{"_id":"6a46d25bb72de1df56055bfb","slug":"the-general-secretary-of-prks-wrote-a-letter-to-the-railway-administration-raising-the-issue-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1373379-2026-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: भीषण गर्मी में ट्रनों में बढ़ा ''''एसी और पावर फेलियर'''' का संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: भीषण गर्मी में ट्रनों में बढ़ा ''''एसी और पावर फेलियर'''' का संकट
Fri, 03 Jul 2026 02:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 03 Jul 2026 02:34 AM IST
विज्ञापन
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद कुमार राय ने भीषण गर्मी में ट्रेनों में एसी और पावर फेलियर के संकट का दावा किया है। उन्होंने रेलवे प्रशासन को पत्र लिखकर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
पत्र में उन्होंने कहा है कि ट्रेनों में सामान्य श्रेणी के यात्रियों को प्लेटफाॅर्म पर होने वाली असुविधा को दूर करने के रेल प्रशासन ने पावर कार और एसी या स्लीपर कोचों के बीच में (यानी दोनों तरफ) जनरल कोच जोड़ दिए। इस वजह से भीषण गर्मी में ट्रेनों का पूरा विद्युत और एसी संचालन तंत्र प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि ट्रेनों में बिजली आपूर्ति, एसी और डीजी सेट के संचालन की पूरी जिम्मेदारी ऑन-बोर्ड इलेक्ट्रिक स्टाफ की होती है। कोचों की पावर सप्लाई का मुख्य कंट्रोल पैनल और डीजी सेट दोनों पावर कार में ही स्थित होते हैं।
उन्होंने बताया कि चलती ट्रेन में यदि कोई फॉल्ट होता है और पावर कार के स्टाफ से फोन पर संपर्क नहीं हो पाता तो सप्लाई काटने या चालू करने के लिए स्टाफ का मौके पर पहुंचना जरूरी होता है। बीच में जनरल कोच लग जाने की वजह से, इलेक्ट्रिक स्टाफ के लिए एसी कोच से जनरल कोच को पार करके पावर कार तक पहुंचना असंभव हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पत्र में उन्होंने कहा है कि ट्रेनों में सामान्य श्रेणी के यात्रियों को प्लेटफाॅर्म पर होने वाली असुविधा को दूर करने के रेल प्रशासन ने पावर कार और एसी या स्लीपर कोचों के बीच में (यानी दोनों तरफ) जनरल कोच जोड़ दिए। इस वजह से भीषण गर्मी में ट्रेनों का पूरा विद्युत और एसी संचालन तंत्र प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि ट्रेनों में बिजली आपूर्ति, एसी और डीजी सेट के संचालन की पूरी जिम्मेदारी ऑन-बोर्ड इलेक्ट्रिक स्टाफ की होती है। कोचों की पावर सप्लाई का मुख्य कंट्रोल पैनल और डीजी सेट दोनों पावर कार में ही स्थित होते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि चलती ट्रेन में यदि कोई फॉल्ट होता है और पावर कार के स्टाफ से फोन पर संपर्क नहीं हो पाता तो सप्लाई काटने या चालू करने के लिए स्टाफ का मौके पर पहुंचना जरूरी होता है। बीच में जनरल कोच लग जाने की वजह से, इलेक्ट्रिक स्टाफ के लिए एसी कोच से जनरल कोच को पार करके पावर कार तक पहुंचना असंभव हो गया है।
विज्ञापन