Gorakhpur: चोरी के गहने खरीदने वाले स्वर्ण व्यापारी समेत तीन गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल
एसपी सिटी ने बताया कि पूछताछ में धीरू, अभिषेक ने बताया कि वह फरार गब्बर के साथ मिलकर पहले मकानों की रेकी करते हैं। जो मकान लंबे समय से बंद रहता है, उसका ताला तोड़कर घुस जाते हैं और चोरी करते हैं। चोरी किए सामान और जेवरात को चंदन को बेच देते हैं।
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गोरखपुर जिले के बंद मकानों की रेकी कर चोरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को बृहस्पतिवार को कैंट पुलिस और एसओजी टीम ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपितों में स्वर्ण व्यापारी भी है। यह जानबूझकर चोरी के सामान को सस्ते में खरीदकर बेचा करता था। आरोपियों के पास से पुलिस ने सोने की 33 चेन, चांदी के 20 जेवर और दो हजार रुपये बरामद किए हैं। आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया। आरोपित सीसी टीवी फुटेज की मदद से पकड़े गए हैं।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान दिव्यनगर निवासी धीरू पासवान, भैरोपुर निवासी अभिषेक सिंह और व्यापारी रमावापुर निवासी चंदन वर्मा के रूप में हुई। एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। एसपी सिटी ने बताया कि पिछले दो महीने के भीतर कैंट की इंजीनियरिंग कॉलेज चौकी क्षेत्र के दिव्यनगर कॉलोनी और वीर बहादुर पुरम के दो बंद मकानों में चोरी हुई थी।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही थी। जांच में पता चला कि इसमें स्थानीय चोर शामिल हैं। पुलिस उनकी तलाश में थी। बृहस्पतिवार को मुखबिर की सूचना पर आरोपियों को पकड़ लिया। इन्हें पकड़ने वाली टीम में कैंट इंस्पेक्टर शशिभूषण राय, स्वाट प्रभारी मनीष यादव, इंजीनियरिंग कॉलेज चौकी प्रभारी अमित कुमार चौधरी, दरोगा अभिनव मिश्रा, अखिलेश कुमार, अरविन्द यादव, सिपाही इंद्रेश, रामइकबाल, राजमंगल, रणवीर, अरुण राय और अरूण यादव शामिल रहे।
सोने की दुकान पर बेच देते थे सामान
पूछताछ में धीरू और अभिषेक ने बताया कि वह अपने साथी गब्बर के साथ मिलकर चोरी करते हैं और चोरी के जेवरात को पिपराइच रमवापुर निवासी सोने-चांदी के दुकानदार चंदन वर्मा को बेच देते हैं। जिसके बाद पुलिस ने दुकानदार चंदन के यहां से चोरी के जेवरात बरामद किए। पुलिस अब फरार गब्बर की तलाश कर रही है।
शराब और जुआ के लिए करते थे चोरी
एसपी सिटी ने बताया कि पूछताछ में धीरू, अभिषेक ने बताया कि वह फरार गब्बर के साथ मिलकर पहले मकानों की रेकी करते हैं। जो मकान लंबे समय से बंद रहता है, उसका ताला तोड़कर घुस जाते हैं और चोरी करते हैं। चोरी किए सामान और जेवरात को चंदन को बेच देते हैं। मिले रुपयों को आपस में बांट लेते हैं। तीनों ने मिलकर 23 अप्रैल 2022 और 17 मार्च 2022 को इंजीनियरिंग कॉलेज के वीरबहादुर पुरम और दिव्यनगर में चोरी की थी। चोरी से मिले रुपयों से तीनों शराब पीते थे और जुआ खेलते थे।
जमानत पर बाहर आया था धीरू
पुलिस के अनुसार, धीरू शातिर चोर है। वह चोरी में कई बार जेल जा चुका है। पिछले कुछ दिनों से वह जमानत पर बाहर आ गया था और घर पर रहता था। इस दौरान वह अक्सर चौकी पुलिस के पास आता था। जुआ होने की शिकायत करता था। साथ ही खुद के अपराध से तौबा करने की बात कहता था।
अभी दो दिन पहले ही उसने जुआ होने की शिकायत की थी और मुखबिरी की थी कि दोनों मकानों में चोरी करने वाले भी जुआ खेल रहे हैं। जिसपर पुलिस ने कई लोगों को जुआ खेलते हुए पकड़ा था। जांच के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। बाद में पता चला कि चोरी में खुद धीरू ही शामिल था। फरार गब्बर भी पूर्व में चोरी के मामले में जेल जा चुका है।