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तीन माह के मासूम ने जीती कोरोना से जंग, डॉक्टर ने कहा- मां का दूध सबसे बड़ी दवा

Mon, 27 Apr 2020 03:02 AM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर Published by: Trainee Trainee Updated Mon, 27 Apr 2020 03:02 AM IST
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Three months old baby recovered from coronavirus in basti
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

बस्ती के तीन माह के मासूम ने कोरोना से जंग जीत ली है। 14 दिन बाद हुई दोबारा जांच में रिपोर्ट निगेटिव आने पर कॉलेज प्रशासन ने उसे डिस्चार्ज करते हुए एंबुलेंस से घर भेज दिया है। कमिश्नर जयंत नर्लिकर और डीएम के विजयेंद्र पांडियन की उपस्थिति में मासूम को भेजा गया। माता-पिता ने कॉलेज और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया है।

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बस्ती का तीन माह के मासूम की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद बस्ती जिला प्रशासन ने 13 अप्रैल को उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भेज दिया था। कॉलेज प्रशासन ने मासूम और उसकी मां को कोरोना वार्ड में आइसोलेट किया था।
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मां को स्टाफ नर्स ने विशेष सहयोग करते हुए मासूम को दूध पिलाने की सलाह दी। साथ ही उसे पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट) किट भी दिए गए, जिससे की दूध पिलाने के दौरान वह संक्रमित न हो सके। इसका असर यह रहा कि मां की तीन बार कोरोना संक्रमण की जांच कराई गई और सभी रिपोर्ट निगेटिव आई।
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25 अप्रैल को मासूम का फिर से कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया था, जिसकी रिपोर्ट 26 अप्रैल को रिपोर्ट निगेटिव आई। कॉलेज प्रशासन कमिश्नर, डीएम और कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. गणेश कुमार की उपस्थिति में मासूम को एंबुलेंस से बस्ती घर भेज दिया है।

मां का दूध सबसे बड़ी दवा 

मासूम की मां ने कॉलेज प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि डॉक्टरों की बदौलत मेरे कॉलेजे का टुकड़ा मेरे पास सुरक्षित है। पिता ने कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जो व्यवस्था की उसके लिए हम सदैव आभारी रहेंगे। कमिश्नर ने कहा कि अभी लड़ाई लंबी है, जो कमियां रह गई हैं, वह पूरी की जाएंगी।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने कहा कि मासूम कोरोना पॉजिटिव तो था, लेकिन उसमें कोई लक्षण नहीं थे। इसकी वजह उसे कोई संक्रमण नहीं हुआ। ऐसे में उसे कोई दवा नहीं दी गई। मां का दूध ही उसके लिए सबसे बड़ा दवा था। जिसकी बदौलत वह ठीक हुआ। उन्होंने मासूम की मां का भी सहयोग के लिए आभार जताया।

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