फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Two to seven hospitals being operated in name of one doctor

गोरखपुर की कड़वी हकीकत: एक डॉक्टर के नाम से संचालित किए जा रहे दो से सात अस्पताल

Sat, 28 Jan 2023 11:40 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 28 Jan 2023 11:40 AM IST
सार

पिछले दिनों भटहट के सत्यम अस्पताल में झोलाछाप व्यक्ति खुद को डॉक्टर बताकर मरीज का इलाज कर रहा था। इस दौरान एक गर्भवती की मौत हो गई थी। जिस डॉक्टर के नाम से अस्पताल का पंजीकरण था वह दिल्ली में रहता है। उस अस्पताल को प्रशासन के काफी दबाव के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया।

विज्ञापन
Two to seven hospitals being operated in name of one doctor
सांकेकित तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोरखपुर जनपद में फर्जी निजी अस्पताल कुकुरमुत्ते की तरह उगे हुए हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 153 डॉक्टर अपने नाम से दो से सात अस्पतालों का संचालन कर रहे हैं। इसमें से 80 फीसदी डॉक्टर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सदस्य और पूर्व पदाधिकारी बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह कड़वी हकीकत सामने आई है।

विज्ञापन


जांच में पता चला है कि 153 डॉक्टर ऐसे हैं, जिनके नाम पर एक से अधिक अस्पतालों का पंजीकरण किया गया है। इनमें तीन डॉक्टरों के नाम से पांच-पांच और एक के नाम से सात अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। 27 डॉक्टर ऐसे हैं, जिनके नाम पर तीन-तीन अस्पताल और तीन डॉक्टर के नाम से चार-चार अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे डॉक्टरों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। साथ ही हिदायत दी है कि एक के अलावा शेष अस्पतालों का यदि पंजीकरण निरस्त नहीं कराएंगे तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


बता दें कि पिछले दिनों भटहट के सत्यम अस्पताल में झोलाछाप व्यक्ति खुद को डॉक्टर बताकर मरीज का इलाज कर रहा था। इस दौरान एक गर्भवती की मौत हो गई थी। जिस डॉक्टर के नाम से अस्पताल का पंजीकरण था वह दिल्ली में रहता है। उस अस्पताल को प्रशासन के काफी दबाव के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया। डॉक्टर की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन अब तक डॉ. सुनील कुमार सरोज की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। मामले में एसएसपी ने सीएमओ को पत्र भेजकर ऐसे अस्पतालों की सूची मांगी थी, जिनके नाम पर कई अस्पताल पंजीकृत थे। विभाग ने सूची एसएसपी को सौंप दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन




 

चुनाव लड़ने वाले एक डॉक्टर के नाम पर पांच अस्पताल पंजीकृत

सूची के बाद से आईएमए में हड़कंप मच गया है। इसकी वजह है कि चुनाव लड़ने वाले एक पदाधिकारी के नाम पर पांच अस्पताल पंजीकृत हैं। इन्होंने विभाग को शपथपत्र दिया है कि वह सभी अस्पतालों में मरीजों की सेवा करते रहेंगे। इसके अलावा कई ऐसे डॉक्टर हैं, जो आईएमए के पूर्व पदाधिकारी रहे हैं। उनके नाम पर भी कई अस्पताल पंजीकृत हैं।  

पंजीकरण का नियम
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि एक डॉक्टर दो अस्पतालों के नाम पर पंजीकरण करवा सकते हैं। बशर्ते दोनों अस्पतालों की दूरी 30 किलोमीटर की परिधि के अंदर हो। इससे अधिक दूर होने पर पंजीकरण नहीं किया जा सकता है।
 
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने कहा कि जांच में 153 डॉक्टर ऐसे मिले हैं जो एक से अधिक अस्पतालों में फुल टाइम डॉक्टर के रूप में पंजीकृत हैं। सभी डॉक्टरों को नोटिस जारी किया गया है। यदि समय पर जवाब नहीं देंगे या एक से अधिक अस्पतालों से अपना पंजीकरण निरस्त नहीं कराएंगे तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस संबंध में एनएमसी को भी पत्र लिखा जाएगा।

आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने कहा कि आईएमए के सदस्यों के नाम पर अगर दो से अधिक अस्पतालों का पंजीकरण है तो इसे दिखवाया जाएगा। उनसे इस मामले में बात की जाएगी। निवेदन किया जाएगा कि नियम के तहत ही पंजीकरण कराएं। हालांकि, कई बार ऐसा होता है कि डॉक्टर दूसरे अस्पतालों में भी पार्ट टाइम मरीजों की जांच के लिए जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed