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70वां राष्ट्रीय अधिवेशन: 'पंच परिवर्तन' एजेंडे को धार देगा एबीवीपी- जानिए क्या हैं ये-CM योगी आज होंगे शामिल
Sun, 24 Nov 2024 12:15 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Sun, 24 Nov 2024 12:15 PM IST
सार
सीएम योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर रविवार को गोरखपुर आएंगे। रविवार सुबह करीब 11 बजे वह गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे अभाविप के राष्ट्रीय अधिवेशन के अंतिम दिन प्राध्यापक यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। शाम को जंगल कौड़िया में एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होंगे।
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एबीवीपी का 70वां राष्ट्रीय अधिवेशन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सामाजिक समरसता और नागरिक कर्तव्य सहित ‘पंच परिवर्तन’ के एजेंडे को अब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ( एबीवीपी) युवाओं के जरिए धार देगा। इसके लिए परिषद की कई टीमें पूरे वर्ष विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में व्यापक अभियान चलाएंगी। माना जा रहा है कि संघ और एबीवीपी के इस एजेंडे में अपरोक्ष रूप से एक बड़ा सियासी संदेश भी है।
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बीते लोकसभा चुनाव में जातीय समीकरणों का तानाबाना बुनकर विपक्ष ने भाजपा के लिए बड़ी चुनौती पेश की थी। दलित और पिछड़ा वर्ग भाजपा के खेमे से छिटक गए थे।
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एबीवीपी का 70वां राष्ट्रीय अधिवेशन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विपक्ष दलितों के बीच यह संदेश पहुंचाने में काफी हद तक कामयाब हुआ कि भाजपा के सत्तासीन होते ही संविधान में बदलाव हो जाएगा। यह संदेश पूरे देश में बड़ा मुद्दा बनकर उभरा था, जिसका असर चुनाव परिणामों में भी दिखा।
चुनाव परिणाम आने के बाद जून में गोरक्षनगरी आए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने अपने प्रवास के दौरान ‘पंच परिवर्तन’ के एजेंडे पर चिंतन-मंथन किया था। यह प्रवास गैर राजनीतिक था, लेकिन कहीं न कहीं जो पांच एजेंडे सामने आए उनका जुड़ाव सियासत से भी है।
चुनाव परिणाम आने के बाद जून में गोरक्षनगरी आए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने अपने प्रवास के दौरान ‘पंच परिवर्तन’ के एजेंडे पर चिंतन-मंथन किया था। यह प्रवास गैर राजनीतिक था, लेकिन कहीं न कहीं जो पांच एजेंडे सामने आए उनका जुड़ाव सियासत से भी है।
एबीवीपी का 70वां राष्ट्रीय अधिवेशन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संघ का सबसे प्रमुख एजेंडा सामाजिक समरसता है। इसके माध्यम से दलितों और पिछड़ों को जोड़ने की मुहिम है। साथ ही नागरिक कर्तव्य के एजेंडे में भी बड़ा संदेश है। इसमें अधिकार की जगह कर्तव्य की बात कही गई है।
अब इन दोनों प्रमुख एजेंडे पर एबीवीपी भी धरातल पर काम करने जा रहा है। गोरखपुर में चल रहे राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन एबीवीपी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री गोविंद नायक ने इस एजेंडे को युवाओं के बीच साझा किया। जब वे युवाओं को समझा रहे थे, उस दौरान आरएसएस के राष्ट्रीय सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंद भी मौजूद थे।
इस एजेंडे पर एबीवीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजशरण शाही कहते हैं, 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे हो जाएंगे। हमें भारत को श्रेष्ठ, सशक्त और सक्षम बनाना है। सिर्फ सरकारों के प्रयास से यह संभव नहीं है।
अब इन दोनों प्रमुख एजेंडे पर एबीवीपी भी धरातल पर काम करने जा रहा है। गोरखपुर में चल रहे राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन एबीवीपी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री गोविंद नायक ने इस एजेंडे को युवाओं के बीच साझा किया। जब वे युवाओं को समझा रहे थे, उस दौरान आरएसएस के राष्ट्रीय सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंद भी मौजूद थे।
इस एजेंडे पर एबीवीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजशरण शाही कहते हैं, 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे हो जाएंगे। हमें भारत को श्रेष्ठ, सशक्त और सक्षम बनाना है। सिर्फ सरकारों के प्रयास से यह संभव नहीं है।
