गोरखपुर: भूमाफिया ओमप्रकाश की दो करोड़ की संपत्ति होगी जब्त, डीएम ने दिया आदेश
पांच अगस्त 2021 को मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंचीं बिंदू ने कैंट इलाके के ओमप्रकाश पांडेय पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया था। इसके बाद ही पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज की थी।
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गोरखपुर में भूमाफिया ओमप्रकाश पांडेय की करीब दो करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त होगी। डीएम विजय किरन आनंद ने रामगढ़ताल पुलिस की रिपोर्ट पर बुधवार को आदेश जारी कर दिया है। चार पहिया वाहन, मकान और जमीन को जब्त करने के लिए तहसीलदार सदर को रिसीवर नियुक्त किया गया है। जल्द ही वह सरकारी ताला लगाने की प्रक्रिया पूरी करेंगे। गैंगस्टर में वांछित ओमप्रकाश को कैंट पुलिस ने सात फरवरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
तीन चार पहिया, एक बाइक, जमीन और मकान को जब्त करने का आदेश दिया गया है। पुलिस ने कैंट थाने में गंभीर धाराओं में दर्ज छह मुकदमे को आधार बनाया था। जानकारी के मुताबिक, मोहद्दीपुर चारफाटक रोड निवासी ओम प्रकाश पांडेय के खिलाफ जालसाजी करने की शिकायत मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंचने के बाद पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू किया। जिन लोगों ने भी ओम प्रकाश के खिलाफ तहरीर दी, पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
रामगढ़ताल पुलिस ने ओम प्रकाश के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई की है। गिरफ्तारी के बाद रामगढ़ताल पुलिस ने भूमाफिया की संपत्ति को जब्त करने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी थी। मंगलवार को डीएम ने आर्थिक अपराध कारित करके अर्जित की संपत्ति को जब्त करने का आदेश जारी कर दिया।
सीएम के जनता दर्शन में महिला ने की थी शिकायत
पांच अगस्त 2021 को मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंचीं बिंदू ने कैंट इलाके के ओमप्रकाश पांडेय पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया था। इसके बाद ही पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज की थी।
ओमप्रकाश पर पांच महीने में 29 केस
ओमप्रकाश पर पांच महीने में कैंट समेत शहर के अलग-अलग थानों में जालसाजी के 29 केस दर्ज किए जा चुके हैं। 30 अगस्त को पूर्व नौ सैनिक मनीष कुमार मिश्रा ने केस दर्ज कराया था। कुशीनगर के कसया क्षेत्र के वरवा सुकदेव निवासी दुर्गावती, रमेश मिश्रा, किरन राय, लक्ष्मीपुर बुजुर्ग निवासी अलका पांडेय, कुबेरस्थान के सिंहन, जोड़ी निवासी मंजू और कोहरवलिया निवासी मीरा ने केस दर्ज कराया था। अब फिर से छह लोगों की तहरीर पर केस दर्ज है। इसके बाद सात और लोग सामने आए थे, जिसमें देवरिया की संगीता व बिहार के लोग शामिल थे।
23 अगस्त को दर्ज हुआ था गैंगस्टर का केस
23 अगस्त को तत्कालीन कैंट इंस्पेक्टर सुधीर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने ओमप्रकाश के अलावा सनी देवल, धीरज साहनी, संजय पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की थी। तभी से वह फरार है।
एसएसपी ने गठित की थी विशेष टीम
आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित करने के साथ ही अक्तूबर में ही एसपी सिटी सोनम कुमार के नेतृत्व में एसएसपी ने टीम गठित की थी। तब उसका लोकेशन राजस्थान में मिलने का दावा किया गया था, लेकिन दो महीने पहले मिले लोकेशन पर काम करने के बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। बाद में एसएसपी के आदेश पर कैंट पुलिस की टीम फिर सक्रिय हो गई थी। पुलिस ने इसे सात फरवरी को दिल्ली से एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार कर लिया था।