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पहली बार गोरखपुर पहुंचा देश का सबसे शक्तिशाली लोकोमोटिव, ड्राइवर के लिए है इसमें खास सुविधा
Tue, 08 Sep 2020 11:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2020 11:06 AM IST
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माल लेकर पहली बार गोरखपुर पहुंचा देश का सबसे पावरफुल इंजन।
- फोटो : अमर उजाला।
देश का सबसे शक्तिशाली इलेक्ट्रिक रेल इंजन (लोकोमोटिव) डब्ल्यूएजी-12 भरी हुई मालगाड़ी को लेकर सोमवार को पहली बार गोरखपुर जंक्शन पहुंचा। इसे मेक इन इंडिया के तहत मधेपुरा स्थित लोकोमोटिव फैक्ट्री में बनाया गया है।
मालगाड़ियों के संचलन में क्रांति लाने वाले इस इलेक्ट्रिक इंजन से भारी मालवाहक गाड़ियों का सुरक्षित एवं तेज तरीके से संचलन संभव है।
यह इलेक्ट्रिक इंजन 6000 टन का भार लेकर 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकता है। इस इंजन की क्षमता 12000 हॉर्सपॉवर है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि यह इलेक्ट्रिक इंजन (लोकोमोटिव) डबल कैब में उपलब्ध है। नवीनतम तकनीक पर आधारित है जो मालगाड़ी के संचलन को बहुत ही सुविधाजनक बनाती है।
कंप्यूटराइज्ड इंजन में ड्राइवर के लिए एसी कैब
पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड यह इलेक्ट्रिक इंजन इंसुलेटेड गेट बाइपोलर ट्रांजिस्टर (आईजीबीटी) प्रोपल्शन तकनीक से युक्त है। इस इंजन में लगे री-जेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम के उपयोग से ऊर्जा की खपत में काफी बचत होती है। इस लोकोमोटिव में लोको पायलट के लिए एसी कैब की व्यवस्था है तथा इंजन कंप्यूटराइज्ड होने के कारण लोको एवं लोको पायलट की कार्यदक्षता स्वत: बढ़ जाती है।
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मालगाड़ियों के संचलन में क्रांति लाने वाले इस इलेक्ट्रिक इंजन से भारी मालवाहक गाड़ियों का सुरक्षित एवं तेज तरीके से संचलन संभव है।
यह इलेक्ट्रिक इंजन 6000 टन का भार लेकर 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकता है। इस इंजन की क्षमता 12000 हॉर्सपॉवर है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि यह इलेक्ट्रिक इंजन (लोकोमोटिव) डबल कैब में उपलब्ध है। नवीनतम तकनीक पर आधारित है जो मालगाड़ी के संचलन को बहुत ही सुविधाजनक बनाती है।
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कंप्यूटराइज्ड इंजन में ड्राइवर के लिए एसी कैब
पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड यह इलेक्ट्रिक इंजन इंसुलेटेड गेट बाइपोलर ट्रांजिस्टर (आईजीबीटी) प्रोपल्शन तकनीक से युक्त है। इस इंजन में लगे री-जेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम के उपयोग से ऊर्जा की खपत में काफी बचत होती है। इस लोकोमोटिव में लोको पायलट के लिए एसी कैब की व्यवस्था है तथा इंजन कंप्यूटराइज्ड होने के कारण लोको एवं लोको पायलट की कार्यदक्षता स्वत: बढ़ जाती है।
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