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Gorakhpur News: आपके पार्सल में कोकीन है, चढ़ावा दीजिए वरना जेल जाएंगे

Fri, 29 Mar 2024 02:57 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 29 Mar 2024 02:57 AM IST
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There is cocaine in your parcel, donate it or you will go to jail.
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ डॉक्टर के पास एक ह्वाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने डाॅक्टर से बोला कि आपके नाम और पते से एक कुरियर विदेश भेजा जा रहा था, जिसे कस्टम विभाग ने पकड़ा है। इसके पैकेट में कोकीन समेत अन्य कई अवैध नशीले पदार्थ भी मिले हैं। अभी थोड़ी देर में पुलिस आपके घर पहुंचने वाली है। अगर जेल जाने से बचना चाहते हैं तो तुरंत एक लाख रुपए का चढ़ावा भेजिए। यह सुनकर डॉक्टर पहले तो घबराए लेकिन फिर किसी धोखाधड़ी की आशंका में 19 मार्च को साइबर थाने में इसकी सूचना दी।
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साइबर थाने की पुलिस ने जब डॉक्टर द्वारा दिए गए नंबर की जांच की तो पता चला कि वह कोई जालसाज इस्तेमाल कर रहा है। साइबर अपराध थाने के एसआई उपेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि मार्च माह में ही दिल्ली एम्स के वरिष्ठ डॉक्टर जिनका गोरखनाथ इलाके में घर है, उनके पास भी ऐसी ही एक कॉल आई थी। वह काफी परेशान होकर उनके पास आए थे। जालसाज ने उनसे भी यही कहानी सुनाई थी। फिलहाल दोनों ही मामले में डॉक्टरों ने समझदारी का परिचय दिखाते हुए जालसाज की बातों में न आकर साइबर थाने में इसकी सूचना दी।
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सूचना जरूर दें...और लोग बचेंगे



एसआई उपेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि यह कोई जरूरी नहीं है कि जालसाजी हो तभी पुलिस को सूचना दें। अगर किसी के पास ऐसी कॉल आती है और वह समझदारी दिखाकर बच जाता है, उन्हें भी उस नंबर की जानकारी पुलिस को देनी चाहिए ताकि उस नंबर से और जालसाजी न हो सके। उसे ब्लॉक कराया जा सके।
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घर बैठे चक्षु और डीआईपी पर करें शिकायत

दूर संचार मंत्रालय ने संचार साथी पोर्टल पर दो प्लेटफाॅर्म चक्षु और डीआईपी तैयार किए हैं। घर बैठे इस पर ऑनलाइन जालसाजी से संबधित शिकायत की जा सकती है। साइबर अपराध होने पर डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफाॅर्म (डीआईपी) पर शिकायत करें। अगर आपके पास कोई ऐसी कॉल आ रही है, जिससे ऑनलाइन जालसाजी का खतरा महसूस कर रहे हैं तो आप चक्षु पर शिकायत दर्ज कराएं। डीआईपी की मदद से ऑनलाइन जालसाजी में डूबे पैसे वापस आने में मदद मिलती है। वहीं चक्षु पर शिकायत दर्ज करने पर जालसाज के नंबर ब्लॉक कर दिए जाते हैं।




साइबर अपराध थाने का हेल्पलाइन नंबर - 1930



ऑनलाइन जालसाजी के लिए जालसाज हमेशा कुछ नया तरीका खोजते रहते हैं। इस समय जालसाज खास तौर से वरिष्ठ डॉक्टरों के नंबर एकत्रित कर उन्हें ह्वाट्सएप कॉल के जरिए झूठी कहानी बताकर पैसे ऐंठने का प्रयास कर रहे हैं। कई जगहों पर जो लोग जागरूक नहीं हैं, वह जाल में फंसकर पैसे भी दे देते हैं।

उपेन्द्र कुमार सिंह, एसआई, साइबर अपराध थाना
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