गोरखपुर का मौसम: सर्द होने लगी रातें...सताने लगा सर्दी, खांसी व जुकाम; अब इन बातों का रखें ख्याल
मौसम बदलते ही हमारी जीवनशैली भी बदलने लगती है। ठंड के कारण धुंध बढ़ती है और धुंध होने की वजह से प्रदूषण के कण नीचे आ जाते हैं, जो हार्ट तक पहुंचते हैं। इससे हार्ट की बीमारी की आशंका बनी रहती है।
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गोरखपुर में मौसम में तेजी से बदलाव हुआ है। दिन में भले ही तेज धूप निकल रही है, लेकिन रात होते ही हल्की ठंड महसूस होने लगी है। मंगलवार की रात को न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। मौसम विज्ञान विभाग की माने तो बुधवार रात को तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है। मौसम के इस बदलाव का असर सेहत पर पड़ने लगा है। लोग खांसी, जुकाम व बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। डॉक्टर भी ऐसे मौसम में सेहत को लेकर सतर्कता बरतने का सुझाव दे रहे हैं।
पश्चिमी विक्षोभ के चलते सोमवार की देर शाम को तेज हवा के चले आंधी तूफान के बाद बारिश होने से मौसम सुहाना हो गया। इसके बाद अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज होने से ठंड का अहसास होने लगा। मंगलवार की रात न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिसके चलते शाम होते ही तापमान कम होने से लोगों को ठंड का अहसास होने लग रहा है।
बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार 24 अक्तूबर तक यूं ही रात का तापमान दिन के आधे लेवल तक पहुंचता रहेगा। सोमवार और मंगलवार तक दिन के समय का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। रात को यह गिरकर 18 व 19 डिग्री तक आ जाएगा।
ठंड में बदलते मौसम में बच्चे और बुजुर्गों का रखे ख्याल
हवा में हल्की-हल्की ठंड का अहसास शुरू हो चुका है। इस बदलते मौसम में स्वास्थ्य की कुछ समस्याएं यानी सर्दी, खांसी या बुखार की संभावना बढ़ जाती है। इस समय हमें अपने घर के बच्चे व बड़े-बुजुर्गों की सेहत का भी खास ख्याल रखने की आवश्यकता है।
दरअसल, मौसम बदलते ही हमारी जीवनशैली भी बदलने लगती है। ठंड के कारण धुंध बढ़ती है और धुंध होने की वजह से प्रदूषण के कण नीचे आ जाते हैं, जो हार्ट तक पहुंचते हैं। इससे हार्ट की बीमारी की आशंका बनी रहती है। उम्र के ज्यादा हो जाने के कारण बीमारी से लड़ने की शारीरिक क्षमता कम हो जाती है और सर्दी, खांसी, बुखार, बदन दर्द जैसी परेशानियां के साथ बुजुर्गों में सांस की परेशानी या अस्थमा का अटैक सबसे सामान्य समस्या है।
इन बातों का रखें ख्याल
संभव हो तो डायबिटीज के मरीज और 60 साल से ज्यादा की उम्र के बुजुर्ग कोलेस्ट्रॉल टेस्ट जरूर कराएं, क्योंकि इस मौसम में शरीर को गर्मी देने के लिए नसें सिकुड़ने लगती हैं और खून गाढ़ा हो जाता है। इससे खून के संचार में परेशानी आती है और फिर पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाने के कारण दिल का काम आम दिनों के मुकाबले बढ़ जाता है।