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गोरखपुर: जीएसटी विभाग के इस फैसले का व्यापारियों ने किया विरोध, कहा- '40 वर्ष पहले जैसा होगा आंदोलन'

Sun, 20 Sep 2020 03:33 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 20 Sep 2020 03:33 PM IST
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Traders protest due to GST department will survey 10 Businessman establishments every month in gorakhpur
प्रतिष्ठानों के सर्वे के फैसले का व्यापारियों ने विरोध किया है। - फोटो : अमर उजाला।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में वाणिज्य कर की तरफ से हर महीने 10 व्यापारियों के प्रतिष्ठानों के सर्वे के फैसले का व्यापारियों ने विरोध किया है। व्यापारी आरपार की लड़ाई का मन बना चुके हैं। लिहाजा, अलग-अलग व्यापारिक संगठन एक मंच पर आ गए हैं।

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व्यापारियों का कहना है कि जरूरत पड़ी तो 40 वर्ष पहले जैसा आंदोलन होगा। 1980 में इस तरह के फैसले के खिलाफ व्यापारी एकजुट हुए थे। 40 दिनों तक दुकानें बंद रखीं गईं थीं। कोरोना महामारी के बीच व्यापारी परेशान हैं। ऐसे में अधिकारियों को उत्पीड़न का हथियार देना कतई उचित नहीं है। जब सामान्य रूप से व्यापार-बाजार चल रहा है तो इसकी जरूरत ही क्या है? इस फैसले पर दोबारा सोचना चाहिए। यह व्यापारी हित में नहीं है-
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विरोध में 40 दिन बंद रखी गईं थीं दुकानें
गोरखपुर उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह मुन्ना ने कहा कि वर्ष 1980 में बिक्री कर के सर्वे के विरोध में पूरे प्रदेश में जबरदस्त आंदोलन हुआ था। 40 दिनों तक व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं थीं। इसके फलस्वरूप बिक्री कर के सर्वे से व्यापारियों को मुक्ति मिली तथा सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी हुई। अब अवैधानिक कानून लाकर इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। इसका व्यापार मंडल विरोध करता है।

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व्यापारी सरकार के साथ, फैसले पर हो पुनर्विचार

उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के उपाध्यक्ष प्रमोद टेकरीवाल ने कहा कि प्रदेश का व्यापारी सरकार के राजस्व में कमी नहीं करना चाहता है। लिहाजा, उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। व्यापारियों ने कठिन समय में सरकार का साथ दिया है। अब सरकार को व्यापारियों की समस्याओं का ध्यान रखना चाहिए।
 
व्यापारी कल्याण बोर्ड की सहमति बिना ही लिया फैसला
गोरखपुर युवा उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनीष सक्सेना ने कहा कि जब उप्र व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन हुआ था, तब सरकार ने सहमति के बाद ही किसी नए कानून, आदेश पर फैसला लेने की बात कही थी। अब अनदेखी करके व्यापारियों के उत्पीड़न का आदेश पारित कर दिया गया। गोरखपुर युवा उद्योग व्यापार मंडल इस सर्वे का पूर्णरूप से विरोध करता रहेगा।
 
सर्वे करने की अनुमति का करेंगे विरोध
चेंबर ऑफ ट्रेडर्स के अध्यक्ष अनूप किशोर अग्रवाल ने बताया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा दुकानों का सर्वे औचित्यहीन है। इसका तगड़ा विरोध होगा। व्यापारिक आंदोलन के चलते पहले जो सर्वे बंद कर दिए गए हैं उन्हें फिर चालू करने का कोई मतलब नहीं है। इससे व्यापारियों का उत्पीड़न बढ़ेगा।

फैसले पर तत्काल रोक की जरूरत

थोक वस्त्र व्यवसायी वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष राजेश नेभानी ने कहा कि कपड़ा व्यापारी हमेशा सरकार के साथ हैं, लेकिन इस कानून से व्यापारियों का उत्पीड़न होगा। सरकार को चाहिए कि व्यापारियों के साथ बैठ करके बातचीत करे और इस समस्या का हल निकाले। इस फैसले पर सख्त निर्णय लेते हुए तत्काल रोक लगाने की जरूरत है।

अब व्यापारियों का साथ दे सरकार
बिस्कुट मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अरशद जमाल समानी ने कहा कि व्यापारियों के उत्पीड़न के लिए सर्वे छापे का जो आदेश दिया गया है, मैं उसका विरोध करता हूं। पूरे लॉकडाउन में व्यापारियों ने सरकार का सहयोग किया। अब सरकार को व्यापारियों की मदद करनी चाहिए। इस फैसले को तत्काल स्थगित कर दें।

ये है व्यवस्था
वाणिज्य कर कमिश्नर अमृता सोनी ने जो आदेश जारी किया है, उसके मुताबिक सालाना 10 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाले पांच व्यापारियों के वहां प्रतिमाह सर्वे किया जाएगा। पांच करोड़ से दस करोड़ के टर्नओवर वाले तीन व्यापारी, डेढ़ करोड़ से पांच करोड़ टर्नओवर वाले एक और सालाना डेढ़ करोड़ रुपये से कम आय वाले एक व्यापारी का सर्वे किया जाना है। सर्वे के दौरान स्टॉक ज्यादा मिला या फिर टर्नओवर में किसी तरह की हेरफेर मिली तो जब्त करने, विवेचना व कार्रवाई का प्रावधान भी है।

एसआईबी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 राजेश सिंह ने कहा कि ईमानदारी व्यापारियों की सहूलियत और सुविधा को देखते हुए इस अभियान को शुरू किया गया है। पहले जो जांच होती थी, यह प्रक्रिया उससे सरल है। जरूरी साक्ष्यों के आधार पर संबंधित विषयों पर ही जांच की जाएगी। टीम महीने में दो से तीन बार ही जांच कर सकती है। बार-बार जांच प्रक्रिया से व्यापारियों को भी नहीं गुजरना पड़ेगा। व्यापारी हित को देखते हुए ही फैसला लिया गया है।
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