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खुशखबर: गोरखपुर को आयुर्वेद का हब बनाने को मिलकर काम करेंगी दो यूनिवर्सिटी
Fri, 27 May 2022 02:53 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 27 May 2022 02:53 PM IST
सार
आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके सिंह ने कहा कि आज हुए करार से गोरखपुर को केंद्र में रखकर पूर्वी उत्तर प्रदेश आयुर्वेद और आयुष का हब बनाने की तैयारी और सुदृढ़ हुई है। आयुर्वेद की समृद्धि से औषधीय खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।
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महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय और महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय आरोग्यधाम के बीच हुआ करार।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
आयुष और आयुर्वेद का हब बनने की दिशा में गोरखपुर में बृहस्पतिवार को एक और सार्थक पहल हुई है। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय और महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम के बीच कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर एमओयू हस्ताक्षरित व हस्तांतरित हुआ।
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इस करार के अनुसार दोनों विश्वविद्यालय आयुर्वेद के सभी क्षेत्रों में शोध की सभी संभावनाओं को आगे बढ़ाने के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश को औषधीय खेती का बड़ा केंद्र बनाएंगे।
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महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके सिंह और महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय आरोग्यधाम के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी ने के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। इसके पहले महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रदीप राव व आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव राधेश्याम बहादुर सिंह ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
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एमओयू के अनुसार दोनों विश्वविद्यालय मिलकर गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में आयुर्वेद समेत आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति जनजागरण का अभियान चलाएंगे। साथ ही आयुर्वेद के क्षेत्र में हर उस संभावना पर ध्यान दिया जाएगा जिस पर शोध व अनुसंधान से समाज को हानिरहित चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जा सके। दोनों विश्वविद्यालयों ने औषधीय खेती को बढ़ावा देने के प्रति भी साझी प्रतिबद्धता दर्शायी।
आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके सिंह ने कहा कि आज हुए करार से गोरखपुर को केंद्र में रखकर पूर्वी उत्तर प्रदेश आयुर्वेद और आयुष का हब बनाने की तैयारी और सुदृढ़ हुई है। आयुर्वेद की समृद्धि से औषधीय खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। औषधीय खेती किसानों की आय को विस्तारित करेगी। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय आरोग्यधाम के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी ने कहा कि यह एमओयू आयुर्वेद को मॉडर्न मेडिसिन के समानांतर खड़ा करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
इस अवसर पर महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय आरोग्यधाम के कुलसचिव डॉ प्रदीप राव, आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव राधेश्याम बहादुर सिंह, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के प्रो. गणेश पाटिल, डॉ सुमिथ कुमार, डॉ दीपू मनोहर, डॉ. पियूष वर्षा, डॉ प्रज्ञा सिंह, डॉ प्रिया नायर, डॉ. जसोबेन समेत दोनों विश्वविद्यालयों के विशिष्टजन मौजूद रहे।