{"_id":"68c45be81893807ef30c9cbf","slug":"the-ponds-have-not-been-renovated-their-area-is-shrinking-due-to-encroachment-gorakhpur-news-c-209-1-sgkp1039-138330-2025-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: पोखरों का नहीं हुआ जीर्णोद्धार, अतिक्रमण से सिकुड़ रहा दायरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: पोखरों का नहीं हुआ जीर्णोद्धार, अतिक्रमण से सिकुड़ रहा दायरा
Fri, 12 Sep 2025 11:14 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 12 Sep 2025 11:14 PM IST
विज्ञापन
शहर के विधियानी स्थित पोखरा
संतकबीरनगर। शहर के पोखरों को पर्यटन के दृष्टिकोण से जीर्णोद्धार कराए जाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कराया था। इस योजना पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे, लेकिन अब तक इस योजना पर कार्य शुरू नहीं हो सका है। जिसके कारण जहां पोखरों की सूरत लगातार बिगड़ रही है वहीं अतिक्रमण के चलते इनका दायरा भी सिमट रहा है।
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद क्षेत्र के सात पोखरों के जीर्णोद्धार कवायद शुरु की गयी थी। इसके लिए पालिका प्रशासन ने करीब एक साल पहले प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था, लेकिन अब तक इसकी मंजूरी नहीं मिल सकी है। जिसके कारण बजट नहीं मिला। ऐसे में यह योजना अधर में लटक गई है। पालिका ने जिन पोखरों के जीर्णोद्धार की योजना बनाई थी, उनमें विधियानी, मोहद्दीनपुर, मैलानी, गौसपुर, उस्का खुर्द, मौलाना आजाद, सरौली, स्टेशनपुरवा आदि शामिल हैं।
जीर्णोद्धार का कार्य शुरू न होने से आस-पास के लोग पोखरों पर अतिक्रमण कर रहे हैं, जिससे पोखरों का दायरा सिमट रह है। साथ ही गंदगी के चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। यदि जीर्णोद्धार हो जाए तो समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- --
पर्यटकों को लुभान की थी योजना
शहर के पोखरों के जीर्णोद्धार के जरिए पर्यटकाें को लुभान की योजना थी। इसके तहत पोखरों के किनारे सीढि़यां और पाथवे बनाया जाना है। इसके साथ ही पार्क, फौव्वारा, बैठने के लिए बेंच, लाइटिंग, चबूतरा, इंटरलाॅकिंग आदि कार्य कराए जाने हैं। इस योजना पर अमल हो जाए तो लोगों को मनोरंजन के लिए शहर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही यहां पर व्यवसायिक गतिविधियां भी बढ़ेगी, जिससे लोगों को रोजगार मिल सकता है। शहर के निवासी दिलीप कुमार, शैलेंद्र कुमार आदि ने बताया कि उम्मीद थी कि पोखरों का जल्द जीर्णोद्धार हो जाएगा, लेकिन अब उम्मीद टूटने लगी है।
-- -- -- -- -- -- --
समय माता मंदिर पोखरे का निर्माण भी ठप
शहर के प्रसिद्ध समय माता मंदिर के पोखरे के सुंदरीकरण का कार्य शुरू कराया गया था। इसके तहत दो तरफ सीढि़यां बनाई गई और प्रकाश की व्यवस्था की गई है। अन्य कार्य बजट के अभाव में नहीं हो सका है और कार्य भी ठप हो गया है। हालांकि पालिका प्रशासन ने बजट के लिए करीब चार करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। पालिका प्रशासन का दावा है कि जल्द ही बजट उपलब्ध हो जाएगा। इससे पोखरे के अधूरे कार्य पूर्ण हो सकेगा।
कोट
शहर के सात पोखरों के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेजा गया है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही इसकी स्वीकृति मिल जाए। स्वीकृति मिलने पर सुंदरीकरण का कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे अतिक्रमण की समस्या भी दूर हो जाएगी।
-जगत जायसवाल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद खलीलाबाद
विज्ञापन
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद क्षेत्र के सात पोखरों के जीर्णोद्धार कवायद शुरु की गयी थी। इसके लिए पालिका प्रशासन ने करीब एक साल पहले प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था, लेकिन अब तक इसकी मंजूरी नहीं मिल सकी है। जिसके कारण बजट नहीं मिला। ऐसे में यह योजना अधर में लटक गई है। पालिका ने जिन पोखरों के जीर्णोद्धार की योजना बनाई थी, उनमें विधियानी, मोहद्दीनपुर, मैलानी, गौसपुर, उस्का खुर्द, मौलाना आजाद, सरौली, स्टेशनपुरवा आदि शामिल हैं।
विज्ञापन
जीर्णोद्धार का कार्य शुरू न होने से आस-पास के लोग पोखरों पर अतिक्रमण कर रहे हैं, जिससे पोखरों का दायरा सिमट रह है। साथ ही गंदगी के चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। यदि जीर्णोद्धार हो जाए तो समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
विज्ञापन
पर्यटकों को लुभान की थी योजना
शहर के पोखरों के जीर्णोद्धार के जरिए पर्यटकाें को लुभान की योजना थी। इसके तहत पोखरों के किनारे सीढि़यां और पाथवे बनाया जाना है। इसके साथ ही पार्क, फौव्वारा, बैठने के लिए बेंच, लाइटिंग, चबूतरा, इंटरलाॅकिंग आदि कार्य कराए जाने हैं। इस योजना पर अमल हो जाए तो लोगों को मनोरंजन के लिए शहर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही यहां पर व्यवसायिक गतिविधियां भी बढ़ेगी, जिससे लोगों को रोजगार मिल सकता है। शहर के निवासी दिलीप कुमार, शैलेंद्र कुमार आदि ने बताया कि उम्मीद थी कि पोखरों का जल्द जीर्णोद्धार हो जाएगा, लेकिन अब उम्मीद टूटने लगी है।
समय माता मंदिर पोखरे का निर्माण भी ठप
शहर के प्रसिद्ध समय माता मंदिर के पोखरे के सुंदरीकरण का कार्य शुरू कराया गया था। इसके तहत दो तरफ सीढि़यां बनाई गई और प्रकाश की व्यवस्था की गई है। अन्य कार्य बजट के अभाव में नहीं हो सका है और कार्य भी ठप हो गया है। हालांकि पालिका प्रशासन ने बजट के लिए करीब चार करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। पालिका प्रशासन का दावा है कि जल्द ही बजट उपलब्ध हो जाएगा। इससे पोखरे के अधूरे कार्य पूर्ण हो सकेगा।
कोट
शहर के सात पोखरों के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेजा गया है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही इसकी स्वीकृति मिल जाए। स्वीकृति मिलने पर सुंदरीकरण का कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे अतिक्रमण की समस्या भी दूर हो जाएगी।
-जगत जायसवाल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद खलीलाबाद