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अब सिग्नल के अभाव में देर तक आउटर पर खड़ी नहीं होंगी ट्रेनें, तत्काल पहुंचेगा मैसेज
Fri, 03 Jan 2020 10:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2020 10:47 AM IST
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भारतीय रेल
- फोटो : शटरस्टॉक्स
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अब सिग्नल के अभाव में ट्रेनें देर तक खड़ी नहीं होंगी। सिग्नल उपकरणों में तकनीकी खामी होते ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों तक तत्काल मैसेज पहुंच जाएगा, जिसके बाद फाल्ट को ठीक करा लिया जाएगा।
यह संभव हुआ है एसएमएस अलर्ट सिस्टम से, जिसे पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन (एसएंडटी) ने तैयार किया है। ट्रायल के तौर पर यह सिस्टम मगहर-खलीलाबाद रेल मार्ग पर नव स्थापित आइबीएच पर लागू कर दिया गया है।
इस तकनीक से कोहरा, बारिश और आंधी-तूफान आने पर भी सिग्नल की खामी को खोजने में मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। एसएमएस अलर्ट सिस्टम हार्डवेयर और साफ्टवेयर बेस पर आधारित उपकरण है, जिसे स्टेशन यार्ड स्थित इंटरलॉकिंग गेट और रेललाइनों पर ब्लॉक सेक्शन में मौजूद इंटरमीडिएट ब्लाक हट (आइबीएच) तथा ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) हट पर स्थापित किया जाएगा। यह सिग्नल उपकरण में आने वाली किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी पर एक साथ 15 मोबाइल नंबरों पर एसएमएस भेजेगा।
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खास बात यह है कि पॉवर नहीं होने पर भी यह एसएमएस अलर्ट सिस्टम 48 घंटे तक कार्य करता रहेगा। जल्द ही पूर्वोत्तर रेलवे के अन्य रेलमार्गों पर भी इस सिस्टम को लागू किया जाएगा।
लखनऊ मंडल के एसएंडटी विभाग ने नवाचार के तौर पर एसएमएस अलर्ट सिस्टम तैयार किया है। इससे सिग्नलिंग उपकरणों की मॉनीटरिंग में आसानी होगी। इस उपकरण से सिग्नल फेल होने पर फाल्ट को ठीक करने में देरी नहीं होगी। -पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनई रेलवे
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यह संभव हुआ है एसएमएस अलर्ट सिस्टम से, जिसे पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन (एसएंडटी) ने तैयार किया है। ट्रायल के तौर पर यह सिस्टम मगहर-खलीलाबाद रेल मार्ग पर नव स्थापित आइबीएच पर लागू कर दिया गया है।
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इस तकनीक से कोहरा, बारिश और आंधी-तूफान आने पर भी सिग्नल की खामी को खोजने में मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। एसएमएस अलर्ट सिस्टम हार्डवेयर और साफ्टवेयर बेस पर आधारित उपकरण है, जिसे स्टेशन यार्ड स्थित इंटरलॉकिंग गेट और रेललाइनों पर ब्लॉक सेक्शन में मौजूद इंटरमीडिएट ब्लाक हट (आइबीएच) तथा ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) हट पर स्थापित किया जाएगा। यह सिग्नल उपकरण में आने वाली किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी पर एक साथ 15 मोबाइल नंबरों पर एसएमएस भेजेगा।
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खास बात यह है कि पॉवर नहीं होने पर भी यह एसएमएस अलर्ट सिस्टम 48 घंटे तक कार्य करता रहेगा। जल्द ही पूर्वोत्तर रेलवे के अन्य रेलमार्गों पर भी इस सिस्टम को लागू किया जाएगा।
लखनऊ मंडल के एसएंडटी विभाग ने नवाचार के तौर पर एसएमएस अलर्ट सिस्टम तैयार किया है। इससे सिग्नलिंग उपकरणों की मॉनीटरिंग में आसानी होगी। इस उपकरण से सिग्नल फेल होने पर फाल्ट को ठीक करने में देरी नहीं होगी। -पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनई रेलवे