Gorakhpur: यातायात पुलिस ने लौटाईं 23 लोगों की खुशियां, CCTV की मदद से मिली सफलता
पुलिस को जैसे ही सूचना मिलती है, उस चौराहे के कैमरे की मदद से ऑटो का नंबर मिल जाता है और फिर अगले सभी चौराहों पर पुलिस को अलर्ट कर दिया जाता है, जिससे पुलिस को कामयाबी मिल रही है। एसपी ट्रैफिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि 23 लोगों का बैग पुलिस लौटा चुकी है।
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आईटीएमएस के सीसीटीवी कैमरे की मदद से यातायात पुलिस ने कई लोगों के चेहरे पर खुशियां लौटा दीं। ऑटो में बैग छोड़कर गए लोग हो या जाते बैग लेकर भाग रहे हों, सब को कैमरों की मदद से वापस कराया। जानकारी के मुताबिक, किसी का भी बैग गायब होने पर जब भी उसने चौराहे पर ड्यूटी कर रहे पुलिस को सूचना दी पुलिस सक्रिय हो गई। इसका असर भी सामने आया। पुलिस ने लोगों के बैग को खोजने में सफल रही।
दरअसल, पुलिस को जैसे ही सूचना मिलती है, उस चौराहे के कैमरे की मदद से ऑटो का नंबर मिल जाता है और फिर अगले सभी चौराहों पर पुलिस को अलर्ट कर दिया जाता है, जिससे पुलिस को कामयाबी मिल रही है। एसपी ट्रैफिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि 23 लोगों का बैग पुलिस लौटा चुकी है। आगे भी प्रयास जारी रहेगा। कोशिश है कि लोगों की मदद की जाए।
इनके भी बैग हुए वापस
नई कॉलोनी देवरिया निवासी मिथलेश कुमार मिश्रा, रुस्तमपुर निवासी शहनवाज हुसैन, नौसड़ निवासी शशि प्रभा, नंदानगर की संगीता, यूनिवर्सिटी छात्रावास में रहने वाली पूजा, देवरिया के अमित कुमार, सहजनवां के वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी, विजय गुप्ता, खजनी के राकेश शुक्ला, जेल बाईपास के रमेश कुमार, संतोष यादव, तारामंडल के अनुराग, सहजनवां के सांतनु त्रिपाठी, साइबर सेल प्रभारी, हेमा सिंह, आदर्श यादव, पवन अग्रहरि, नीतू अग्रवाल, संजय यादव का भी बैग वापस कराया गया।
केस एक
तीन जुलाई को सत्या नंद पांडेय किसी काम से बैंक गए थे। इस दौरान एक ठेले पर बैंक से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे बैग को भूल गए थे। सूचना पर तत्काल पुलिस सक्रिय हो गई और बैग को लौटाया गया।
केस दो
पांच जुलाई को कुशीनगर की सावित्री देवी का बैग ई-रिक्शा में छूट गया था। पुलिस ने पीए सिस्टम की मदद से अलाउंस करके एक घंटे में यातायात कार्यालय के पास से बैग खोज लिया।