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Gorakhpur News: खून माफिया गिरोह के शरणदाताओं और निजी ब्लड बैंक के धंधे का अब खुलेगा खेल
Mon, 09 Oct 2023 11:35 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 09 Oct 2023 11:35 AM IST
सार
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि दर्ज केस की समीक्षा की जाएगी। अगर कुछ तथ्य जांच में और आए होंगे तो उसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
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एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
खून माफिया गिरोह पर हुई अब तक की कार्रवाई की एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर समीक्षा कराएंगे। इसके बाद पूछताछ में आए गए तथ्यों के आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ाएगी। दरअसल, पुलिस ने जांच कर छह लोगों को गिरोह में शामिल होने के आरोप में जेल भेजा, जबकि प्राइवेट ब्लड बैंक का नाम सामने आया था, लेकिन उसकी जांच नहीं हो सकी। अब समीक्षा कर आगे की कार्रवाई होनी है।
जानकारी के मुताबिक, 28 अगस्त को नगर निगम के पूर्व सफाई कर्मी वसील और उसके साथी केशरदेव को पुलिस ने गिरफ्तार कर मेडिकल कॉलेज में खून माफिया के नेटवर्क को खोला था। पुलिस की जांच में सामने आया कि मजदूर की मजबूरी का फायदा उठाकर उसके खून को आठ हजार रुपये में बेच दिया गया था। महराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के कमता बुजुर्ग निवासी गोरख चौहान (30) की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर चार और आरोपियों को पकड़ा था।
इसे भी पढ़ें: सीडीआर से सामने आया छह कत्ल का सच, प्रेम को किसी ने कॉल नहीं की थी, वो खुद गया लेहड़ा टोला
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पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक के सीसीटीवी फुटेज को डिलीट कर दिया गया था। इसके बाद आखिरी बार पकड़े गए युवक ने बताया कि प्राइवेट ब्लड बैंक से भी उनकी सेटिंग थी। लेकिन इसके बाद जांच आगे नहीं बढ़ी। पुलिस अगर जांच आगे बढ़ाए तो गिरोह में शामिल अन्य लोग भी पकड़ में आ सकते हैं।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि दर्ज केस की समीक्षा की जाएगी। अगर कुछ तथ्य जांच में और आए होंगे तो उसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
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जानकारी के मुताबिक, 28 अगस्त को नगर निगम के पूर्व सफाई कर्मी वसील और उसके साथी केशरदेव को पुलिस ने गिरफ्तार कर मेडिकल कॉलेज में खून माफिया के नेटवर्क को खोला था। पुलिस की जांच में सामने आया कि मजदूर की मजबूरी का फायदा उठाकर उसके खून को आठ हजार रुपये में बेच दिया गया था। महराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के कमता बुजुर्ग निवासी गोरख चौहान (30) की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर चार और आरोपियों को पकड़ा था।
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पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक के सीसीटीवी फुटेज को डिलीट कर दिया गया था। इसके बाद आखिरी बार पकड़े गए युवक ने बताया कि प्राइवेट ब्लड बैंक से भी उनकी सेटिंग थी। लेकिन इसके बाद जांच आगे नहीं बढ़ी। पुलिस अगर जांच आगे बढ़ाए तो गिरोह में शामिल अन्य लोग भी पकड़ में आ सकते हैं।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि दर्ज केस की समीक्षा की जाएगी। अगर कुछ तथ्य जांच में और आए होंगे तो उसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।