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आज बिना यंत्र के भी देख सकेंगे बृहस्पति और शनि ग्रह की करीबी

Mon, 21 Dec 2020 01:50 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 21 Dec 2020 01:50 AM IST
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Today Jupiter and Saturn will be close planet even without a machine
आज बिना यंत्र के भी देख सकेंगे बृहस्पति और शनि ग्रह की करीबी
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गोरखपुर। खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए सोमवार की रात खास होगी। साल की सबसे लंबी रात और करीब 400 वर्षों में घटित होने वाली अनूठी खगोलीय घटना का नजारा देखा जा सकेगा। सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति और शनि के करीब आने की घटना को बिना किसी यंत्र के देखा जा सकेगा।
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमरपाल सिंह ने बताया कि सूर्यास्त के बाद दक्षिण पश्चिम दिशा में खगोलीय घटना को सामान्य तौर पर देख सकते हैं। यह दोनों ग्रह तारों की तरह चमकते नजर आएंगे। विज्ञान की भाषा में इसे ग्रेट कंजक्शन कहते हैं। कई जगह इसे क्रिसमस स्टार भी कहा जाता है।
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अमरपाल सिंह ने बताया कि सौरमंडल में दो बड़े ग्रहों का नजदीक आना दुर्लभ नहीं है। बृहस्पति ग्रह अपने पड़ोसी शनि ग्रह के पास से प्रत्येक 20 साल पर गुजरता है। मगर 21 दिसंबर को घटित होने वाली घटना के दौरान दोनों ग्रहों के बीच की दूरी .1 डिग्री से कम रह जाएगी। यानी अपने जीवन काल में दोबारा किसी मनुष्य या उसकी कई पुश्तों को इस खगोलीय घटना को देखने का मौका नहीं मिल सकेगा। खगोलविद ने बताया कि खगोलीय घटना के दौरान धरती से शनि ग्रह की दूरी 161.94 करोड़ किलोमीटर दूर होगी। वहीं धरती से बृहस्पति ग्रह की दूरी 88.63 करोड़ किलोमीटर दूर होगी। दोनों ग्रहों के बीच की दूरी भले ही वैज्ञानिक भाषा में .1 डिग्री से कम बताई जा रही है, मगर वास्तविकता में इनके बीच की दूरी 75 हजार किलोमीटर की होगी।
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क्या होता है ग्रेट कंजक्शन
व्राटिनो टेक्नोलॉजी के सचिव सचिन ने बताया कि सौरमंडल का पांचवां ग्रह बृहस्पति और छठा ग्रह शनि निरंतर सूर्य की परिक्रमा करते रहते हैं। गुरु की एक परिक्रमा लगभग 11.86 साल में पूरी हो पाती है। शनि को लगभग 29.5 साल लग जाते हैं। परिक्रमा के समय के इस अंतर के कारण लगभग हर 19.6 साल में दोनों ग्रह आकाश में साथ दिखने लगते हैं, जिसे ग्रेट कंजक्शन कहा जाता है।
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