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3 दोस्तों ने किया सामूहिक दुष्कर्म: भाभी की पिटाई के डर से भागी थी किशोरी, बोली- दरिंदों ने कहीं का नहीं छोड़ा
Sat, 29 Apr 2023 03:07 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 29 Apr 2023 03:07 PM IST
सार
किशोरी ने बताया कि घर में मां-बाप दोनों की मौत हो गई। भाभी भी हमेशा मारती रहती थी। न घर में सुख मिला और न ही बाहर आने पर चैन मिल पाया। गोरखपुर में उतरने के बाद सोचा था कि कोई काम कर लूंगी, लेकिन यहां तो दरिंदों ने नोच डाला। आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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गोरखनाथ इलाके में सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में पकड़े गए तीनों युवक।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
वह कमरे में गिड़गिड़ा रही थी। दरिंदों के पैर पकड़कर रहम की भीख भी मांगी। उम्र का भी हवाला दिया। भूखी हूं, यह भी बोला। लेकिन, इन सब बातों का दरिंदों पर कोई असर नहीं पड़ा। कमरे में बंधक बनाकर दुष्कर्म किया गया। इतना ही नहीं, राजू हुसैन ने अपने दोस्तों को भी बुलाकर गलत काम कराया। किशोरी पछतावा जरूर है कि आखिर वह घर से नाराज होकर क्यों आई।
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जानकारी के मुताबिक, किशोरी के मां-बाप की काफी पहले ही मौत हो चुकी है। वह अपने भाई और भाभी के साथ रहती थी। किशोरी ने बताया कि उसे भाभी हमेशा मारती थी। इसी वजह से नाराज होकर घर से निकल आई थी। सोचा था कि किसी घर में काम मिल जाएगा तो वहीं पर जीवन काट लूंगी। लेकिन, यहां पर जिसने मदद के लिए हाथ मिलाया, वही दरिंदा निकल गया।
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किशोरी उस समय को याद करते ही कांप जा रही है। अपने दर्द को साझा करते हुए उसने बताया कि एक-एक कर तीनों ने दुष्कर्म किया। सबसे बड़ी उम्मीद से मैं रोककर, पैर पकड़कर मिन्नत करती, लेकिन किसी ने मेरी नहीं सुनी।
कुंडी लगाना भूले तो भागकर आ गई बाहर
पुलिस को किशोरी ने बताया है कि आरोपी उसे कमरे में बंद करके रखते थे। शौच भी निगरानी में ही भेजते थे। लेकिन, बृहस्पतिवार को वह कमरे की कुंडी बंद करना भूल गए। दरवाजा खुला पाते ही मैं भागकर बाहर आ गई और फिर पड़ोस के एक घर में जाकर आपबीती बताई। उन्होंने मदद की और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद दरिंदों की चंगुल से छूट पाई।
घर में भी सुख नहीं मिला, यहां दरिंदों ने नोच डाला
किशोरी ने बताया कि घर में मां-बाप दोनों की मौत हो गई। भाभी भी हमेशा मारती रहती थी। न घर में सुख मिला और न ही बाहर आने पर चैन मिल पाया। गोरखपुर में उतरने के बाद सोचा था कि कोई काम कर लूंगी, लेकिन यहां तो दरिंदों ने नोच डाला। आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
किसी को भी नहीं लगी भनक, मोहल्ले में होता रहा कांड
तीनों युवक कितने शातिर थे, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आसपास के लोगों को भी कानों-कान खबर नहीं लग सका। वह कमरे में कांड करते रहे और किशोरी को बाहर तक नहीं निकलने दिया कि कोई जान न जाए। हमेशा एक युवक वहां पर उसकी निगरानी के लिए रहता था। क्योंकि किशोरी से रेलवे स्टेशन से लेकर कमरे तक कहीं पर भी जोर जबरदस्ती नहीं हुई थी, इस वजह से पुलिस को भी भनक नहीं लग पाई।
घर में भी सुख नहीं मिला, यहां दरिंदों ने नोच डाला
किशोरी ने बताया कि घर में मां-बाप दोनों की मौत हो गई। भाभी भी हमेशा मारती रहती थी। न घर में सुख मिला और न ही बाहर आने पर चैन मिल पाया। गोरखपुर में उतरने के बाद सोचा था कि कोई काम कर लूंगी, लेकिन यहां तो दरिंदों ने नोच डाला। आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
किसी को भी नहीं लगी भनक, मोहल्ले में होता रहा कांड
तीनों युवक कितने शातिर थे, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आसपास के लोगों को भी कानों-कान खबर नहीं लग सका। वह कमरे में कांड करते रहे और किशोरी को बाहर तक नहीं निकलने दिया कि कोई जान न जाए। हमेशा एक युवक वहां पर उसकी निगरानी के लिए रहता था। क्योंकि किशोरी से रेलवे स्टेशन से लेकर कमरे तक कहीं पर भी जोर जबरदस्ती नहीं हुई थी, इस वजह से पुलिस को भी भनक नहीं लग पाई।