गोरखपुर: डॉक्टर से रंगदारी मांगने में साढ़ू समेत तीन गिरफ्तार, पुलिस टीम पर की फायरिंग
मुख्य साजिशकर्ता डॉक्टर का साढ़ू जितेंद्र गुप्ता है। उसने ही पूरी घटना की साजिश रची और फिर अंजाम दिया। राकेश निषाद जितेंद्र के घर के पास ही मेडिकल स्टोर चलाता है। इसी की दुकान पर बैठकर पूरी साजिश रची गई थी। यह भी घटना को जानता था और शामिल था।
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गोरखपुर जिले के झंगहा इलाके में पैथोलॉजी संचालक डॉ. संतराज गुप्ता पर रंगदारी न मिलने पर फायरिंग करने के मामले में पुलिस ने उनके साढ़ू जितेंद्र गुप्ता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस से घिरने पर आरोपियों ने फायरिंग भी की है। पुलिस ने तीनों पर हत्या की कोशिश का एक और केस दर्ज कर लिया।
आरोपियों ने पूछताछ में अपने चार और साथियों का नाम बताया है, जिसकी तलाश में टीमें लगी हैं। गिरफ्तारी कर घटना का पर्दाफाश करने वाली झंगहा और एसओजी टीम को एसएसपी ने पुरस्कृत किया। रविवार को पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान देवरिया के रुद्रपुर के जमुनहा लुवटही निवासी जितेंद्र गुप्ता, रुद्रपुर के सरहसव निवासी राकेश निषाद और झलावा निवासी पन्नेलाल यादव के रूप में हुई है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर और एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने पुलिस लाइंस में रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर घटना का पर्दाफाश किया।
एसएसपी ने बताया कि जालसाजी के आरोप में जितेंद्र गुप्ता डेढ़ महीने पहले जमानत पर रिहा हुआ है। वह जानता था कि इस समय उसके साढ़ू की कमाई ठीक है और उसके पास रुपये भी हैं। उसने जेल में मिले दोस्तों सहित छह के साथ मिलकर रंगदारी वसूलने की साजिश रची।
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जितेंद्र ने जेल में रहने के दौरान संपर्क में आए गोंडा के बजीरगंज के सुदामापुर निवासी रामगोपाल जायसवाल से बाइक ली। फिर रुद्रापुर के बेलकुंडा निवासी विनय यादव से तमंचा हासिल कर गौतम से एक सिम ले लिया। फिर इसी सिम से जितेंद्र ने अपने साढ़ू संतराज गुप्ता के मोबाइल पर फोन कर जान से मारने की धमकी देकर 20 लाख की रंगदारी मांगी।
एसएसपी ने बताया कि रंगदारी न देने पर डॉक्टर और उसके परिवार को डराने के लिए घर पर पन्नेलाल यादव, सतीश व गौतम ने फायरिंग की। संयोग अच्छा था कि गोली गाड़ी पर लगी। 20 सितंबर को जितेंद्र गुप्ता अपने साढ़ू डॉक्टर से फिर रंगदारी की मांग की और रुपये लेकर देवरिया के रुद्रपुर बार्डर के समीप हरैइया झिरझिरवा टोला के पास बुलाया। इस बीच पुलिस टीम लगी हुई थी।
पुलिस को देखते ही बदमाश फायरिंग करते हुए फरार हो गए थे। मगर, मौके पर पुलिस को बदमाशों की एक बाइक मिल गई थी, जिसके नंबर के आधार पर आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
ऐसे रची गई थी साजिश
पूरे घटनाक्रम में मुख्य साजिशकर्ता डॉक्टर का साढ़ू जितेंद्र गुप्ता है। उसने ही पूरी घटना की साजिश रची और फिर अंजाम दिया। राकेश निषाद जितेंद्र के घर के पास ही मेडिकल स्टोर चलाता है। इसी की दुकान पर बैठकर पूरी साजिश रची गई थी। यह भी घटना को जानता था और शामिल था।