साइबर जालसाजों का नया पैंतरा: चुनाव में की है ड्यूटी तो मत क्लिक कीजिए अंजान लिंक, झांसा देकर उड़ा रहे रुपये
गोरखपुर आईजी जे रविंद्र ने कहा कि साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाते हैं। इसलिए इनके झांसे में कतई न आएं। किसी को भी मोबाइल फोन पर कोई जानकारी न दें। जो भी शिकायतें सामने आई हैं। उनकी जांच के साथ ही लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है।
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गोरखपुर में साइबर जालसाज ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। नगर निकाय चुनाव में ड्यूटी करने वाले कार्मिकों को फोन करके उनको अतिरिक्त भत्ता देने के बहाने ठगी शुरू कर दी है। हाल के दिनों में कुशीनगर और गोरखपुर में दो अध्यापकों को जालसाजों ने शिकार बनाया है। शिकायत सामने आने पर आईजी ने गंभीरता से प्रकरण की जांच करने का निर्देश दिया है। उदाहरण के लिए नीचे कुछ केस दिए गए हैं।
केस एक
न्यौता पर जा रहे थे, झट से लिंक पर कर दिया क्लिक
16 मई 2023 को कुशीनगर जिले के एक शिक्षक के मोबाइल पर काल करके साइबर ठग ने चुनाव ड्यूटी का अतिरिक्त भत्ता भेजने की बात कही। खाता सत्यापन करने के लिए उसने अध्यापक का बैंक खाता का नंबर, आधार कार्ड सहित अन्य जानकारी ली। इसके बाद तत्काल रुपये देने के लिए भेजे गए लिंक को क्लिक करने को कहा। शिक्षक ने जैसे ही उस लिंक को क्लिक किया। उनके खाते से तीन बार छह हजार रुपये कट गए।
केस दो
भुगतान के नाम पर गायब हो गए 50 हजार
17 मई 2023 को गोरखपुर जिले के एक शिक्षक के मोबाइल पर फोन आया। साइबर ठग ने उनको ड्यूटी भत्ता बढ़ाकर देने की बात कही। उसने कहा कि एप के जरिए ऑनलाइन भुगतान होगा। उनसे एनी डेस्क एप डाउनलोड कराया। बातचीत के दौरान ही मोबाइल फोन को रिमोट पर लेकर उनके बैंक खाते से 50 हजार रुपये की ठगी कर ली।
हाल के दिनों में नए तरीके से साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। साइबर जालसाज चुुनाव में ड्यूटी करने वाले कार्मिकों को झांसा देकर उनके बैंक एकाउंट से रुपये उड़ा रहे हैं। गोरखपुर और कुशीनगर जिले में साइबर ठगी के शिकार हुए दो शिक्षकों की शिकायत पर साइबर सेल जांच कर रही है। साइबर सेल से जुड़े लोगों का कहना है कि साइबर फ्राड करने वाले शातिर रोजाना नए-नए तरीके अपनाते हैं। इसलिए सभी को सजग रहने की जरूरत है।
आईजी ने दिए कार्रवाई के निर्देश
ये बरतें सावधानी
- साइबर ठगी से बचने के लिए किसी अंजान व्यक्ति की काल आने पर कोई जानकारी न दें।
- बैंक खाता नंबर, आधार कार्ड और पैन एकाउंट नंबर बताने पर जालसाज इसका दुरुपयोग करेंगे।
- किसी लिंक को क्लिक करने और कोई एप डाउनलोड करने का झांसा देने वालों से सतर्क रहें।
- किसी भी तरह के ऑफर और लालच में ना आएं।
- अच्छी तरह जांच करने के बाद ही किसी भी बैंक खाते में राशि डालें।
- फेसबुक, ट्विटर आईडी का पासवर्ड स्ट्रांग रखें, सरल पासवर्ड न रखें।
- कोई रुपयों की मांग करता है, तो पहले जांच लें या मैसेज करने वाले से फोन पर संपर्क करें।
- बैंक कर्मचारी कभी भी फोन पर विवरण नहीं मांगते हैं।
गोरखपुर आईजी जे रविंद्र ने कहा कि साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाते हैं। इसलिए इनके झांसे में कतई न आएं। किसी को भी मोबाइल फोन पर कोई जानकारी न दें। जो भी शिकायतें सामने आई हैं। उनकी जांच के साथ ही लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है।