एबीवीपी का 70वां राष्ट्रीय अधिवेशन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके लिए हर नागरिक की भूमिका सुनिश्चित होनी चाहिए। इसके लिए ‘पंच परिवर्तन’ के एजेंडे पर काम जरूरी है।
हालांकि, एबीवीपी के अधिवेशन में इसके अलावा शिक्षण संस्थानों में गिरती शिक्षा की गुणवत्ता, मिलावटी खाद्य पदार्थ की जगह जैविक भोजन, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सधी हुई कूटनीति और शिक्षा में अनुसूचित शुल्क जैसे प्रस्ताव भी लाए गए हैं, लेकिन अंदरखाने चर्चा है कि विद्यार्थी परिषद के कोर एजेंडे में संघ का ‘पंच परिवर्तन’ ही मुख्य है।
इसके लिए छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित कराने की तैयारी है। इसमें परिषद के कार्यकर्ता युवाओं से संवाद करेंगे और उन्हें पंच परिवर्तन के तीन और मूल मंत्र कुटुंब प्रबंधन, पर्यावरण और स्व का जागरण से अवगत कराएंगे। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं की टीम काम करेगी। गोरखपुर में चल रहे तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में इसका खाका तैयार कर लिया गया है।
हालांकि, एबीवीपी के अधिवेशन में इसके अलावा शिक्षण संस्थानों में गिरती शिक्षा की गुणवत्ता, मिलावटी खाद्य पदार्थ की जगह जैविक भोजन, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सधी हुई कूटनीति और शिक्षा में अनुसूचित शुल्क जैसे प्रस्ताव भी लाए गए हैं, लेकिन अंदरखाने चर्चा है कि विद्यार्थी परिषद के कोर एजेंडे में संघ का ‘पंच परिवर्तन’ ही मुख्य है।
इसके लिए छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित कराने की तैयारी है। इसमें परिषद के कार्यकर्ता युवाओं से संवाद करेंगे और उन्हें पंच परिवर्तन के तीन और मूल मंत्र कुटुंब प्रबंधन, पर्यावरण और स्व का जागरण से अवगत कराएंगे। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं की टीम काम करेगी। गोरखपुर में चल रहे तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में इसका खाका तैयार कर लिया गया है।
इसके लिए हर नागरिक की भूमिका सुनिश्चित होनी चाहिए। इसके लिए ‘पंच परिवर्तन’ के एजेंडे पर काम जरूरी है।
हालांकि, एबीवीपी के अधिवेशन में इसके अलावा शिक्षण संस्थानों में गिरती शिक्षा की गुणवत्ता, मिलावटी खाद्य पदार्थ की जगह जैविक भोजन, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सधी हुई कूटनीति और शिक्षा में अनुसूचित शुल्क जैसे प्रस्ताव भी लाए गए हैं, लेकिन अंदरखाने चर्चा है कि विद्यार्थी परिषद के कोर एजेंडे में संघ का ‘पंच परिवर्तन’ ही मुख्य है।
इसके लिए छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित कराने की तैयारी है। इसमें परिषद के कार्यकर्ता युवाओं से संवाद करेंगे और उन्हें पंच परिवर्तन के तीन और मूल मंत्र कुटुंब प्रबंधन, पर्यावरण और स्व का जागरण से अवगत कराएंगे। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं की टीम काम करेगी। गोरखपुर में चल रहे तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में इसका खाका तैयार कर लिया गया है।
हालांकि, एबीवीपी के अधिवेशन में इसके अलावा शिक्षण संस्थानों में गिरती शिक्षा की गुणवत्ता, मिलावटी खाद्य पदार्थ की जगह जैविक भोजन, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सधी हुई कूटनीति और शिक्षा में अनुसूचित शुल्क जैसे प्रस्ताव भी लाए गए हैं, लेकिन अंदरखाने चर्चा है कि विद्यार्थी परिषद के कोर एजेंडे में संघ का ‘पंच परिवर्तन’ ही मुख्य है।
इसके लिए छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित कराने की तैयारी है। इसमें परिषद के कार्यकर्ता युवाओं से संवाद करेंगे और उन्हें पंच परिवर्तन के तीन और मूल मंत्र कुटुंब प्रबंधन, पर्यावरण और स्व का जागरण से अवगत कराएंगे। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं की टीम काम करेगी। गोरखपुर में चल रहे तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में इसका खाका तैयार कर लिया गया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
सीएम योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर रविवार को गोरखपुर आएंगे। रविवार सुबह करीब 11 बजे वह गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे अभाविप के राष्ट्रीय अधिवेशन के अंतिम दिन प्राध्यापक यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। शाम को जंगल कौड़िया में एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होंगे।