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अस्पताल से मरीजों को पहुंचाते थे नर्सिंग होम: गोरखपुर में दो हिस्ट्रीशीटर समेत चार गिरफ्तार, एक ने किया सरेंडर

Fri, 19 May 2023 02:50 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 19 May 2023 02:50 PM IST
सार

एसपी सिटी कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस लगातार अस्पताल माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की मदद से बिना पंजीकृत अस्पतालों की सूची हासिल कर ली है। सभी थाना से सूची का सत्यापन हो रहा है। अस्पताल माफियाओं को चिह्नित कर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इनकी संपत्तियों को भी जब्त किया जाएगा।

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two history sheeter arrested including four in Gorakhpur
हिस्ट्रीशीटर सूरज सिंह और उसके साथियों के बारे में जानकारी देते एसपीसीडी कृष्ण कुमार विश्नोई व अन्य। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जिला अस्पताल व अन्य सरकारी अस्पतालों के बाहर से एंबुलेंस संचालकों की मदद से मरीजों को निजी नर्सिंग होम पहुंचाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बृहस्पतिवार को हिस्ट्रीशीटर सूरज सिंह समेत चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी विशाल सिंह ने पुलिस के दबाव में कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपियों के खिलाफ रामगढ़ताल थाने में तोड़फोड़, डकैती, रंगदारी मांगने की धाराओं में केस दर्ज कर पुलिस तलाश में जुटी थी। इनमें सूरज सिंह पर 25 और राहुल शर्मा पर 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।

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पकड़े गए आरोपियों की पहचान बेलघाट के सोपाई घाट निवासी सूरज सिंह, सिकरीगंज के गाई बेला निवासी राहुल शर्मा, कोतवाली के मेवातीपुर निवासी विकास मणि त्रिपाठी और कजाकपुर निवासी दीपू उपाध्याय के रूप में हुई है। सूरज सिंह और राहुल शर्मा हिस्ट्रीशीटर हैं। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई व सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने पुलिस लाइंस में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी।
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एसपी सिटी ने बताया कि 11 मई की रात में तारामंडल स्थित शानवी नर्सिंग होम में रंगदारी न मिलने पर हिस्ट्रीशीटर सूरज सिंह ने अपने साथियों संग मिलकर तोड़फोड़ की थी और काउंटर से दो हजार रुपये उठा ले गए थे। आरोपियों की संख्या के आधार पर पुलिस लूट को डकैती में बदलकर आरोपियों की तलाश में लगी थी।
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आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने सूरज सिंह पर 25 हजार रुपया, विशाल और विनय यादव पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। जांच के दौरान पुलिस ने एक शरणदाता बीडीसी मानवेंद्र सिंह को जेल भेजा था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि विशाल सिंह कोर्ट में हाजिर हो गया। फरार विनय यादव की तलाश में पुलिस टीम लगी है।

 

नर्सिंग होम का मैनेजर मरीज के बदले देता था रुपया

तारामंडल रोड स्थित एक नर्सिंग होम के मैनेजर विकास मणि त्रिपाठी को भी पुलिस ने जेल भेजा है। एसपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि ये लोग मरीज को बेहतर इलाज का झांसा देकर सरकारी अस्पताल से निजी नर्सिंग होम पहुंचाते हैं। फिर सेटिंग से रुपये लेते हैं। एक मरीज के बदले 20 से 25 हजार रुपये मिलते हैं। मरीज का ऑपरेशन होता है, तो अतिरिक्त राशि मिलती है।

डीआईजी बंगला के सामने की थी फायरिंग
हिस्ट्रीशीटर सूरज सिंह अपने साथियों के साथ मिलकर एक साल पहले डीआईजी बंगला के सामने नर्सिंग होम पर फायरिंग की थी। उस समय भी मामला मरीज को भर्ती कराने और रंगदारी वसूलने का ही था। उस समय पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा था, लेकिन जमानत पर छूटने के बाद एक बार फिर आरोपियों ने मरीजों को नर्सिंग होम पहुंचाकर रंगदारी वसूलने का काम शुरू कर दिया। इस बार पुलिस ने आरोपियों पर गंभीर धारा लगाई है। साथ ही पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।

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सूरज और राहुल पर दर्ज हैं 13-13 मुकदमे
हिस्ट्रीशीटर सूरज सिंह और उसके साथी राहुल शर्मा पर 13-13 मुकदमे दर्ज हैं। सूरज पर रामगढ़ताल थाने में रंगदारी, डकैती, धमकी, कैंट में सात मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा रामगढ़ताल में मेडिकल एक्ट का भी केस दर्ज है। सूरज हत्या की कोशिश का भी आरोपी है। राहुल पर भी रामगढ़ताल, कैंट, बेलीपार, सिकरीगंज में हत्या की कोशिश, जालसाजी, धमकी, आर्म्स एक्ट मारपीट, डकैती के केस दर्ज हैं। विकास और दीपू पहली बार जेल गए हैं।

अस्पताल माफियाओं की तैयार हो रही सूची, करेंगे कार्रवाई
एसपी सिटी कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस लगातार अस्पताल माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की मदद से बिना पंजीकृत अस्पतालों की सूची हासिल कर ली है। सभी थाना से सूची का सत्यापन हो रहा है। अस्पताल माफियाओं को चिह्नित कर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इनकी संपत्तियों को भी जब्त किया जाएगा।




 
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