशीष कुमार, जटेपुर दक्षिणी।

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ताल के पट जाने से बरिश का पानी नहीं निकलता है। काफी दिक्कत होती है। ताल का विकास होने के बाद परेशानी दूर हो जाएगी।- निवेदिता श्रीवास्तव, जटेपुर दक्षिणी।

जटेपुर दक्षिणी, धर्मशाला और विजय चौक के बीच स्थित इस ताल के विकसित होने से लोगों को घूमने-टहलने के लिए दूसरी जगह नहीं जाना पड़ेगा। यहां पर दुकान खुलने से लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।- एके सिंह, जटेपुर दक्षिणी।

खरैया पोखरा के नाम से पूरे मोहल्ले की पहचान होती है। यह राजस्व में दर्ज है। काफी प्रयास के बाद इसे खाली कराया गया। निगम की तरफ से बोर्ड लगाया गया है। लेकिन अभी यहां पर विकास का काम शुरू नहीं हो सका है।- अतुल कुमार, खरैया पोखरा।

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कॉलोनी के लिए इससे अच्छी जगह हो नहीं सकती है। कुछ लोगों ने इस पर कब्जा कर लिया था। 2008 से इसके लिए आंदोलन चल रहा था। तब इसको लेकर तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल की तत्परता से अतिक्रमण हट सका था। - राजन वर्मा, खरैया पोखरा।

सुमेर सागर ताल की योजना लंबित

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ताल सुमेर सागर। - फोटो : अमर उजाला।

जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सुमेर सागर ताल की योजना लंलबत है। शासन ने प्रमताव को पहले ही मंजूरी दे थी। इसके सुंदरीकरण के संबंध में टेंडर प्रलिया चल रही है। जैसे ही टेंडर होगा। वैसे ही काम शुरू करा लदया जाएगा। खरैया पोखरे के संबंध में अभी कोई कारमवाई नहीं हुई है।
 
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि खरैया पोखरे को अलतिमण मुक्त कराया गया था। वहां के सुंदरीकरण के ललए नगर लनगम की ओर से कोई योजना नहीं बनी है। इसके बारे में जानकारी ली जाएगी। जीडीए के अलधकालरयों से बात की जाएगी।  

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खरैया पोखरे से हटवाया अतिक्रमण बोर्ड लगाकर भूल गए
मेडिकल कॉलेज रोड पर असुरन से करीब सवा किलोमीटर दूरी पर खरैया पोखरा है। सत्यभामा के मकान से सटे ही पोखरे का हिस्सा शुरू होता है। तीन एकड़ 42 डिस्मिल में फैले इस पोखरे पर हुए अतिक्रमण को वर्ष 2020 में तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल ने हटवाया था। पोखरे के आधे हिस्से पर अवैध ढंग से कब्जा हो गया था। इसमें 12 लोगों के मकान को तोड़ने के लिए प्रशासन ने नोटिस दिया था।

अतिक्रमण हटाने के बाद ही अधिकारियों ने इसके सुंदरीकरण की योजना बनाई थी। इसके पुराने रूप को विकसित करते हुए बेंच लगाने, फूलों की क्यारी बनाने और अन्य सुविधाएं देने की बात कही गई थी। लेकिन, यहां पर कोई काम शुरू नहीं हो सका है। इसकी कायम योजना न तो नगर निगम बना सका है, न ही जीडीए में कोई योजना तैयार हुई है। वर्तमान में नगर निगम गढ़ही, संपत्ति नगर निगम का बोर्ड लगाया गया है। इसके बाद कोई काम नहीं हो सका है।  
 

18.5 एकड़ में फैला है सुमेर सागर ताल

विजय चौराहा से धर्मशाला बाजार के बीच में तकरीबन 18.5 एकड़ में सुमेर सागर ताल फैला है। कुछ साल पहले इस साल पर कब्जा कर लिया गया था। ताल में मिट्टी भरकर किसी ने गोदाम तो किसी ने मकान बना लिया था। शासन के निर्देश पर प्रशासन ने ताल को अतिक्रमण मुक्त कराया था। इसके बाद से ताल के सुंदरीकरण के प्रयास चल रहे हैं।

प्राकृतिक स्वरूप देने के साथ ही बढ़ाएंगे गहराई
ताल को प्राकृतिक स्वरूप देने के साथ ही इसकी गहराई भी बढ़ाने की योजना है। ताल के किनारों को कटान से बचाने की भी व्यवस्था होगी। गंदा पानी ताल में न जाए इसके लिए किनारे पक्का नाला बनाया जाएगा।

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