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Gorakhpur News: मकान खुद गिरा या लापरवाही हुई, तीसरी आंख खोलेगी राज- इस वजह से अभी भी सहमें हैं स्थानीय लोग
Sun, 28 Apr 2024 11:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 28 Apr 2024 11:44 AM IST
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नाला निर्माण के दौरान रुस्तमपुर में गिरा मकान।
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर के नौसड़-पैडलेगंज सिक्सलेन निर्माण के दौरान शुक्रवार को रुस्तमपुर में तीन मंजिला मकान गिरने की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि नाला निर्माण के दौरान लापरवाही से मकान गिरा है, जबकि लोक निर्माण विभाग के अफसर मकान को ही जर्जर बता रहे हैं। ऐसे में सीसीटीवी कैमरा के फुटेज से ही मकान के गिरने की वजह सामने आएगी।
मकान मालिक के पुत्र प्रखर पांडेय ने बताया कि नाला निर्माण को बेतरतीब होता देख उन्होंने चार दिन पहले ही सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया था। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे उनका तीन मंजिला मकान भरभरा कर गिर गया। गनीमत रहा कि उस दौरान नाला निर्माण कार्य में लगे मजदूर वहां नहीं थे, इस कारण बड़ा हादसा टल गया, जबकि मकान पहले से ही खाली था।
प्रखर के अनुसार, नाला निर्माण के दौरान उन्होंने मकान के आगे का हिस्सा तोड़वाया और मजबूत पिलर बनाए थे। उनका आरोप है कि नाले की खोदाई के दौरान जेसीबी से मिट्टी हटी तो गली की दीवार पाइपलाइन पर गिर गई और पाइपलाइन फट गई। तेजी से पानी निकलने लगा, जिससे नीचे की मिट्टी दरकने लगी।
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इसी दौरान मकान गिर गया। उन्हें भय था कि नाला में पानी भरने से कहीं डॉ. अजय मौर्य और उनका दूसरा मकान भी न गिर जाए।
उनकी शिकायत के बाद आपूर्ति बंद कर पंपिंग सेट से पानी निकाला गया। मकान से सटे करीब 15 फिट गहरा नाला खोदा गया था और मकान तीन मंजिला था, उसमें पानी से मिट्टी हटी तो मकान गिर गया। इस मामले लोक निर्माण विभाग के एई रंजन सिंह का कहना है कि मकान क्षतिग्रस्त था। मकान मालिक को इसके बारे में जानकारी भी दी गई थी। मकान गिरने के बाद पाइपलाइन के पानी से नाले में पानी भरा था।
मकान मालिक के पुत्र प्रखर पांडेय ने बताया कि नाला निर्माण को बेतरतीब होता देख उन्होंने चार दिन पहले ही सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया था। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे उनका तीन मंजिला मकान भरभरा कर गिर गया। गनीमत रहा कि उस दौरान नाला निर्माण कार्य में लगे मजदूर वहां नहीं थे, इस कारण बड़ा हादसा टल गया, जबकि मकान पहले से ही खाली था।
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प्रखर के अनुसार, नाला निर्माण के दौरान उन्होंने मकान के आगे का हिस्सा तोड़वाया और मजबूत पिलर बनाए थे। उनका आरोप है कि नाले की खोदाई के दौरान जेसीबी से मिट्टी हटी तो गली की दीवार पाइपलाइन पर गिर गई और पाइपलाइन फट गई। तेजी से पानी निकलने लगा, जिससे नीचे की मिट्टी दरकने लगी।
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इसी दौरान मकान गिर गया। उन्हें भय था कि नाला में पानी भरने से कहीं डॉ. अजय मौर्य और उनका दूसरा मकान भी न गिर जाए।
उनकी शिकायत के बाद आपूर्ति बंद कर पंपिंग सेट से पानी निकाला गया। मकान से सटे करीब 15 फिट गहरा नाला खोदा गया था और मकान तीन मंजिला था, उसमें पानी से मिट्टी हटी तो मकान गिर गया। इस मामले लोक निर्माण विभाग के एई रंजन सिंह का कहना है कि मकान क्षतिग्रस्त था। मकान मालिक को इसके बारे में जानकारी भी दी गई थी। मकान गिरने के बाद पाइपलाइन के पानी से नाले में पानी भरा था।
नाला निर्माण के दौरान रुस्तमपुर में गिरा मकान।
- फोटो : अमर उजाला
पाइपलाइन की हुई मरम्मत, थमी पानी की बर्बादी
नाला निर्माण के दौरान रुस्तमपुर ढाला के पास शुक्रवार को क्षतिग्रस्त मकान गिर गया। शनिवार को जलकल विभाग ने खोदाई में कटी पाइपलाइन को दुरुस्त किया, जिससे दो दिन से चल रही पानी की बर्बादी थम गई। साथ ही सैकड़ों घरों में पेयजल आपूर्ति बहाल हो सकी।
जलकल के महाप्रबंधक रघुवेंद्र कुमार ने बताया कि क्षतिग्रस्त हुई पाइप की मरम्मत करा दी गई है। रुस्तमपुर के पास सिक्स लेन किनारे मुख्य पाइप लाइन बदलने के लिए भी प्रयास जारी है। इसके पहले पैडलेगंज से छात्रसंघ चौराहा तक सड़क चौड़ीकरण व नाला निर्माण की वजह से दाउदपुर से रुस्तमपुर के बीच एक साल में कई बार पेयजल पाइपलाइन कट चुकी है।
मुख्य पाइपलाइन दुरुस्त करने के साथ ही ओवर हेड टैंक शिफ्ट करने के लिए जलकल की ओर से नौ करोड़ 60 लाख दो हजार रुपये का आगणन तैयार कर लोक निर्माण विभाग से धन की मांग की गई है। इसे यदि बदला नहीं गया तो क्षेत्र में पानी की समस्या आगे भी बनी रहेगी।
नाला निर्माण के दौरान रुस्तमपुर ढाला के पास शुक्रवार को क्षतिग्रस्त मकान गिर गया। शनिवार को जलकल विभाग ने खोदाई में कटी पाइपलाइन को दुरुस्त किया, जिससे दो दिन से चल रही पानी की बर्बादी थम गई। साथ ही सैकड़ों घरों में पेयजल आपूर्ति बहाल हो सकी।
जलकल के महाप्रबंधक रघुवेंद्र कुमार ने बताया कि क्षतिग्रस्त हुई पाइप की मरम्मत करा दी गई है। रुस्तमपुर के पास सिक्स लेन किनारे मुख्य पाइप लाइन बदलने के लिए भी प्रयास जारी है। इसके पहले पैडलेगंज से छात्रसंघ चौराहा तक सड़क चौड़ीकरण व नाला निर्माण की वजह से दाउदपुर से रुस्तमपुर के बीच एक साल में कई बार पेयजल पाइपलाइन कट चुकी है।
मुख्य पाइपलाइन दुरुस्त करने के साथ ही ओवर हेड टैंक शिफ्ट करने के लिए जलकल की ओर से नौ करोड़ 60 लाख दो हजार रुपये का आगणन तैयार कर लोक निर्माण विभाग से धन की मांग की गई है। इसे यदि बदला नहीं गया तो क्षेत्र में पानी की समस्या आगे भी बनी रहेगी।