गोरखपुर: फर्जी आईडी पर बुक कर लूट ली थी इनोवा, दो आरोपी गिरफ्तार
भौकाल बनाने को विधायक का लोगो और भाजपा का झंडा लगाकर लखनऊ में कार चला रहे थे। फर्जी नंबर प्लेट का भी इस्तेमाल किया गया था। गीडा पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा।
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फर्जी आईडी पर इनोवा बुक कर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गुरुवार को गीडा पुलिस ने जीरो प्वाइंट के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से लूटी गई इनोवा, एक अन्य एसयूवी के अलावा दस्तावेज भी मिले हैं। पूछताछ में पता चला कि गिरोह का सरगना लखनऊ निवासी गौरव है। उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
मुख्य आरोपी गौरव शुक्ला मूल रूप से सिद्धार्थनगर के मोहाना थाना क्षेत्र के बुडा निवासी है। पकड़ा गया दूसरा आरोपी मोनू शुक्ला भी यहीं का निवासी है। गौरव वर्तमान में वृंदावन योजना बेलबाग थाना पीजीआई, लखनऊ में रहता है।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि 19 जुलाई, 2021 को शाहपुर के ताड़ीखाना निवासी तसव्वुर अली ने गीडा पुलिस को बताया था कि उनकी इनोवा कार वाराणसी के लिए 18 जुलाई को बुक हुई थी। चालक टीपू सुल्तान निवासी खरैया पोखरा थाना शाहपुर गया था, जो दूसरे दिन वापस आ गया, कार लापता है। पुलिस ने टीपू व ट्रेवल एजेंसी के मालिक राहुल सिंह से पूछताछ की।
एजेंसी मालिक द्वारा बुकिंग कराते समय उपलब्ध कराए गए, आधार कार्ड, पैन कार्ड व मोबाइल नंबर पुलिस को उपलब्ध कराया गया। जांच में यह आधार कार्ड गोंडा के संजय का पाया गया। संजय ने पूछताछ में बताया कि उसने अपना आधार व पैनकार्ड अपने गांव के सौरभ को दिया है। सौरभ से संपर्क करने पर पता चला कि गौरव ने साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने आरोपितों को बृृहस्पतिवार को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वे दूसरी घटना को अंजाम देने के फिराक में थे।
पुलिस के अनुसार, गौरव शुक्ला के पिता प्रॉपर्टी के व्यवसाय से जुड़े हैं। उनके पास खुद की महंगी गाड़ी भी है। हनक कायम करने के लिए लूट के बाद गौरव सचिवालय का स्कैन किया हुआ पास, विधायक का लोगो और एक राजनीतिक दल का झंडा लगाकर गांव से लेकर लखनऊ तक घूम रहा था।
ऐसे की वारदात
एसएसपी के मुताबिक, नौकरी दिलाने के नाम पर गौरव शुक्ला ने गोंडा के अपने परिचित दो युवकों से उनका आधार और पैन कार्ड लिया था। इसी की मदद से दो नए सिम लिए। दोस्तों के पहचान पत्र की मदद से ऑनलाइन बुकिंग की। 18 जुलाई को चालक टीपू सुल्तान लेकर निकला। नौसड़ के पास से दो युवक सवार हो गए थे जबकि दो युवक दोहरीघाट में कार से इंतजार कर रहे थे। वहां पर पहुंचने पर ओवरटेक कर कार रोक लिए और चालक को मारपीट कर सुल्तानपुर में फेंककर फरार हो गए थे।
सिद्धार्थनगर में भी कर चुके हैं वारदात
गौरव शुक्ला अपने साथियों के साथ मिलकर सिद्धार्थनगर में भी इस प्रकार की घटना को अंजाम दे चुका है। सिद्धार्थनगर के मोहाना थाने का वांछित भी है। आरोपियों के पास से पुलिस ने कार के अलावा तमंचा, छह आधार कार्ड, तीन पैन कार्ड भी बरामद किए हैं।
यह है गिरोह के फरार सदस्य
पूछताछ में आरोपियों ने अपने फरार साथियों का नाम अनिल शुक्ला, प्रेम तिवारी निवासी मोहाना सिद्धार्थनगर और विमल सिंह निवासी लखनऊ बताया। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
डकैती, आर्म्स एक्ट सहित कई धाराएं बढ़ाई गई
घटना का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने आरोपितों पर डकैती, आपराधिक साजिश, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, जालसाजी और आर्म्स एक्ट की धारा बढ़ा दी है।
पुलिस टीम को दस हजार का इनाम
एसएसपी ने घटना के पर्दाफाश में शामिल प्रभारी निरीक्षक गीडा विनय कुमार सरोज, एसएसआई संतोष कुमार सिंह, चौकी प्रभारी पिपरौली विनय रंजन, सिपाही यादुवेंद्र यादव, सिपाही संजय सिंह, रामनारायण शुक्ला, पप्पू यादव, बृजेश यादव, धनंजय सिंह की टीम को दस हजार का इनाम दिया है।