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गोरखपुर में कारनामा: जहां लिखा 'दलालों से सावधान', वहीं पकड़े गए दो बिचौलिए
Fri, 22 Apr 2022 11:59 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 22 Apr 2022 11:59 AM IST
सार
गोरखपुर जिला अस्पताल में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर वसूली कर रहे थे। सीएमओ ने की कार्रवाई, संविदा लिपिक को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी।
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पकड़ा गया बिचौलिया।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिला अस्पताल के न्यू ओपीडी भवन में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर वसूली कर रहे दो बिचौलिए बृहस्पतिवार को रंगे हाथ पकड़े गए। दोनों को सीएमओ ने खुद ही पकड़कर पुलिस को सौंपा है। बिचौलियों से मिली जानकारी के बाद इस काम में शामिल संविदा के एक लिपिक की सेवा भी समाप्त कर दी है।
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जानकारी के मुताबिक, जिला अस्पताल के न्यू ओपीडी भवन में हर गुरुवार को दिव्यांग बोर्ड की कमेटी बैठती है, जहां पर दिव्यांगों के प्रमाणपत्र बनाए जाते हैं। दिव्यांग बोर्ड द्वार के दीवारों पर यह सूचना भी लिखी गई है कि ‘यहां प्रमाणपत्र निशुल्क बनता है, दलालों से सावधान रहें’। इसी बोर्ड के पास दो बिचौलिए ‘दलाल’ लोगों से प्रमाणपत्र बनवाने के लिए 12 हजार रुपये वसूल रहे थे।
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सूचना पर सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे गार्ड और सहयोगियों के साथ पहुंचे। उन्होंने दोनों को पकड़वा कर बैठा लिया। बताया जा रहा है कि एक बिचौलिया घघसरा और दूसरा परमेश्वरपुर का रहने वाला है। सीएमओ ने बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई है कि दोनों बिचौलिए कार्यालय के लिपिक दुर्गेश गुप्ता की सांठ-गांठ से यह काम कर रहे हैं। दोनों बिचौलिए भी दिव्यांग हैं।
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सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि दिव्यांगों का प्रमाणपत्र बनवाते हुए दो बिचौलिये पकड़े गए हैं। बिचौलियों ने बताया है कि कार्यालय में संविदा पर तैनात लिपिक दुर्गेश गुप्ता की भी इस काम में संलिप्तता है। इसकी जानकारी होने संबंधित लिपिक को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया है।
कहा कि इस काम में और कितने लोग शामिल हैं, इसे भी पता किया जा रहा है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दिव्यांगों से अपील की जा रही है कि वह प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर एक भी रुपये किसी को न दें। यह निशुल्क बनता है। अगर कोई रुपये मांगता है तो सीएमओ कार्यालय में इसकी सूचना दें।