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गोरखपुर रेलवे स्टेशन: यात्रियों को सस्ती कीमत में जल्द मिलेगा ठंडा पानी, जानिए कैसे
Wed, 04 Aug 2021 10:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 04 Aug 2021 10:31 AM IST
सार
मिनरल वाटर के लिए रेलवे अपने नियंत्रण में चलवाएगी वेंडिंग मशीनें। लाइसेंस न जमा करने से रेलवे स्टेशन पर ठेकेदार की मशीनें हैं सीज।
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गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर बंद पड़ी वाटर वेंडिंग मशीन।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही यात्रियों को एक बार फिर पांच रुपये में एक लीटर ठंडा पानी (मिनरल वाटर) मिलेगा। अब वाटर वेंडिंग मशीनों को खुद रेलवे अपने नियंत्रण में चलवाएगी। यह अभी तक आईआरसीटीसी के माध्यम से एजेंसी चला रही थी। नई मशीनों को भी लगाने की तैयारी चल रही है।
दरअसल, लखनऊ मंडल में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने वर्ष 2015 में 44 वाटर वेंडिंग मशीनें लगवाईं। इसमें गोरखपुर जंक्शन पर 16, लखनऊ में आठ सहित अन्य बड़े स्टेशनों पर मशीनें लगीं। इसके तहत यात्रियों को सस्ते दर पर ठंडा मिनरल वाटर मिल रहा था, जिसे यात्रियों ने खूब पसंद किया। लेकिन, कोरोना काल में ट्रेनों के संचलन बंद होने के साथ ही यह व्यवस्था भी खत्म हो गई। बाद में लाइसेंस शुल्क और बिजली बिल बकाया रहने के चलते आईआरसीटीसी ने एजेंसी का ठेका निरस्त कर दिया था।
प्यास बुझाने में खर्च करने पड़ रहे 15 रुपये
वाटर वेंडिंग मशीनों (डब्ल्यूवीएम) के बंद होने से अब प्यास बुझाने के लिए यात्रियों को 15 रुपये खर्च कर पानी की बोतल खरीदनी पड़ रही है। वैसे तो हर प्लेटफॉर्म पर स्टेन पोस्ट लगाए गए हैं, जहां टोंटी के माध्यम से पानी आता है, लेकिन गर्मी के दिनों में पानी काफी गर्म हो जाता है। अब ज्यादातर लोग मिनरल वाटर पीने लगे हैं, इसलिए ऐसी मशीनों से पानी की मांग भी ज्यादा है।
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मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि डिवीजन स्तर पर वाटर वेंडिंग मशीनों को संचालित करने की योजना तैयार की जा रही है। मशीनें रेलवे अब खुद के नियंत्रण में जल्द ही चलवाएगी। इससे यात्रियों को सस्ते दर पर ठंडा मिनरल वाटर मिलेगा।
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दरअसल, लखनऊ मंडल में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने वर्ष 2015 में 44 वाटर वेंडिंग मशीनें लगवाईं। इसमें गोरखपुर जंक्शन पर 16, लखनऊ में आठ सहित अन्य बड़े स्टेशनों पर मशीनें लगीं। इसके तहत यात्रियों को सस्ते दर पर ठंडा मिनरल वाटर मिल रहा था, जिसे यात्रियों ने खूब पसंद किया। लेकिन, कोरोना काल में ट्रेनों के संचलन बंद होने के साथ ही यह व्यवस्था भी खत्म हो गई। बाद में लाइसेंस शुल्क और बिजली बिल बकाया रहने के चलते आईआरसीटीसी ने एजेंसी का ठेका निरस्त कर दिया था।
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प्यास बुझाने में खर्च करने पड़ रहे 15 रुपये
वाटर वेंडिंग मशीनों (डब्ल्यूवीएम) के बंद होने से अब प्यास बुझाने के लिए यात्रियों को 15 रुपये खर्च कर पानी की बोतल खरीदनी पड़ रही है। वैसे तो हर प्लेटफॉर्म पर स्टेन पोस्ट लगाए गए हैं, जहां टोंटी के माध्यम से पानी आता है, लेकिन गर्मी के दिनों में पानी काफी गर्म हो जाता है। अब ज्यादातर लोग मिनरल वाटर पीने लगे हैं, इसलिए ऐसी मशीनों से पानी की मांग भी ज्यादा है।
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मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि डिवीजन स्तर पर वाटर वेंडिंग मशीनों को संचालित करने की योजना तैयार की जा रही है। मशीनें रेलवे अब खुद के नियंत्रण में जल्द ही चलवाएगी। इससे यात्रियों को सस्ते दर पर ठंडा मिनरल वाटर मिलेगा।