Gorakhpur News: कमरे में अलाव जलाकर सोए, दो बच्चों की मौत; मां की हालत गंभीर
एसपी साउथ जितेंद्र कुमार ने कहा कि कमरे में अलाव जलाकर महिला बच्चों के साथ सोई थी। दम घुटने से दोनों बच्चों की मौत हो गई है, जबकि महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। पिता के आने के बाद पोस्टमार्टम पर निर्णय लिया जाएगा।
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गोरखपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां गगहा थाना क्षेत्र के बिठुआ गांव में ठंड से बचने के लिए कमरे में जलाए गए अलाव के कारण दम घुटने से दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि उनकी मां की हालत गंभीर है। उसे बड़हलगंज के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। घरवालों ने विदेश में रहने वाले महिला के पति को बच्चों और महिला के बीमार होने की जानकारी दी है। सूचना के बाद वह विदेश से चल दिए हैं।
गगहा क्षेत्र के चकमाली उर्फ बिठुआ निवासी दिलीप निषाद खाड़ी देश में नौकरी करते हैं। पत्नी राधिका (32) बेटे अंश (6) व बेटी अंतिका (3) के साथ घर पर रहती थी। मंगलवार रात को ठंड से बचने के लिए अलाव जलाकर कमरे में सोई थी। अलाव के कारण कमरे की हवा जहरीली हो गई और दम घुटने से तीनों की हालत गंभीर हो गई।
सुबह देर तक दरवाजा न खोलने पर पड़ोस में रहने वाले जेठ आए और आवाज दिए। अंदर से कोई आवाज न आने पर अन्य भाइयों को बुलाया और दरवाजा तोड़ा गया तो बिस्तर पर तीनों बेसुध पड़े थे। तीनों को लेकर परिजन पास के ही नर्सिंग होम गए, जहां पर दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि, मां की हालत गंभीर बनी हुई है। राधिका को बच्चों की मौत की जानकारी नहीं दी गई है।
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एसपी साउथ जितेंद्र कुमार ने कहा कि कमरे में अलाव जलाकर महिला बच्चों के साथ सोई थी। दम घुटने से दोनों बच्चों की मौत हो गई है, जबकि महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। पिता के आने के बाद पोस्टमार्टम पर निर्णय लिया जाएगा।
होश में आते ही पूछी...बच्चे कहां हैं
दो बच्चों को खाना खिलाने के बाद साथ लेकर कमरे में सोई राधिका की आंख अस्पताल में खुली। उसे अस्पताल लाने की वजह पूछी। जब घटना के बारे में बताया गया तो उसने अपने बच्चों के बारे में पूछा। उसे सदमा न लगे इस वजह से डॉक्टर ने बच्चों की मौत की जानकारी नहीं दी। पुलिस भी पूछताछ के लिए गई तो यही बताया कि बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं और घर पर हैं। लेकिन, वह बार-बार बच्चों को दिखाने की बात कह रही है।
घरवाले किसी तरह उसे समझा कर शांत करा रहे हैं। उधर, पति दिलीप को भी बच्चों की मौत की जानकारी नहीं दी गई है। हादसे के बाद पूरा परिवार सदमे में है। पलक झपकते ही एक हंसता खेलता परिवार बर्बाद हो गया।
राधिका बताती है कि रात में अलाव लेकर वह कमरे में चली गई थी। उसके बाद क्या हुआ, उसे कुछ भी याद नहीं है। पड़ोस में घर बनाकर रहने वाले दिलीप के भाई बताते हैं, सुबह देर तक दरवाजा नहीं खुला और एक बार तेजी से खट से कुछ गिरने से आवाज आयी थी। इसके बाद ही वह गए और आवाज दी लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इसके बाद अन्य भाइयों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा तो तीनों बेसुध बिस्तर पर पड़े थे। तीनों को अस्पताल ले गए, जहां बच्चों अंश और अंतिका को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।